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बहुड़ा यात्रा से पहले पुरी में 'दक्षिण मोड़ा' रस्म की तैयारी पूरी, 1,400 पुलिसकर्मी तैनात

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बहुड़ा यात्रा से पहले पुरी में 'दक्षिण मोड़ा' रस्म की तैयारी पूरी, 1,400 पुलिसकर्मी तैनात

सारांश

पुरी में बहुड़ा यात्रा से पहले की अहम रस्म 'दक्षिण मोड़ा' के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है — तीनों रथों को 360 डिग्री घुमाने की सदियों पुरानी परंपरा के लिए 1,400 पुलिसकर्मी तैनात हैं और पेयजल से लेकर चिकित्सा सेवाओं तक के इंतजाम किए गए हैं।

मुख्य बातें

पुरी में भगवान जगन्नाथ की बहुड़ा यात्रा से पूर्व 'दक्षिण मोड़ा' रस्म की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।
इस रस्म में तीनों रथों को विशेष विधि से लगभग 360 डिग्री तक घुमाया जाएगा — पहले देवी सुभद्रा का रथ, फिर अन्य दोनों।
सुरक्षा के लिए 1,300 से 1,400 पुलिसकर्मी तैनात; रथ खींचने में सहायता के लिए अलग से 900 पुलिसकर्मी नियुक्त।
तीनों रथों के लिए 'आज्ञामाला' प्राप्त हो चुकी है; मालाएँ अर्पित होने के बाद ही रथ खींचने की प्रक्रिया शुरू होगी।
कलेक्टर दिव्य ज्योति परिडा ने पेयजल, चिकित्सा सेवाओं और भीड़ प्रबंधन की पुख्ता व्यवस्था की पुष्टि की।
कार्यक्रम में कुछ विलंब हुआ है, किंतु प्रशासन का विश्वास है कि सभी अनुष्ठान निर्धारित प्रक्रिया से पूर्ण होंगे।

ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की बहुड़ा यात्रा से पूर्व आयोजित होने वाली पारंपरिक 'दक्षिण मोड़ा' रस्म के लिए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की अपार भीड़ को देखते हुए 1,300 से 1,400 पुलिसकर्मी मौके पर तैनात किए गए हैं और रथ संचालन से लेकर चिकित्सा सेवाओं तक के विशेष प्रबंध किए गए हैं।

क्या है 'दक्षिण मोड़ा' रस्म

जगन्नाथ संस्कृति के जानकार सौम्य रंजन पांडा ने बताया, 'दक्षिण मोड़ा' रस्म का धार्मिक और पारंपरिक दृष्टि से विशेष महत्व है। इसके अंतर्गत तीनों रथों को विशेष विधि से घुमाकर बहुड़ा यात्रा के अगले चरण के लिए तैयार किया जाता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का अभिन्न अंग मानी जाती है।

इस रस्म में सबसे पहले देवी सुभद्रा के रथ को आगे-पीछे करते हुए लगभग 360 डिग्री तक घुमाया जाता है, इसके बाद भगवान बलभद्र और भगवान जगन्नाथ के रथों की यही प्रक्रिया पूरी की जाती है।

आज्ञामाला और रथ खींचने की प्रक्रिया

आईजी सत्यजीत नायक ने बताया कि भगवान बलभद्र, भगवान जगन्नाथ और देवी सुभद्रा के लिए विशेष 'आज्ञामाला' प्राप्त हो चुकी है। तीनों रथों पर ये मालाएँ अर्पित किए जाने के बाद ही रथ खींचने की प्रक्रिया आरंभ होगी। रथों को सुरक्षित तरीके से खींचने में सहायता के लिए करीब 900 पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की गई है।

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के इंतजाम

एडीजीपी सौमेंद्र प्रियदर्शी ने बताया कि मंडप में श्रद्धालुओं के दर्शन सुबह से जारी हैं और निर्धारित धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान ही उन्हें अस्थायी रूप से रोका जाता है। सुबह की पूजा और भोग के पश्चात रथों को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने स्वीकार किया कि हाल के दिनों में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण कुछ घटनाएँ हुई थीं, किंतु पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू कर दिए गए हैं।

एडीजीपी ने यह भी बताया कि कार्यक्रम में कुछ विलंब हुआ है, लेकिन प्रशासन को विश्वास है कि सभी धार्मिक अनुष्ठान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संपन्न होंगे।

जिला प्रशासन की व्यवस्थाएँ

पुरी के कलेक्टर दिव्य ज्योति परिडा ने बताया कि जिला प्रशासन, पुलिस और रथ संचालन की तकनीकी टीम पूरी तरह तैयार है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा सेवाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 'दक्षिण मोड़ा' रस्म और बहुड़ा यात्रा शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न होगी।

आगे क्या होगा

दक्षिण मोड़ा रस्म के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद बहुड़ा यात्रा आरंभ होगी, जिसमें तीनों रथ जगन्नाथ मंदिर की ओर वापस लौटेंगे। यह रथ यात्रा उत्सव का समापन चरण है और लाखों श्रद्धालु इसके साक्षी बनने के लिए पुरी में एकत्रित हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह संकेत देता है कि तैयारियाँ पर्याप्त थीं या नहीं, यह सवाल बना रहता है। 1,400 पुलिसकर्मियों की तैनाती प्रभावशाली है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि भीड़ नियंत्रण की तकनीकी प्रणाली — जैसे रियल-टाइम काउंटिंग और एंट्री-एग्जिट चैनल — कितनी सुदृढ़ है। धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा और श्रद्धालुओं की आस्था के बीच संतुलन बनाना प्रशासन की असली परीक्षा है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'दक्षिण मोड़ा' रस्म क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
'दक्षिण मोड़ा' भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का एक सदियों पुराना अनुष्ठान है, जिसमें तीनों रथों को विशेष विधि से लगभग 360 डिग्री घुमाकर बहुड़ा यात्रा के अगले चरण के लिए तैयार किया जाता है। यह परंपरा धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
बहुड़ा यात्रा के दौरान पुरी में कितने पुलिसकर्मी तैनात हैं?
दक्षिण मोड़ा रस्म के दौरान 1,300 से 1,400 पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहेंगे। इसके अतिरिक्त रथों को सुरक्षित तरीके से खींचने में सहायता के लिए लगभग 900 पुलिसकर्मी अलग से नियुक्त किए गए हैं।
तीनों रथों पर 'आज्ञामाला' क्या है?
'आज्ञामाला' एक विशेष धार्मिक माला है जो भगवान बलभद्र, भगवान जगन्नाथ और देवी सुभद्रा के रथों पर अर्पित की जाती है। आईजी सत्यजीत नायक के अनुसार, यह माला प्राप्त हो चुकी है और इसे अर्पित किए जाने के बाद ही रथ खींचने की प्रक्रिया शुरू होगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्या विशेष इंतजाम किए गए हैं?
पुरी के कलेक्टर दिव्य ज्योति परिडा के अनुसार, श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, चिकित्सा सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष प्रबंध किया गया है। मंडप में दर्शन सुबह से जारी हैं और केवल निर्धारित अनुष्ठानों के दौरान ही अस्थायी रूप से रोका जाता है।
बहुड़ा यात्रा में देरी क्यों हुई और आगे क्या होगा?
एडीजीपी सौमेंद्र प्रियदर्शी ने बताया कि कार्यक्रम में कुछ विलंब हुआ है, हालाँकि इसका कारण स्पष्ट नहीं किया गया। दक्षिण मोड़ा रस्म के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद बहुड़ा यात्रा आरंभ होगी, जिसमें तीनों रथ जगन्नाथ मंदिर की ओर वापस लौटेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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