पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि पर टीएमसी सांसद बाबुल सुप्रियो का भाजपा पर तीखा हमला, 'डबल इंजन के वादे खोखले'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद बाबुल सुप्रियो ने 25 मई को कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें घटाने का जो वादा किया था, वह अब खोखला साबित हो रहा है। कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बावजूद एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए जाने को उन्होंने भाजपा की कथनी और करनी के बीच की गहरी खाई बताया।
मुख्य घटनाक्रम
सुप्रियो ने कहा कि जब सुवेंदु अधिकारी विपक्ष में थे, तब उन्होंने भी यह दावा किया था कि डबल इंजन सरकार बनने पर पेट्रोल सस्ता होगा। लेकिन अब स्थिति यह है कि दिल्ली और बंगाल में पेट्रोल की कीमतों में ₹11 से अधिक का अंतर है। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव के बाद ईंधन की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में क्रूड ऑयल सस्ता हुआ है।
सुप्रियो ने कहा, 'मैं लोगों की तरफ से सख्ती से कहना चाहता हूँ कि अपने वादों से मुकर मत जाइए। पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर कुछ न कुछ करना चाहिए।'
डिटेंशन सेंटर और मतदाता सूची पर प्रहार
बाबुल सुप्रियो ने मतदाता सूची से 27 लाख नाम हटाए जाने के मुद्दे पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार यह बताए कि हटाए गए नामों में से कितने बांग्लादेशी या रोहिंग्या थे। साथ ही उन्होंने 'होल्डिंग सेंटर' नाम को महज़ एक नामकरण बदलाव बताते हुए कहा कि यह वास्तव में 'डिटेंशन सेंटर' ही है।
काकोली घोष दस्तीदार की बात — पार्टी निष्ठा और सुरक्षा
टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि वे 40 वर्षों से पार्टी में हैं — उन दिनों से जब पार्टी सत्ता में नहीं थी और कार्यकर्ताओं पर हमले होते थे। उन्होंने कहा कि जो लोग अच्छे समय में पार्टी से जुड़े, उन्होंने मेहनत नहीं की; उन्होंने खुद कड़ी मेहनत से पार्टी को आगे बढ़ाया।
केंद्र सरकार द्वारा दी गई सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब किसी के घर पर हमला हो और संपत्ति छीनने की धमकी मिले, तो सुरक्षा प्रदान करना राज्य का कर्तव्य बन जाता है।
आरजीकर मामला और भ्रष्टाचार के सवाल
आरजीकर मामले पर घोष दस्तीदार ने कहा कि यह मामला पुनः खुल गया है और वर्तमान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी इसे देख रहे हैं। उन्होंने किसी विचाराधीन मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया। पश्चिम बंगाल में पंचायत और पार्षद स्तर पर भ्रष्टाचार की बात स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि मतदाताओं की नाराज़गी इसी का संकेत है।
चुनावी नतीजे और इस्तीफा
घोष दस्तीदार ने बताया कि अपने क्षेत्र की 7 में से 5 सीटें हारने के बाद उन्होंने जिला पदाधिकारी पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने चुनावी एजेंसी के काम करने के तरीके को गलत ठहराया और कहा कि हज़ार कोशिशों के बावजूद यह नतीजा उनके लिए बेहद दुखद रहा। आगे की राजनीतिक दिशा अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन उनका रुख पार्टी के भीतर जवाबदेही की माँग का संकेत देता है।