बारामूला में चरस तस्करी: फतेहगढ़ में दो गिरफ्तार, SRTC बस चालक भी आरोपी
सारांश
मुख्य बातें
बारामूला जिले के फतेहगढ़ इलाके में 19 मई 2026 को पुलिस स्टेशन शीरी की टीम ने नाका-गश्त के दौरान दो कथित नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से चरस जैसा प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किया। इस कार्रवाई ने उस समय व्यापक ध्यान खींचा जब जांच में सामने आया कि एक आरोपी कथित तौर पर सरकारी बस का उपयोग नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए कर रहा था।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस स्टेशन शीरी की टीम ने फतेहगढ़ में नाका चौकी स्थापित कर एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका। तलाशी के दौरान उसके पास से मक्के के छिलके में लिपटी चरस जैसे पदार्थ की दो छड़ें बरामद हुईं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सज्जाद अहमद मलिक (पुत्र अब्दुल जब्बार मलिक, निवासी फतेहगढ़) के रूप में हुई।
सज्जाद से पूछताछ और उसके खुलासे के आधार पर पुलिस ने दूसरे आरोपी मोहम्मद शफी लोन (पुत्र अब्दुल जब्बार लोन, निवासी मालपोरा) को भी हिरासत में लिया। शफी लोन की तलाशी में भी चरस जैसे पदार्थ की एक छड़ बरामद हुई।
सरकारी बस का कथित दुरुपयोग
प्रारंभिक जांच में पता चला कि मोहम्मद शफी लोन एसआरटीसी (SRTC) में बस चालक के पद पर कार्यरत है। पुलिस के अनुसार, वह कथित तौर पर सरकारी बस का इस्तेमाल नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री और परिवहन के लिए करता था। यह तथ्य मामले की गंभीरता को कई गुना बढ़ा देता है, क्योंकि एक सार्वजनिक परिवहन सेवा का इस प्रकार कथित दुरुपयोग सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल उठाता है।
पुलिस स्टेशन शीरी में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत एफआईआर संख्या 21/2026 दर्ज कर ली गई है। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है।
बारामूला में नशा तस्करी का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि बारामूला जिले में हाल के महीनों में नशा तस्करी के कई मामले सामने आए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि युवाओं में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है, जिससे सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने नशा उन्मूलन को प्राथमिकता पर रखा हुआ है।
पुलिस ने अपने प्रेस नोट में कहा कि नशे की बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान निरंतर जारी रहेगा। साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि नशा तस्करी या किसी भी संदिग्ध आपराधिक गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
विशेषज्ञ और जनता की प्रतिक्रिया
बारामूला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एनडीपीएस मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है और तस्करों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने इस गिरफ्तारी का स्वागत करते हुए माँग की है कि तस्करी के बड़े नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाए।
आगे की जांच
जांचकर्ताओं के अनुसार, दोनों आरोपियों की पूछताछ में इस नशा तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों के नाम सामने आने की संभावना है। पुलिस आपूर्ति श्रृंखला और नेटवर्क के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।