औरैया में दो बहनों का बाल विवाह रोका गया, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की सूचना पर प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई

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औरैया में दो बहनों का बाल विवाह रोका गया, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की सूचना पर प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई

सारांश

औरैया में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की एक सूचना ने दो बहनों की ज़िंदगी बदल दी — एक महज़ 14 वर्ष 11 दिन की, दूसरे का होने वाला दूल्हा 17 वर्ष 4 माह का। योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति और मिशन शक्ति अभियान की ज़मीनी परीक्षा इस एक कार्रवाई में दिखी।

मुख्य बातें

औरैया जिले के थाना ऐरवाकटरा क्षेत्र में 19 मई को दो नाबालिग बहनों का बाल विवाह रोका गया।
एक बहन की आयु 14 वर्ष 11 दिन और दूसरे के होने वाले वर की उम्र 17 वर्ष 4 माह पाई गई — दोनों कानूनी विवाह आयु से कम।
सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के ज़रिए संरक्षण अधिकारी रीना चौहान को मिली, जिसके बाद संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई की।
दोनों विवाह बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत अवैध घोषित किए गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मिशन शक्ति अभियान के तहत बाल विवाह पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू है।

उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में प्रशासन, पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और बाल कल्याण समिति की संयुक्त कार्रवाई से दो नाबालिग बहनों का बाल विवाह 19 मई को समय रहते रोक दिया गया। थाना ऐरवाकटरा क्षेत्र के एक गाँव में होने वाले इस विवाह की सूचना हेल्पलाइन के ज़रिए मिलते ही संरक्षण अधिकारी रीना चौहान के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम मौके पर पहुँची और जाँच शुरू की।

मामले का घटनाक्रम

जाँच में सामने आया कि एक बहन की उम्र अभिलेखों में 18 वर्ष दर्ज थी, किंतु जिस लड़के से उसका विवाह तय था, उसकी आयु 17 वर्ष 4 माह पाई गई। दूसरी बहन की उम्र मात्र 14 वर्ष 11 दिन निकली। इस प्रकार दोनों विवाह बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अंतर्गत अवैध घोषित किए गए।

रेस्क्यू टीम ने परिजनों को कानून की विस्तृत जानकारी दी और स्पष्ट किया कि विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष होना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

सरकार की प्रतिक्रिया

महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक सी. इंदुमती ने बताया कि सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और बाल संरक्षण इकाइयों ने तत्काल हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा, 'हमारा उद्देश्य केवल बाल विवाह रोकना ही नहीं, बल्कि बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है।'

उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति निरंतर जागरूक किया जा रहा है और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के विरुद्ध समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं।

मुख्यमंत्री की नीति और प्रशासनिक सक्रियता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं कि बाल विवाह, महिला उत्पीड़न और बाल श्रम जैसी घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। इसी नीति का परिणाम है कि प्रशासनिक टीमें संवेदनशील मामलों में तत्काल कार्रवाई कर रही हैं।

गौरतलब है कि यह मामला उत्तर प्रदेश में बाल विवाह के विरुद्ध बढ़ती प्रशासनिक सजगता को दर्शाता है, जहाँ हेल्पलाइन-आधारित सूचना तंत्र ज़मीनी स्तर पर प्रभावी साबित हो रहा है।

आम जनता पर असर

इस कार्रवाई ने न केवल दो बेटियों के जीवन और शिक्षा के अधिकार को सुरक्षित किया, बल्कि ग्रामीण समाज में कानून के प्रति जागरूकता का भी संदेश दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि 1098 हेल्पलाइन जैसे सामुदायिक माध्यम बाल संरक्षण में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं, बशर्ते जागरूकता का दायरा और बढ़ाया जाए।

क्या होगा आगे

अधिकारियों के अनुसार, दोनों बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाल कल्याण समिति आगे की कार्रवाई करेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह की किसी भी सूचना पर त्वरित हस्तक्षेप जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे मामले हेल्पलाइन तक पहुँचते ही क्यों हैं — यानी सामुदायिक स्तर पर जागरूकता अभी भी अपर्याप्त है। मिशन शक्ति जैसे अभियान तब तक सीमित असर दिखाएंगे, जब तक ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की बुनियादी ज़रूरतें पूरी नहीं होतीं। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 दो दशक पुराना है, फिर भी उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में बाल विवाह की दर राष्ट्रीय औसत से ऊपर बनी हुई है — यह नीति और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई को उजागर करता है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

औरैया में बाल विवाह कैसे रुका?
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर मिली सूचना के आधार पर संरक्षण अधिकारी रीना चौहान के नेतृत्व में जिला प्रशासन, पुलिस और बाल कल्याण समिति की संयुक्त टीम मौके पर पहुँची और जाँच कर दोनों विवाह रुकवाए। जाँच में दोनों पक्षों की आयु कानूनी विवाह आयु से कम पाई गई।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार विवाह की न्यूनतम आयु क्या है?
इस अधिनियम के अंतर्गत लड़की की न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम आयु में किया गया विवाह कानूनन अवैध माना जाता है।
मिशन शक्ति अभियान क्या है और इसका बाल विवाह से क्या संबंध है?
मिशन शक्ति उत्तर प्रदेश सरकार का महिला एवं बालिका सुरक्षा अभियान है, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में चलाया जाता है। इसके तहत बाल विवाह, महिला उत्पीड़न और बाल श्रम जैसी कुप्रथाओं के विरुद्ध जागरूकता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर कब और कैसे संपर्क किया जा सकता है?
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एक निःशुल्क, चौबीसों घंटे उपलब्ध सेवा है जिस पर बच्चों से संबंधित किसी भी आपात स्थिति — जैसे बाल विवाह, बाल श्रम या उत्पीड़न — की सूचना दी जा सकती है। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारी तत्काल कार्रवाई करते हैं।
इस मामले में दोनों बहनों का आगे क्या होगा?
अधिकारियों के अनुसार बाल कल्याण समिति दोनों बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे की कार्रवाई करेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बेटियों के अधिकारों की रक्षा करना इस पूरी कार्रवाई का मूल उद्देश्य है।
राष्ट्र प्रेस
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