17 अक्टूबर 2026
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एमपीएससी पेपर लीक विवाद: सतीश वाघोले को अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार, सौरभ कटियार बने सचिव

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एमपीएससी पेपर लीक विवाद: सतीश वाघोले को अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार, सौरभ कटियार बने सचिव

सारांश

एमपीएससी पेपर लीक विवाद ने महाराष्ट्र की सबसे प्रतिष्ठित भर्ती संस्था को हिलाकर रख दिया है। अध्यक्ष के छुट्टी पर जाने और जांच समिति के गठन के बाद अब नई नियुक्तियों से आयोग को स्थिरता मिलने की उम्मीद है — लेकिन लाखों परीक्षार्थियों का भरोसा बहाल करना अभी बाकी है।

मुख्य बातें

सतीश बबन वाघोले को 16 अक्टूबर 2026 को एमपीएससी अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।
सौरभ कटियार (आईएएस) , मुंबई उपनगर के जिला कलेक्टर, को एमपीएससी सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया।
पूर्व अध्यक्ष विवेक भीमन्वार पेपर लीक जांच की घोषणा के बाद छुट्टी पर चले गए।
सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति दिलीप भोसले की अध्यक्षता में जांच समिति को दो महीने में रिपोर्ट देनी है।
पुणे में छात्रों ने 11 दिनों तक विरोध-प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच और शीर्ष नेतृत्व के इस्तीफे की माँग की।

महाराष्ट्र सरकार ने 16 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के सदस्य सतीश बबन वाघोले को आयोग के अध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। यह कदम एमपीएससी पेपर लीक विवाद के बीच मौजूदा अध्यक्ष विवेक भीमन्वार के छुट्टी पर जाने के बाद उठाया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार, मुंबई उपनगर के जिला कलेक्टर सौरभ कटियार (आईएएस) को एमपीएससी सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

नियुक्तियों की पृष्ठभूमि

राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि एमपीएससी सदस्य सतीश वाघोले अध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे। इसके साथ ही, सौरभ कटियार को एमपीएससी सचिव की जिम्मेदारी दी गई है, जो पहले मुंबई उपनगर के जिला कलेक्टर के रूप में कार्यरत थे। गौरतलब है कि इससे पहले पिछले सचिव महेंद्र हरपालकर का तबादला कर दिया गया था।

पेपर लीक विवाद और जांच समिति

महाराष्ट्र सरकार ने एमपीएससी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति दिलीप भोसले की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय जांच समिति के गठन की घोषणा की है। इस समिति को जांच पूरी करने के लिए दो महीने का समय दिया गया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद जांच समिति के लिए अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके पश्चात समिति अपना काम औपचारिक रूप से शुरू करेगी।

इसी जांच प्रक्रिया की घोषणा के बाद अध्यक्ष विवेक भीमन्वार छुट्टी पर चले गए, जिससे पद रिक्त हो गया। भीमन्वार ने कहा है कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में सदैव नैतिकता को प्राथमिकता दी है।

छात्रों का विरोध-प्रदर्शन

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने पुणे में लगातार 11 दिनों तक जोरदार प्रदर्शन किए। छात्रों ने हाल ही में आयोजित परीक्षाओं में पेपर लीक के गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों की मुख्य माँगें थीं — मामले की निष्पक्ष और गहन जांच, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, और एमपीएससी के शीर्ष नेतृत्व का तत्काल इस्तीफा।

आम जनता पर असर

एमपीएससी महाराष्ट्र में राज्य सिविल सेवाओं की भर्ती के लिए सबसे महत्वपूर्ण संस्था है। पेपर लीक के आरोपों ने लाखों परीक्षार्थियों के भविष्य और आयोग की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में धाँधली के मामलों को लेकर जनाक्रोश बढ़ रहा है।

क्या होगा आगे

जांच समिति की रिपोर्ट और उसके बाद सरकारी निर्णय में लगने वाले समय को देखते हुए, अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था फिलहाल अनिश्चित काल के लिए जारी रहेगी। सरकार और छात्र संगठन दोनों न्यायमूर्ति भोसले समिति की रिपोर्ट की प्रतीक्षा में हैं, जो एमपीएससी के भविष्य की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समस्या को टालने का प्रयास लग सकती है। असली सवाल यह है कि क्या न्यायमूर्ति भोसले समिति को पेपर लीक की जड़ तक पहुँचने का अधिकार और संसाधन मिलेंगे, या रिपोर्ट महज एक औपचारिकता बनकर रह जाएगी। पुणे के 11 दिनों के आंदोलन ने साफ कर दिया है कि परीक्षार्थी अब सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस परिणाम चाहते हैं।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमपीएससी अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार किसे सौंपा गया है?
महाराष्ट्र सरकार ने 16 अक्टूबर 2026 को एमपीएससी सदस्य सतीश बबन वाघोले को आयोग के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह नियुक्ति सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के जरिए की गई।
एमपीएससी के पूर्व अध्यक्ष विवेक भीमन्वार छुट्टी पर क्यों गए?
पेपर लीक मामले की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति दिलीप भोसले की अध्यक्षता में जांच समिति की घोषणा के बाद विवेक भीमन्वार छुट्टी पर चले गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने जीवन में सदैव नैतिकता को प्राथमिकता दी है।
एमपीएससी पेपर लीक की जांच कौन करेगा और कब तक रिपोर्ट आएगी?
सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति दिलीप भोसले की अध्यक्षता में गठित जांच समिति को दो महीने के भीतर रिपोर्ट देनी है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद इसकी अधिसूचना जारी होगी और फिर समिति काम शुरू करेगी।
पुणे में छात्र विरोध-प्रदर्शन क्यों हुए और उनकी क्या माँगें थीं?
प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों ने पुणे में 11 दिनों तक प्रदर्शन किए, क्योंकि हाल में आयोजित एमपीएससी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोप सामने आए थे। उनकी मुख्य माँगें थीं — निष्पक्ष जांच, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, और एमपीएससी शीर्ष नेतृत्व का तत्काल इस्तीफा।
एमपीएससी सचिव पद पर नई नियुक्ति क्यों की गई?
पेपर लीक विवाद को लेकर छात्रों के विरोध के बाद पूर्व सचिव महेंद्र हरपालकर का तबादला कर दिया गया था, जिससे यह पद रिक्त हो गया था। इसके बाद सौरभ कटियार (आईएएस) को मुंबई उपनगर कलेक्टर पद के साथ-साथ एमपीएससी सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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