बेगूसराय कोर्ट ने गिरिराज सिंह की अग्रिम जमानत बरकरार रखी, 'दो गज जमीन' बयान मामले में सुनवाई जारी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के बेगूसराय स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट ने सोमवार, 1 जून 2026 को केंद्रीय कपड़ा मंत्री और बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह को 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित 'दो गज जमीन' बयान से जुड़े मामले में पहले से दी गई अग्रिम जमानत बरकरार रखी। अदालत ने उनकी व्यक्तिगत पेशी से स्थायी छूट की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
मुख्य घटनाक्रम
गिरिराज सिंह बेगूसराय की एक दिवसीय यात्रा के दौरान स्वयं अदालत में उपस्थित हुए और सुनवाई में भाग लिया। उनके वकील ने कोर्ट से राहत जारी रखने का अनुरोध किया और दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 205 के अंतर्गत भविष्य की सुनवाइयों में व्यक्तिगत उपस्थिति से स्थायी छूट माँगी। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पूर्व में दी गई अग्रिम जमानत को प्रभावी बनाए रखने का आदेश दिया।
बाद में पत्रकारों से बातचीत में गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि यह मामला 2019 के चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक मकसद से दर्ज कराया गया था। उन्होंने कहा कि राजनीतिक रंजिश के चलते उन पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने से जुड़े प्रावधानों के तहत आरोप थोपे गए।
मामले की पृष्ठभूमि
मामले में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार 'अमर' के अनुसार, विवादित बयान 6 अप्रैल 2019 को बेगूसराय के जीडी कॉलेज परिसर में आयोजित एक जनसभा में दिया गया था। इस कथित बयान को 'दो गज जमीन' वाले बयान के रूप में जाना जाता है, जिसने उस समय तीखा राजनीतिक विवाद खड़ा किया था।
कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, तत्कालीन जिलाधिकारी राहुल कुमार के निर्देश पर तत्कालीन अंचल अधिकारी के माध्यम से नगर थाना, बेगूसराय में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में भड़काऊ भाषण देने और सांप्रदायिक सद्भाव को बाधित करने से संबंधित आरोप शामिल हैं।
बचाव पक्ष की दलीलें
बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि घटना के कई वर्ष बीत जाने के बाद भी अभियोजन पक्ष वे साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका जिन्हें वह स्वयं अहम मानता है। बचाव पक्ष के अनुसार, कथित भाषण की कोई प्रमाणित वॉयस रिकॉर्डिंग और जब्ती से संबंधित अभिलेख सहित अन्य महत्त्वपूर्ण दस्तावेज अब तक अदालत के समक्ष पेश नहीं किए गए हैं।
बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री के रूप में गिरिराज सिंह व्यापक प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करते हैं, फिर भी उन्होंने न्यायिक निर्देशों का पालन करते हुए स्वयं उपस्थित होकर अदालत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है।
सरकार की प्रतिक्रिया
गिरिराज सिंह ने न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए अदालत से मिली राहत का स्वागत किया और मामले पर निष्पक्ष विचार के लिए न्यायपालिका को धन्यवाद दिया।
आगे क्या
अदालत ने CrPC धारा 205 के तहत व्यक्तिगत पेशी से स्थायी छूट की याचिका पर अपना निर्णय सुरक्षित रखा है, जो आगामी सुनवाई में सुनाया जाएगा। यह मामला 2019 के चुनाव से उपजा है और सात वर्षों बाद भी विचाराधीन है, जो राजनीतिक बयानों पर आधारित आपराधिक मुकदमों में न्यायिक प्रक्रिया की गति पर सवाल उठाता है।