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बकरीद से पहले बांदा प्रशासन सख्त: खुले में कुर्बानी और प्रतिबंधित पशुओं पर पूर्ण रोक

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बकरीद से पहले बांदा प्रशासन सख्त: खुले में कुर्बानी और प्रतिबंधित पशुओं पर पूर्ण रोक

सारांश

बकरीद से पहले बांदा प्रशासन ने खुले में कुर्बानी और प्रतिबंधित पशुओं की बलि पर सख्त पाबंदी लगाई है। एडीएम कुमार धर्मेंद्र की अगुवाई में शांति समिति की बैठकें पूरी हो चुकी हैं और नागरिक सुविधाओं से लेकर अवशेष निस्तारण तक हर पहलू पर विभागों को निर्देश दे दिए गए हैं।

मुख्य बातें

बांदा जिला प्रशासन ने बकरीद से पूर्व जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की।
एडीएम कुमार धर्मेंद्र ने स्पष्ट किया कि खुले स्थानों पर कुर्बानी और प्रतिबंधित पशुओं की बलि पर पूर्ण रोक रहेगी।
सभी SDM ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में भी शांति समिति की बैठकें संपन्न कीं।
कुर्बानी अवशेषों के निस्तारण के लिए नगरपालिका और आयोजकों के बीच समन्वय की व्यवस्था की जाएगी।
बैठक में उठे मुद्दों के समाधान के लिए दो दिनों की समय-सीमा तय की गई है।

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में बकरीद पर्व की तैयारियों के मद्देनज़र जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। त्योहार से पूर्व जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने मिलकर कानून-व्यवस्था एवं नागरिक सुविधाओं पर विस्तृत चर्चा की।

प्रशासन के निर्देश और व्यवस्थाएँ

अपर जिलाधिकारी (एडीएम) कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि जिला स्तर के साथ-साथ सभी उपजिलाधिकारियों (SDM) ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में भी शांति समिति की बैठकें संपन्न कर ली हैं। इन बैठकों में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं।

कुर्बानी पर स्पष्ट प्रतिबंध

एडीएम कुमार धर्मेंद्र ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी नहीं दी जाएगी और खुले सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी करने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने इस संबंध में सभी संबंधित पक्षों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि त्योहार के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे।

कुर्बानी अवशेषों के निस्तारण की व्यवस्था

एडीएम ने यह भी बताया कि कुर्बानी के बाद निकलने वाले अवशेषों के उचित निस्तारण के लिए नगरपालिका और आयोजकों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि पूरे जिले में स्वच्छता बनी रहे और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

शांति समिति में उठे मुद्दे

बैठक में समुदाय के लोगों द्वारा उठाई गई समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से लिया गया। एडीएम ने बताया कि बैठक में चिह्नित मुद्दों को संबंधित विभागों और अधिकारियों को भेज दिया गया है और दो दिनों के भीतर उनके समाधान के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन की जनता से अपील

जिला प्रशासन ने बांदा के नागरिकों से अपील की है कि बकरीद का पर्व आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ मनाएँ तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करें। आने वाले दिनों में जिले भर में सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी बढ़ाए जाने की भी संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पिछले कुछ वर्षों में और मुखर हुई है। खुले में कुर्बानी पर रोक कोई नई बात नहीं — यह निर्देश पहले भी जारी होते रहे हैं, लेकिन ज़मीनी अमल की निगरानी हमेशा चुनौती बनी रहती है। असली परीक्षा यह है कि शांति समिति की बैठकें केवल औपचारिकता न बनें, बल्कि उठाए गए मुद्दों का दो दिनों में वास्तविक समाधान हो। अवशेष निस्तारण के लिए नगरपालिका-आयोजक समन्वय का उल्लेख सकारात्मक है, पर इसके क्रियान्वयन की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांदा में बकरीद पर प्रशासन ने क्या प्रतिबंध लगाए हैं?
बांदा जिला प्रशासन ने खुले सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी और किसी भी प्रतिबंधित पशु की बलि पर पूर्ण रोक लगाई है। एडीएम कुमार धर्मेंद्र ने इस संबंध में सभी संबंधित पक्षों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
शांति समिति की बैठक में क्या चर्चा हुई?
जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने साफ-सफाई, पेयजल, बिजली और कानून-व्यवस्था पर चर्चा की। बैठक में उठाई गई समस्याओं के दो दिनों के भीतर समाधान के निर्देश दिए गए हैं।
कुर्बानी के अवशेषों का निस्तारण कैसे होगा?
कुर्बानी के बाद निकलने वाले अवशेषों के उचित निस्तारण के लिए नगरपालिका और आयोजकों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य जिले में स्वच्छता बनाए रखना और नागरिकों को असुविधा से बचाना है।
क्या सभी थाना क्षेत्रों में भी बैठकें हुई हैं?
हाँ, एडीएम कुमार धर्मेंद्र के अनुसार जिला स्तर के अलावा सभी SDM ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में भी शांति समिति की बैठकें संपन्न कर ली हैं। इससे ज़िले के हर हिस्से में समन्वित तैयारी सुनिश्चित की जा रही है।
प्रशासन ने जनता से क्या अपील की है?
बांदा जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बकरीद का पर्व आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ मनाएँ और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
राष्ट्र प्रेस
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