आयुष मलिक धर्मांतरण मामला: गठवाला खाप प्रमुख राजेंद्र मलिक का दावा, 15 दिनों में होगी घर वापसी
सारांश
मुख्य बातें
शामली के चर्चित आयुष मलिक धर्मांतरण मामले में गठवाला खाप के प्रमुख बाबा राजेंद्र मलिक ने 14 जून 2026 को दावा किया कि आयुष 10 से 15 दिनों के भीतर अपने परिवार के पास लौट आएगा। उन्होंने कहा कि खाप की ओर से इस मामले में सक्रिय रूप से बातचीत की गई है और आश्वासन मिला है कि आयुष पूरी तरह ठीक है।
खाप की भूमिका और बातचीत का सिलसिला
राजेंद्र मलिक ने बताया कि गठवाला खाप ने इस मामले में आयुष के पिता और समाज के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयुष से सीधी मुलाकात अभी तक नहीं हुई है, लेकिन खाप से जुड़े कुछ लोग उसके पिता से मिलने गए थे और वापस आकर स्थिति की जानकारी दी। मलिक ने कहा, हरिद्वार में एक शिविर के कारण इस मामले में थोड़ी देरी हुई, अन्यथा खाप पहले ही सक्रिय हो जाती।
ब्रेनवॉश की आशंका और घर वापसी का भरोसा
राजेंद्र मलिक ने कहा कि यदि आयुष का ब्रेनवॉश किया गया है, तो वह ठीक हो जाएगा। उन्होंने कहा, 'आयुष हमारा बच्चा है; वह वापस आ जाएगा — कोई परेशानी की बात नहीं है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि कल उन्हें आश्वासन दिया गया कि आयुष 10 से 15 दिनों में अपने घर लौट आएगा।
चांदनी कुरैशी मामले में कार्रवाई
चांदनी कुरैशी और उसके पिता के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर राजेंद्र मलिक ने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, प्रशासन उसके खिलाफ कदम उठाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ गिरफ्तारियाँ पहले ही हो चुकी हैं और जिनके नाम एफआईआर में दर्ज होंगे, उनकी भी गिरफ्तारी की जाएगी।
ऐतिहासिक संदर्भ और खाप का रुख
राजेंद्र मलिक ने यह भी कहा कि मुसलमानों के शासनकाल में पहले भी धर्मांतरण की घटनाएँ होती रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मामले को खाप की राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए और यह मुख्यतः एक पारिवारिक और सामाजिक मसला है। गौरतलब है कि शामली का यह मामला पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर चल रही व्यापक बहस के बीच सामने आया है।
आगे क्या होगा
खाप प्रमुख के बयान के अनुसार, आने वाले दिनों में आयुष की घर वापसी की संभावना है। प्रशासनिक स्तर पर मामले में दर्ज नामों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहने की बात कही गई है। यह देखना अहम होगा कि खाप और परिवार के प्रयास किस हद तक कारगर साबित होते हैं।