बाबा रामदेव का बयान: भारत के सभी मुसलमान धर्म-परिवर्तित, राम-कृष्ण हैं उनके पूर्वज
सारांश
मुख्य बातें
योग गुरु बाबा रामदेव ने बुधवार, 30 सितंबर 2026 को मथुरा में कहा कि भारत के सभी मुसलमान धर्म-परिवर्तित हैं और उन्हें ताकत व एकता हासिल करने के लिए भगवान राम और भगवान कृष्ण को अपने पूर्वज के रूप में स्वीकार करना चाहिए। उनका यह बयान ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान के बाद आया, जिसमें ओवैसी ने कहा था कि कोई भी राजनीतिक दल मुसलमानों की स्वतंत्र राजनीतिक पहचान नहीं चाहता।
रामदेव ने क्या कहा
बाबा रामदेव ने कहा, 'मैं अपने सभी मुस्लिम भाइयों से अपील करता हूँ कि वे समझें कि हमारे प्राचीन ऋषि-मुनि उनके भी पूर्वज हैं, भगवान राम और भगवान कृष्ण भी उनके पूर्वज हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि अगर मुसलमान अपनी जड़ों से जुड़ेंगे, तो कभी खुद को कमज़ोर महसूस नहीं करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत में हर मुसलमान धर्म बदलकर मुसलमान बना है। रामदेव के अनुसार, 'अगर हिंदू और मुसलमान एकता के साथ रहेंगे, तो वे खुद भी मज़बूत होंगे और देश भी मज़बूत होगा।'
ओवैसी की टिप्पणी का संदर्भ
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इससे पहले आरोप लगाया था कि भारत में कोई भी राजनीतिक पार्टी नहीं चाहती कि मुसलमानों की अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान हो और समुदाय को महज़ वोट बैंक बना दिया गया है। रामदेव का यह बयान उसी पृष्ठभूमि में आया है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी सार्वजनिक हस्ती ने मुस्लिम समुदाय की धार्मिक जड़ों को लेकर इस तरह की बात कही हो।
भाजपा नेता का समान बयान
इस वर्ष की शुरुआत में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने भी इसी तरह का बयान दिया था। सिद्दीकी ने कहा था कि जो मुसलमान राम और कृष्ण में विश्वास नहीं करते, उन्हें मुसलमान नहीं कहा जा सकता, और यह भी कि इन सम्मानित हस्तियों का इस्लामी आध्यात्मिक परंपरा में भी स्थान हो सकता है। एक इंटरव्यू में BJP नेता ने कहा था कि सभी मुसलमान भगवान राम के वंशज हैं।
तेलंगाना मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
बाबा रामदेव ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की ओर से भगवान शिव और भगवान राम को लेकर की गई टिप्पणियों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जाति, वर्ग और समुदाय के आधार पर सनातन धर्म में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं, यह दावा करते हुए कि भगवान राम अमीरों के देवता हैं और भगवान शिव गरीबों के देवता।
रामदेव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'भगवान राम, श्री कृष्ण, हनुमान, भगवान शिव, उमा-महेश्वर, लक्ष्मी-नारायण, सीता-राम, राधा-कृष्ण या रुक्मिणी-कृष्ण के बीच कोई अंतर नहीं है।' उनके अनुसार जो लोग ऐसी बाँटने वाली सोच रखते हैं, वे सनातन के विरोधी हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में धार्मिक पहचान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर बहस तेज़ हो रही है।