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किश्तवाड़ में ईद-उल-अजहा से पहले प्रशासन सतर्क, ब्लॉक ठकराई के बाज़ारों में जाँच पूरी

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किश्तवाड़ में ईद-उल-अजहा से पहले प्रशासन सतर्क, ब्लॉक ठकराई के बाज़ारों में जाँच पूरी

सारांश

किश्तवाड़ के ब्लॉक ठकराई में ईद-उल-अजहा से पहले प्रशासन ने बाज़ारों की जाँच की और ज़रूरी सामान की उपलब्धता सुनिश्चित की। बीडीओ इश्तियाक अहमद मोलवी ने सभी समुदायों से सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील की।

मुख्य बातें

किश्तवाड़ के ब्लॉक ठकराई में जिला प्रशासन ने ईद-उल-अजहा से पहले बाज़ारों का निरीक्षण पूरा किया।
बीडीओ इश्तियाक अहमद मोलवी ने बताया कि चिकन, मीट समेत सभी ज़रूरी खाद्य सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
डीसी और एसपी की उपस्थिति में व्यापारियों व समाज प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
ईद-उल-अजहा (बकरीद) 27-28 मई को मनाई जाएगी।
प्रशासन ने हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदायों से आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले में ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मद्देनज़र ब्लॉक ठकराई के जिला प्रशासन ने त्योहार से पहले सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। 27-28 मई को मनाए जाने वाले इस पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने बाज़ारों का निरीक्षण किया और आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की है।

बाज़ार निरीक्षण और तैयारियाँ

बीडीओ इश्तियाक अहमद मोलवी ने बताया कि जिला विकास आयुक्त (डीसी) और एसपी की उपस्थिति में एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें व्यापारियों और समाज के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ईद के अवसर पर बाज़ारों में सभी ज़रूरी सामान पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे।

बीडीओ ने आगे बताया कि प्रशासनिक निर्देशों के बाद पूरे ब्लॉक ठकराई के बाज़ारों का विधिवत निरीक्षण किया गया। जाँच में पाया गया कि चिकन, मीट और अन्य खाद्य सामग्री सहित सभी आवश्यक वस्तुएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

भाईचारे की अपील

बीडीओ इश्तियाक अहमद मोलवी ने देशवासियों को ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह त्योहार सभी के लिए भाईचारा, खुशियाँ और मोहब्बत लेकर आए। उन्होंने हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई — सभी समुदायों से अपील की कि वे आपसी सौहार्द और एकता के साथ यह पर्व मनाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि देश में सदा से सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर त्योहार मनाते आए हैं और इस परंपरा को बनाए रखना ज़रूरी है।

सुरक्षा व्यवस्था

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में बकरीद की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं। जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन ने शांति और सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं। किश्तवाड़ में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, ताकि त्योहार बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।

आगे क्या

प्रशासन का निरीक्षण अभियान त्योहार तक जारी रहेगा। अधिकारियों के अनुसार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को सतर्क रखा गया है। गौरतलब है कि किश्तवाड़ जैसे क्षेत्रों में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह कवायद तभी सार्थक होगी जब ज़मीनी स्तर पर निगरानी त्योहार के दौरान भी जारी रहे। बाज़ार निरीक्षण और सांप्रदायिक सौहार्द की अपील एक सही संदेश देती है, पर जम्मू-कश्मीर में ऐसे इंतज़ामों की असली परीक्षा क्रियान्वयन में होती है, घोषणाओं में नहीं। प्रशासन का यह प्रयास उस व्यापक रणनीति का हिस्सा दिखता है जिसमें नागरिक प्रशासन को सुरक्षा तंत्र के साथ समन्वित किया जा रहा है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किश्तवाड़ में ईद-उल-अजहा की तैयारियाँ कैसी हैं?
किश्तवाड़ के ब्लॉक ठकराई में जिला प्रशासन ने बाज़ारों का निरीक्षण पूरा कर लिया है और सभी ज़रूरी खाद्य सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की है। डीसी और एसपी की उपस्थिति में व्यापारियों के साथ बैठक भी आयोजित की गई।
ईद-उल-अजहा (बकरीद) 2026 कब मनाई जाएगी?
ईद-उल-अजहा (बकरीद) 27-28 मई 2026 को मनाई जाएगी। देशभर में इसकी तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं।
बीडीओ इश्तियाक अहमद मोलवी ने क्या कहा?
बीडीओ इश्तियाक अहमद मोलवी ने कहा कि ब्लॉक ठकराई के बाज़ारों में चिकन, मीट और अन्य खाद्य सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने सभी समुदायों से आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील भी की।
किश्तवाड़ में ईद के दौरान सुरक्षा के क्या इंतज़ाम हैं?
प्रशासन ने शांति और सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं और संबंधित विभागों को सतर्क रखा गया है। त्योहार तक बाज़ारों का निरीक्षण अभियान जारी रहेगा।
क्या जम्मू-कश्मीर के अन्य हिस्सों में भी ऐसी तैयारियाँ हो रही हैं?
जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर प्रशासनिक सतर्कता बरती जा रही है। किश्तवाड़ इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा है, जहाँ सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
राष्ट्र प्रेस
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