1 अक्टूबर 2026
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बाबा रामदेव के धर्मांतरण बयान पर अयोध्या के संतों का समर्थन, कहा- भारतीय मुसलमानों की जड़ें सनातन से

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बाबा रामदेव के धर्मांतरण बयान पर अयोध्या के संतों का समर्थन, कहा- भारतीय मुसलमानों की जड़ें सनातन से

सारांश

बाबा रामदेव के 'भारतीय मुसलमान धर्मांतरित हिंदू हैं' वाले बयान पर अयोध्या के संतों ने मुहर लगाई है। अनिरुद्ध देव जी, वरुण दास जी और परमेश्वर दास जी ने सांस्कृतिक जड़ों और ऐतिहासिक धर्मांतरण का हवाला दिया, जबकि पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने 70-80% के दावे के साथ समर्थन किया।

मुख्य बातें

बाबा रामदेव के भारतीय मुसलमानों को धर्मांतरित बताने वाले बयान पर अयोध्या के संतों ने समर्थन जताया।
अनिरुद्ध देव जी महाराज ने कहा कि कई मुस्लिम परिवारों के पूर्वजों ने अतीत में धर्म परिवर्तन किया था।
संत वरुण दास जी ने लोगों से सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौटने और राम-कृष्ण की उपासना अपनाने की अपील की।
स्वामी परमेश्वर दास जी ने असदुद्दीन ओवैसी के पूर्वजों को हिंदू बताते हुए इसे ऐतिहासिक संदर्भ कहा।
भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि मुस्लिम समाज में 70-80% लोग हिंदू समाज से धर्मांतरित हुए हैं — यह दावा स्वतंत्र रूप से असत्यापित है।

योग गुरु बाबा रामदेव के उस बयान पर अयोध्या के संतों ने समर्थन जताया है, जिसमें उन्होंने भारत में रहने वाले मुसलमानों को धर्मांतरित हिंदू बताया था। 1 अक्टूबर 2026 को अयोध्या में विभिन्न संतों ने भारतीय मुसलमानों के पूर्वजों, सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक धर्मांतरण पर अपने-अपने विचार सामने रखे। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब देश में धार्मिक पहचान और इतिहास से जुड़ी बहसें तेज़ हो रही हैं।

संतों की प्रतिक्रियाएँ

अनिरुद्ध देव जी महाराज ने कहा कि भारत में रहने वाले लोगों की जड़ें किसी न किसी रूप में सनातन परंपरा से जुड़ी होने की बात कही जाती रही है। उनके अनुसार, कई मुस्लिम परिवारों के पूर्वजों ने अतीत में धर्म परिवर्तन किया था, और यदि कोई अपनी पुरानी सांस्कृतिक पहचान की ओर लौटना चाहे तो इसे सकारात्मक दृष्टि से देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि वापसी के बाद किसी प्रकार का सामाजिक विरोधाभास उत्पन्न नहीं होना चाहिए।

संत वरुण दास जी महाराज ने कहा कि सभी लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौटने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने मुस्लिम समाज के कई नामों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उनकी पूर्व पीढ़ियाँ हिंदू थीं, और लोगों से अपने पूर्वजों की परंपराओं को अपनाने तथा राम-कृष्ण की उपासना करने की अपील की।

ओवैसी के बयानों का संदर्भ

स्वामी परमेश्वर दास जी महाराज ने बाबा रामदेव के बयान की पृष्ठभूमि में असदुद्दीन ओवैसी के बयानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक बहस में कई बार तीखी टिप्पणियाँ सामने आती हैं और उनके जवाब में प्रतिक्रियाएँ भी आती हैं। उन्होंने ओवैसी के पूर्वजों को हिंदू बताते हुए इसे ऐतिहासिक संदर्भ के रूप में प्रस्तुत किया।

बृजभूषण शरण सिंह का समर्थन

भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी बाबा रामदेव के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि वह पहले भी यह कह चुके हैं कि मुस्लिम समाज के एक बड़े वर्ग के पूर्वज हिंदू समाज से जुड़े थे। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समाज में 70-80 प्रतिशत लोग हिंदू समाज से धर्मांतरित हुए हैं — हालाँकि इस दावे का कोई स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है।

व्यापक संदर्भ और असर

गौरतलब है कि बाबा रामदेव के ऐसे बयान पहले भी विवाद का कारण बन चुके हैं। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकार के बयान सामाजिक सद्भाव के लिए चुनौती खड़ी कर सकते हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब 'घर वापसी' जैसे मुद्दे राष्ट्रीय विमर्श में फिर से उभरे हैं। संतों के समर्थन से यह बहस और अधिक व्यापक होने की संभावना है।

आने वाले दिनों में इस बयान पर अन्य धार्मिक और राजनीतिक समूहों की प्रतिक्रियाएँ भी अपेक्षित हैं, जो इस विमर्श को और गहरा कर सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और बृजभूषण शरण सिंह का '70-80 प्रतिशत' का आँकड़ा इसका उदाहरण है। मुख्यधारा की कवरेज इन बयानों को अकेले रिपोर्ट कर देती है, लेकिन यह शायद ही पूछती है कि इस प्रकार की सार्वजनिक अभिव्यक्ति का सामाजिक सद्भाव पर क्या प्रत्यक्ष असर पड़ता है। जब बड़े सार्वजनिक चेहरे बिना प्रमाण के समुदाय-विशेष की पहचान को पुनर्परिभाषित करने की कोशिश करते हैं, तो जवाबदेही तय करने की ज़िम्मेदारी मीडिया और नागरिक समाज दोनों की बनती है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाबा रामदेव ने मुसलमानों के बारे में क्या बयान दिया था?
बाबा रामदेव ने कथित तौर पर कहा था कि भारत में रहने वाले मुसलमान मूल रूप से धर्मांतरित हिंदू हैं। इस बयान पर अयोध्या के संतों ने समर्थन जताते हुए ऐतिहासिक धर्मांतरण और सांस्कृतिक जड़ों का हवाला दिया।
अयोध्या के किन संतों ने रामदेव के बयान का समर्थन किया?
अनिरुद्ध देव जी महाराज, संत वरुण दास जी महाराज और स्वामी परमेश्वर दास जी महाराज ने बयान का समर्थन किया। इनके अलावा भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी इस दावे की पुष्टि की।
बृजभूषण शरण सिंह ने क्या दावा किया?
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया कि मुस्लिम समाज में 70-80 प्रतिशत लोग हिंदू समाज से धर्मांतरित हुए हैं। यह दावा किसी स्वतंत्र शोध या सरकारी आँकड़े पर आधारित नहीं बताया गया है।
इस विवाद में ओवैसी का नाम क्यों आया?
स्वामी परमेश्वर दास जी महाराज ने असदुद्दीन ओवैसी के पूर्वजों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके पूर्वज हिंदू थे और बाद में मुस्लिम परंपरा में आए। उन्होंने इसे ऐतिहासिक संदर्भ के तौर पर प्रस्तुत किया।
यह विवाद किस बड़े सामाजिक संदर्भ से जुड़ा है?
यह विवाद 'घर वापसी' जैसे मुद्दों से जुड़ी उस बहस का हिस्सा है जो भारत में समय-समय पर उठती रही है। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकार के बयान धार्मिक सौहार्द के लिए चुनौती पैदा कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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