24 अगस्त 2026
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अयोध्या मछली भोज विवाद: कांग्रेस-सपा ने भाजपा की 'दोहरी नीति' पर कसा शिकंजा

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अयोध्या मछली भोज विवाद: कांग्रेस-सपा ने भाजपा की 'दोहरी नीति' पर कसा शिकंजा

सारांश

अयोध्या में निषाद समुदाय के एक सम्मेलन में कथित मछली भोज को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा के एसटी हसन ने भाजपा पर दोहरी नीति का आरोप लगाते हुए कहा — असली सवाल महंगाई का है, खान-पान का नहीं।

मुख्य बातें

अयोध्या में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के कार्यक्रम में कथित मछली भोज को लेकर राजनीतिक विवाद भड़का।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भाजपा पर राज्यवार 'अलग-अलग नीति' अपनाने का आरोप लगाया।
सपा के पूर्व सांसद एसटी हसन ने स्पष्ट किया कि विवादित कार्यक्रम निषाद समुदाय का सम्मेलन था, जिनकी आजीविका मछली व्यवसाय से जुड़ी है।
अजय राय ने मछली खाने के आरोप को खारिज करते हुए कहा — सबूत हो तो सामने लाएँ।
विपक्षी नेताओं ने इस विवाद को महंगाई जैसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।

अयोध्या में कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के एक कार्यक्रम के दौरान कथित मछली भोज को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। 24 अगस्त को सामने आए इस मामले में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर पलटवार करते हुए खान-पान की आदतों को राजनीतिक हथियार बनाने की प्रवृत्ति की कड़ी आलोचना की। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह विवाद महंगाई जैसे असली जन-मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है।

कांग्रेस सांसद का भाजपा पर सीधा हमला

सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भाजपा की 'दोहरी नीति' पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, 'आप बंगाल में पूरी मछली खा रहे थे। जहाँ भी चुनाव होता है, आप वहाँ के स्थानीय कपड़े पहनते हैं और नाटक करते हैं।' मसूद ने आरोप लगाया कि उत्तर भारत में एक नीति, दक्षिण भारत में दूसरी, गोवा में तीसरी और मेघालय में चौथी नीति अपनाई जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि देशभर में एकसमान रुख क्यों नहीं अपनाया जाता।

सपा नेता ने बताया — निषाद समुदाय का था कार्यक्रम

मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद एसटी हसन ने स्पष्ट किया कि जिस आयोजन को विवाद का केंद्र बनाया जा रहा है, वह निषाद समुदाय का सम्मेलन था। उन्होंने कहा कि निषाद समाज के बड़े वर्ग की आजीविका मछली पकड़ने, उसके व्यापार और बिक्री से जुड़ी है। उनके अनुसार, 'अगर निषाद समाज के लोगों ने मछली से जुड़ा कोई कार्यक्रम आयोजित किया, तो इसमें कोई अपराध नहीं है।'

अजय राय का खंडन — सबूत हो तो सामने लाएँ

एसटी हसन ने अजय राय के हवाले से कहा कि राय ने स्वयं स्पष्ट किया है कि यदि किसी के पास उन्हें मछली खाते दिखाने वाला कोई वीडियो या प्रमाण है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। हसन ने सवाल उठाया कि जब राय ने मछली खाई ही नहीं, तो उन पर इस तरह के आरोप लगाने का आधार क्या है। यह आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला ऐसे समय में तेज हुआ है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों के बीच सामाजिक समीकरण साधने की होड़ चल रही है।

असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप

एसटी हसन ने कहा कि राजनीतिक दलों को खान-पान और पहनावे जैसे मुद्दों पर विवाद खड़ा करने के बजाय महंगाई जैसे जन-सरोकार के सवालों पर बहस करनी चाहिए। उनके अनुसार, 'कौन क्या खाता है, क्या पहनता है — इन विषयों को बार-बार राजनीतिक बहस का केंद्र बनाना आम आदमी के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला है।' गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी नेता के खान-पान को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में तूफान उठा हो — ऐसे विवाद प्रायः चुनावी मौसम में या सामाजिक ध्रुवीकरण के दौर में उभरते हैं।

आगे क्या

फिलहाल भाजपा की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विपक्षी दलों के तेवर देखते हुए यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, खासकर तब जब उत्तर प्रदेश में निषाद समुदाय जैसे सामाजिक समूहों को लुभाने की राजनीतिक कोशिशें जारी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर यह भी सच है कि विपक्ष का यह पलटवार मूल विवाद को संबोधित करने से ज़्यादा प्रतिक्रियात्मक लगता है। महंगाई और रोज़गार जैसे मुद्दे जब तक बहस के केंद्र में नहीं आते, तब तक ऐसे प्रतीकात्मक विवाद राजनीतिक शोर में तब्दील होते रहेंगे।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या मछली भोज विवाद क्या है?
अयोध्या में कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर मछली परोसे जाने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ। सपा नेता एसटी हसन के अनुसार यह कार्यक्रम निषाद समुदाय का सम्मेलन था, जिनकी आजीविका मछली व्यवसाय से जुड़ी है।
अजय राय ने मछली खाने के आरोप पर क्या कहा?
अजय राय ने आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यदि किसी के पास उन्हें मछली खाते दिखाने वाला वीडियो या कोई प्रमाण है, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना सबूत के ऐसे आरोप निराधार हैं।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया?
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि भाजपा खुद बंगाल में मछली खाती है और चुनावी राज्यों में स्थानीय रंग-ढंग अपनाती है। उन्होंने भाजपा पर उत्तर भारत, दक्षिण भारत, गोवा और मेघालय में अलग-अलग नीति अपनाने का आरोप लगाया।
निषाद समुदाय का इस विवाद से क्या संबंध है?
सपा के पूर्व सांसद एसटी हसन ने बताया कि विवादित आयोजन निषाद समुदाय का सम्मेलन था। निषाद समाज के बड़े वर्ग की आजीविका मछली पकड़ने और उसके व्यापार से जुड़ी है, इसलिए ऐसे कार्यक्रम में मछली की उपस्थिति स्वाभाविक है।
विपक्षी नेताओं ने इस विवाद को क्यों 'ध्यान भटकाने वाला' बताया?
एसटी हसन और इमरान मसूद दोनों ने कहा कि खान-पान और पहनावे को राजनीतिक मुद्दा बनाना महंगाई जैसे असली जन-सरोकारों से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश है। उनका तर्क है कि राजनीतिक दलों को इन प्रतीकात्मक विवादों की बजाय आम आदमी की समस्याओं पर बहस करनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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