पेट्रोल-डीजल में 10 दिनों में चौथी बढ़ोतरी; बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी बोले — 'यह वैश्विक संकट का दबाव'
सारांश
मुख्य बातें
पटना में सोमवार, 25 मई को बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर केंद्र सरकार का बचाव करते हुए कहा कि यह वैश्विक ऊर्जा संकट का प्रत्यक्ष परिणाम है, जिससे केवल भारत नहीं बल्कि पूरा विश्व प्रभावित हो रहा है। उनका यह बयान उस दिन आया जब तेल कंपनियों ने पेट्रोल में ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की — पिछले 10 दिनों में यह चौथी वृद्धि है।
उपमुख्यमंत्री का तर्क: संकट वैश्विक, नियंत्रण सरकारी
मीडिया से बातचीत में चौधरी ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य में वृद्धि 'समय का दबाव' है। उन्होंने तर्क दिया कि जितना बड़ा अंतरराष्ट्रीय संकट है, उस अनुपात में भारत में कीमतें नहीं बढ़ी हैं। उनके अनुसार, 'यह सरकार की सफलता ही है कि उसे नियंत्रित कर मूल्यों में बहुत कम इज़ाफा हो रहा है।' उन्होंने इसे केंद्र सरकार की आर्थिक नीति का परिणाम बताया।
विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सरकार के इस तर्क को सिरे से खारिज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव चल रहे थे, तब कीमतें स्थिर रखी गईं और चुनाव समाप्त होते ही बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हो गया। यादव ने कहा कि चुनाव के दौरान सरकार 'पर्याप्त भंडार' की बात करती थी, लेकिन परिणाम आते ही आम जनता पर महंगाई की मार पड़ने लगी।
आम जनता पर असर
लगातार चार बार की बढ़ोतरी ने रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर सीधा असर डाला है। परिवहन लागत बढ़ने से सब्जियों और ज़रूरी वस्तुओं के दाम भी ऊपर जाने की आशंका है। आलोचकों का कहना है कि निम्न और मध्यम वर्ग के परिवार इस महंगाई की सबसे बड़ी मार झेल रहे हैं, क्योंकि उनकी आय में उसी अनुपात में वृद्धि नहीं हुई है।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब देश में मुद्रास्फीति पहले से ही चिंता का विषय बनी हुई है। गौरतलब है कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर थोक और खुदरा महंगाई दोनों पर पड़ता है। राजद के आरोप — कि चुनावी कैलेंडर के हिसाब से कीमतें तय की जाती हैं — पहली बार नहीं लगाए जा रहे; विपक्ष पहले भी इस पैटर्न की ओर इशारा करता रहा है।
आगे क्या
फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से कीमतों में कटौती या राहत पैकेज की कोई घोषणा नहीं हुई है। यदि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम ऊँचे बने रहे, तो आने वाले हफ्तों में और बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता।