बम धमकी ईमेल मामला: दिल्ली पुलिस ने गाजियाबाद से संदिग्ध निशांत त्यागी को किया चिह्नित, NIA-ISRO-एयर इंडिया थे निशाने पर
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 3 जुलाई 2025 को उस संदिग्ध की पहचान कर ली, जिसने राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA), इसरो (ISRO), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL), नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नई दिल्ली से न्यूयॉर्क जा रही एयर इंडिया की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल भेजे थे। प्रारंभिक जाँच में ये ईमेल फर्जी पाए गए हैं और किसी भी स्थान से कोई विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई है।
मुख्य घटनाक्रम
29 जून 2025 को कई अत्यंत संवेदनशील राष्ट्रीय संस्थानों को ईमेल के माध्यम से बम धमकियाँ भेजी गईं। इन ईमेल में दावा किया गया था कि NIA मुख्यालय, ISRO, NPCIL, DRDO और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के परिसरों के साथ-साथ दिल्ली से न्यूयॉर्क जा रही एयर इंडिया की एक उड़ान में विस्फोटक रखे गए हैं। धमकी मिलते ही सभी संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल अलर्ट किया गया और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत व्यापक जाँच व सत्यापन अभियान चलाया गया। जाँच में कोई भी धमकी वास्तविक नहीं पाई गई।
तकनीकी जाँच और संदिग्ध की पहचान
नई दिल्ली जिला पुलिस ने ईमेल ट्रेल का विस्तृत विश्लेषण कर उन दो जीमेल खातों की पहचान की, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर धमकी भरे संदेश भेजने के लिए किया गया था। तकनीकी निगरानी के आधार पर इन खातों से जुड़े मोबाइल नंबर का पता लगाया गया, जिससे जाँच टीम 30 जून 2025 को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित गोविंद नगर के संयोग नगर इलाके तक पहुँची।
इसके बाद चाणक्यपुरी सब-डिवीजन की पुलिस टीम ने एसीपी अर्शदीप सिंह पंवार की निगरानी में संयोग नगर बैंक कॉलोनी स्थित एक मकान पर पहुँचकर संदिग्ध की पहचान की। संदिग्ध की पहचान निशांत त्यागी (36 वर्ष) के रूप में हुई है, जो इसी कॉलोनी का निवासी है।
संदिग्ध की पृष्ठभूमि
पूछताछ में सामने आया कि निशांत त्यागी ने ओपन स्कूलिंग के माध्यम से पढ़ाई की थी और वर्ष 2010 में स्नातक पाठ्यक्रम में दाखिला लिया था, किंतु पढ़ाई पूरी नहीं कर सका। प्रारंभिक जाँच में यह भी उजागर हुआ है कि वह वर्ष 2008 से एक बीमारी से पीड़ित है और पिछले कई वर्षों से विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में उसका इलाज चल रहा है। परिवार के सदस्यों ने भी पुलिस को उसकी दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी दी है।
जाँच की स्थिति और कानूनी कार्रवाई
नई दिल्ली जिला पुलिस के उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि मामले की जाँच जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ईमेल भेजने के पीछे संदिग्ध का उद्देश्य क्या था और किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक की जाँच में संदिग्ध के पास से कोई विस्फोटक सामग्री या अन्य संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। जाँच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि देश में बम धमकी वाले फर्जी ईमेल के मामले हाल के वर्षों में बढ़े हैं, जिनसे सुरक्षा एजेंसियों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है और संसाधनों की बर्बादी होती है। इस मामले में जाँच का दायरा अभी व्यापक है और आगामी दिनों में नए तथ्य सामने आ सकते हैं।