15 अक्टूबर 2026
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पेपर लीक केस में जेल में बंद बाबूलाल कटारा का RPSC सदस्य पद का कार्यकाल समाप्त, बर्खास्तगी अधूरी रही

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पेपर लीक केस में जेल में बंद बाबूलाल कटारा का RPSC सदस्य पद का कार्यकाल समाप्त, बर्खास्तगी अधूरी रही

सारांश

राजस्थान में पेपर लीक कांड के आरोपी और निलंबित RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा का कार्यकाल जेल में ही खत्म हो गया। राज्य सरकार उन्हें हटाने की सिफारिश राष्ट्रपति को भेज चुकी थी, लेकिन संवैधानिक प्रक्रिया समय पर पूरी न हो सकी। आयोग में अब चार पद रिक्त हैं।

मुख्य बातें

बाबूलाल कटारा का RPSC सदस्य पद का कार्यकाल 15 अक्टूबर 2026 को जेल में रहते हुए समाप्त हुआ।
SOG ने 18 अप्रैल 2023 को कटारा को सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा 2022 के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया था।
बाद में उन्हें पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 पेपर लीक केस से भी जोड़ा गया।
राज्य सरकार ने राष्ट्रपति को बर्खास्तगी की सिफारिश भेजी थी, पर अनुच्छेद 317 के तहत प्रक्रिया कार्यकाल समाप्त होने से पहले पूरी नहीं हो सकी।
RPSC में रिक्त पदों की संख्या अब चार हो गई है; जून 2026 से कोई स्थायी अध्यक्ष नहीं है।

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा का कार्यकाल 15 अक्टूबर 2026 को जेल में रहते हुए ही समाप्त हो गया। सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा 2022 सहित कई पेपर लीक मामलों में आरोपी कटारा को पद से औपचारिक रूप से बर्खास्त करने की प्रक्रिया उनका कार्यकाल खत्म होने से पहले पूरी नहीं हो सकी, जिससे राज्य सरकार की यह कोशिश अधूरी रह गई।

मुख्य घटनाक्रम

स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने 18 अप्रैल 2023 को बाबूलाल कटारा, आयोग के बर्खास्त ड्राइवर गोपाल सिंह और विजय कटारा को सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा 2022 के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद जाँचकर्ताओं ने उन्हें पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 के पेपर लीक मामले से भी जोड़ा।

जनवरी 2024 में तत्कालीन राज्यपाल कलराज मिश्र ने कटारा को निलंबित कर दिया था। इसके अतिरिक्त, एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने उनकी संपत्तियों की भी जाँच की थी।

बर्खास्तगी प्रक्रिया क्यों अधूरी रही

आरपीएससी से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, राष्ट्रपति तय आधारों — जैसे अयोग्यता, दिवालियापन, या शारीरिक-मानसिक अक्षमता — पर आयोग के अध्यक्ष या सदस्य को पद से हटा सकते हैं। संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत गलत व्यवहार के आरोप में सर्वोच्च न्यायालय से जाँच कराने का भी प्रावधान है।

राज्य सरकार ने कटारा को हटाने की सिफारिश राष्ट्रपति के पास भेजी थी, परंतु यह प्रक्रिया उनके कार्यकाल समाप्त होने से पहले पूरी नहीं हो सकी। इस प्रकार बर्खास्तगी का कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं हुआ और कार्यकाल स्वतः समाप्त हो गया।

RPSC में रिक्त पदों की स्थिति

बुधवार को कटारा के कार्यकाल की समाप्ति के साथ ही RPSC में रिक्त सदस्य पदों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। गौरतलब है कि जून 2026 से आयोग में कोई स्थायी अध्यक्ष नहीं है। फिलहाल सदस्य लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह के पास अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार है।

आयोग के कार्यरत सदस्यों में प्रोफेसर अयूब खान, हेमंत प्रियदर्शी, प्रोफेसर दीपक शर्मा, प्रोफेसर सुशील बिसू और प्रोफेसर संतोष आनंद शामिल हैं।

आम जनता और भर्ती प्रक्रिया पर असर

रिक्त पदों की बढ़ती संख्या आयोग की प्रशासनिक क्षमता पर सवाल खड़े कर रही है। राजस्थान में पहले से ही पेपर लीक मामलों से प्रभावित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के लंबित मामलों की प्रगति पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में युवाओं के बीच सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पहले से ही चुनौती में है।

आगे क्या होगा

कटारा के विरुद्ध न्यायिक कार्यवाही अभी भी जारी है, क्योंकि पेपर लीक मामलों में उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा चल रहा है। राज्य सरकार के सामने अब RPSC में रिक्त पदों को भरने और आयोग की कार्यक्षमता बहाल करने की चुनौती है, ताकि भर्ती परीक्षाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

कार्यकाल स्वतः समाप्त हो जाता है और जवाबदेही अधर में रह जाती है। RPSC में चार रिक्त पदों और बिना स्थायी अध्यक्ष के आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाबूलाल कटारा कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
बाबूलाल कटारा राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के निलंबित सदस्य हैं, जिन्हें SOG ने 18 अप्रैल 2023 को सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा 2022 के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 के पेपर लीक केस से भी जोड़ा गया और ACB ने उनकी संपत्ति की जाँच भी की।
कटारा को RPSC से बर्खास्त क्यों नहीं किया जा सका?
संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत किसी RPSC सदस्य को गलत व्यवहार के आधार पर हटाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जाँच और राष्ट्रपति के आदेश की लंबी प्रक्रिया अनिवार्य है। राज्य सरकार ने राष्ट्रपति को सिफारिश भेजी थी, लेकिन यह प्रक्रिया कटारा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले पूरी नहीं हो सकी।
कटारा के जाने के बाद RPSC की स्थिति क्या है?
कटारा के कार्यकाल समाप्त होने से RPSC में रिक्त सदस्य पदों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। जून 2026 से आयोग में कोई स्थायी अध्यक्ष नहीं है और सदस्य लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं।
RPSC सदस्य को पद से हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया क्या है?
संविधान के अनुच्छेद 317 के अनुसार, राष्ट्रपति अयोग्यता, दिवालियापन या शारीरिक-मानसिक अक्षमता जैसे आधारों पर RPSC के अध्यक्ष या सदस्य को हटा सकते हैं। गलत व्यवहार के मामले में पहले सर्वोच्च न्यायालय से जाँच कराना अनिवार्य है, जिसके बाद ही राष्ट्रपति बर्खास्तगी का आदेश दे सकते हैं।
राजस्थान पेपर लीक मामलों का भर्ती प्रक्रिया पर क्या असर पड़ा है?
सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा 2022 और पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 समेत कई परीक्षाओं के पेपर लीक होने से राजस्थान में सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गहरा प्रश्नचिह्न लगा है। RPSC में बढ़ते रिक्त पदों से लंबित भर्ती मामलों की प्रगति और आयोग की प्रशासनिक क्षमता प्रभावित होने की आशंका है।
राष्ट्र प्रेस
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