एमपीएससी पेपर लीक विवाद: सतीश वाघोले को अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार, सौरभ कटियार बने सचिव
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार ने 16 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के सदस्य सतीश बबन वाघोले को आयोग के अध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। यह कदम एमपीएससी पेपर लीक विवाद के बीच मौजूदा अध्यक्ष विवेक भीमन्वार के छुट्टी पर जाने के बाद उठाया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार, मुंबई उपनगर के जिला कलेक्टर सौरभ कटियार (आईएएस) को एमपीएससी सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
नियुक्तियों की पृष्ठभूमि
राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि एमपीएससी सदस्य सतीश वाघोले अध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे। इसके साथ ही, सौरभ कटियार को एमपीएससी सचिव की जिम्मेदारी दी गई है, जो पहले मुंबई उपनगर के जिला कलेक्टर के रूप में कार्यरत थे। गौरतलब है कि इससे पहले पिछले सचिव महेंद्र हरपालकर का तबादला कर दिया गया था।
पेपर लीक विवाद और जांच समिति
महाराष्ट्र सरकार ने एमपीएससी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति दिलीप भोसले की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय जांच समिति के गठन की घोषणा की है। इस समिति को जांच पूरी करने के लिए दो महीने का समय दिया गया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद जांच समिति के लिए अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके पश्चात समिति अपना काम औपचारिक रूप से शुरू करेगी।
इसी जांच प्रक्रिया की घोषणा के बाद अध्यक्ष विवेक भीमन्वार छुट्टी पर चले गए, जिससे पद रिक्त हो गया। भीमन्वार ने कहा है कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में सदैव नैतिकता को प्राथमिकता दी है।
छात्रों का विरोध-प्रदर्शन
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने पुणे में लगातार 11 दिनों तक जोरदार प्रदर्शन किए। छात्रों ने हाल ही में आयोजित परीक्षाओं में पेपर लीक के गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों की मुख्य माँगें थीं — मामले की निष्पक्ष और गहन जांच, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, और एमपीएससी के शीर्ष नेतृत्व का तत्काल इस्तीफा।
आम जनता पर असर
एमपीएससी महाराष्ट्र में राज्य सिविल सेवाओं की भर्ती के लिए सबसे महत्वपूर्ण संस्था है। पेपर लीक के आरोपों ने लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य और आयोग की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में धाँधली के मामलों को लेकर जनाक्रोश बढ़ रहा है।
क्या होगा आगे
जांच समिति की रिपोर्ट और उसके बाद सरकारी निर्णय में लगने वाले समय को देखते हुए, अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था फिलहाल अनिश्चित काल के लिए जारी रहेगी। सरकार और छात्र संगठन दोनों न्यायमूर्ति भोसले समिति की रिपोर्ट की प्रतीक्षा में हैं, जो एमपीएससी के भविष्य की दिशा तय करेगी।