अयोध्या एनकाउंटर: ₹1.90 लाख इनामी भानु प्रताप सिंह एसटीएफ मुठभेड़ में ढेर, 40 मुकदमे थे दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने 8 जून की रात अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र में ऐमी घाट पुल के पास एक कुख्यात अपराधी को मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिसकी बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मारे गए अपराधी की पहचान भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू के रूप में हुई है, जिस पर कुल ₹1.90 लाख का इनाम घोषित था और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में उसके खिलाफ करीब 40 गंभीर मुकदमे दर्ज थे।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
एसटीएफ के अनुसार, रात करीब 11 बजे टीम ने भानु प्रताप सिंह की घेराबंदी की। वह मोटरसाइकिल से फरार होने की कोशिश कर रहा था। भागने के दौरान उसने एसटीएफ दल पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
अपराधी की पृष्ठभूमि
भानु प्रताप सिंह मूलतः गोरखपुर जिले के थाना बेलघाट क्षेत्र के विधनापार गाँव का रहने वाला था। वह लंबे समय से फरार चल रहा था। एसटीएफ के अनुसार, उस पर अलग-अलग जिलों की पुलिस ने अलग-अलग इनाम घोषित किए थे — आजमगढ़ पुलिस ने ₹1 लाख, अंबेडकरनगर पुलिस ने ₹50,000, गोरखपुर पुलिस ने ₹25,000 और बस्ती पुलिस ने ₹15,000 का इनाम रखा था। इस तरह कुल इनाम राशि ₹1.90 लाख बनती थी।
सीतापुर में भी बड़ी कार्रवाई
इसी बीच, सीतापुर में पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान योगेंद्र चौहान और धर्मराज के रूप में हुई। उनके कब्जे से ऑडी व सियाज कार समेत करीब ₹77 लाख की चोरी का माल बरामद किया गया।
एएसपी दक्षिणी दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी योगेंद्र थाना सदरपुर का मजारिया हिस्ट्रीशीटर है और थाना महमूदाबाद पर पंजीकृत एक मुकदमे में वांछित अभियुक्त भी है। उसके विरुद्ध जनपद के विभिन्न थानों में पहले से करीब दो दर्जन से अधिक गंभीर अपराधों में मुकदमे दर्ज हैं।
पूछताछ में हुए खुलासे
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने करीब 15-20 दिन पहले ग्राम अलबदा के एक घर का ताला तोड़कर जेवरात चुराए थे। इसके अलावा 10-12 दिन पहले मनवा गाँव के एक घर से ₹15,000 नकद और पायल की चोरी की थी। गिरफ्तारी के समय वे बची हुई ज्वेलरी बेचने के लिए चोरी-छिपे लखनऊ जा रहे थे। वारदातों को अंजाम देने के लिए वे लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल करते थे।
आगे की कार्रवाई
एसटीएफ ने बताया कि भानु प्रताप सिंह एनकाउंटर मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। सीतापुर में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है और बरामद माल की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश पुलिस संगठित अपराध पर लगातार शिकंजा कसती आ रही है।