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अनंत सिंह और गुंजन सिंह को कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर रोक 8 जून तक बढ़ी

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अनंत सिंह और गुंजन सिंह को कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर रोक 8 जून तक बढ़ी

सारांश

मोकामा विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को न्यायालय ने 8 जून तक गिरफ्तारी से राहत दी — FSL रिपोर्ट पेश न होना बचाव पक्ष का बड़ा हथियार बना। गोपालगंज के वायरल वीडियो मामले में BNS की सभी धाराएँ जमानतीय हैं और आर्म्स एक्ट में कोई बरामदगी नहीं।

मुख्य बातें

मोकामा विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह की गिरफ्तारी पर रोक 8 जून 2026 तक बढ़ाई गई।
अभियोजन पक्ष FSL रिपोर्ट निर्धारित तिथि पर कोर्ट में पेश नहीं कर सका, जिससे बचाव पक्ष को राहत मिली।
वकील राजेश कुमार पाठक के अनुसार, इस मामले में BNS की सभी लागू धाराएँ जमानतीय हैं।
आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत न कोई हथियार बरामद हुआ, न उपयोग का प्रमाण मिला।
मामले में शामिल गुड्डु राय सहित तीन अन्य याचिकाकर्ताओं को भी 'नो कोर्टशिप' की सुविधा दी गई।
यह मामला गोपालगंज के सेमरांव गाँव के एक कार्यक्रम के वायरल वीडियो से जुड़ा है।

मोकामा के जनता दल (यूनाइटेड) विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को 5 जून 2026 को न्यायालय से बड़ी राहत मिली, जब कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर पहले से लगी रोक को 8 जून तक बढ़ा दिया। यह मामला गोपालगंज के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमरांव गाँव में आयोजित एक कार्यक्रम के वायरल वीडियो से जुड़ा है, जिसमें अश्लील नृत्य और हथियारों के प्रदर्शन के आरोप हैं।

कोर्ट में क्या हुआ

बचाव पक्ष के वकील राजेश कुमार पाठक ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने पिछली सुनवाई में कोर्ट से समय लिया था कि फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) में भेजे गए वीडियो की जाँच रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। न्यायालय ने अभियोजन के अनुरोध पर शुक्रवार की तिथि निर्धारित की थी, किंतु निर्धारित तिथि पर FSL रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत नहीं की गई।

इसी आधार पर वकील पाठक ने न्यायालय में अरेस्ट स्टे को आगे बढ़ाने हेतु बहस की और कोर्ट ने 8 जून तक गिरफ्तारी पर रोक जारी रखते हुए उस तिथि को आदेश पारित करने का निर्णय लिया।

बचाव पक्ष की दलीलें

वकील पाठक के अनुसार, अब तक अनंत सिंह और गुंजन सिंह के विरुद्ध कोई ऐसा ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है जिससे उन पर लगाई गई धाराएँ सिद्ध हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकरण में लागू भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सभी धाराएँ जमानतीय हैं।

इसके अतिरिक्त, आर्म्स एक्ट की धारा 27 के अंतर्गत न तो किसी हथियार की बरामदगी हुई है और न ही उसके इस्तेमाल का कोई प्रमाण है — यह तथ्य बचाव पक्ष की प्रमुख दलीलों में शामिल है।

अन्य आरोपियों को राहत

कोर्ट ने इस मामले में शामिल गुड्डु राय के अतिरिक्त तीन अन्य याचिकाकर्ताओं को भी 'नो कोर्टशिप' की सुविधा प्रदान की है, जिससे उन्हें भी तत्काल गिरफ्तारी से राहत मिली है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह पूरा विवाद गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमरांव गाँव में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम से उपजा है। उक्त कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर अश्लील नृत्य और हथियारों का प्रदर्शन दिखाया गया। इस वीडियो के आधार पर विधायक अनंत सिंह, भोजपुरी गायक गुंजन सिंह और अन्य लोगों के विरुद्ध मीरगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में चुनावी सरगर्मी के बीच विधायकों और सार्वजनिक हस्तियों से जुड़े आपराधिक मामलों पर न्यायिक और सामाजिक नज़र पहले से तेज़ है। अब सभी की निगाहें 8 जून की सुनवाई पर टिकी हैं, जब कोर्ट इस मामले में अगला आदेश पारित करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

अभियोजन का मामला फिलहाल वीडियो की फोरेंसिक पुष्टि पर टिका है। 8 जून की सुनवाई तय करेगी कि क्या राज्य के पास आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं — अन्यथा यह मामला उन मामलों की सूची में जुड़ सकता है जहाँ वायरल वीडियो कानूनी कार्रवाई की नींव बनने में नाकाम रहे।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनंत सिंह और गुंजन सिंह को किस मामले में गिरफ्तारी से राहत मिली है?
यह मामला गोपालगंज के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमरांव गाँव में आयोजित एक कार्यक्रम के वायरल वीडियो से जुड़ा है, जिसमें कथित अश्लील नृत्य और हथियारों के प्रदर्शन के आरोप हैं। इसी आधार पर विधायक अनंत सिंह, गायक गुंजन सिंह और अन्य के विरुद्ध FIR दर्ज की गई थी।
कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक क्यों बढ़ाई?
अभियोजन पक्ष FSL में भेजे गए वीडियो की जाँच रिपोर्ट निर्धारित तिथि पर कोर्ट में प्रस्तुत नहीं कर सका। इसी आधार पर बचाव पक्ष ने अरेस्ट स्टे बढ़ाने की बहस की और न्यायालय ने 8 जून तक रोक जारी रखते हुए उस तिथि को अगला आदेश पारित करने का निर्णय लिया।
इस मामले में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं और क्या ये जमानतीय हैं?
बचाव पक्ष के वकील राजेश कुमार पाठक के अनुसार, इस केस में BNS की सभी लागू धाराएँ जमानतीय हैं। आर्म्स एक्ट की धारा 27 के अंतर्गत न कोई हथियार बरामद हुआ है और न ही उपयोग का कोई प्रमाण है।
8 जून को कोर्ट में क्या होगा?
8 जून 2026 को न्यायालय इस मामले में अगला आदेश पारित करेगा। यह सुनवाई तय करेगी कि अभियोजन FSL रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य पेश कर पाता है या नहीं, जिसके आधार पर गिरफ्तारी पर रोक जारी रहेगी या हटाई जाएगी।
मामले में शामिल अन्य आरोपियों को क्या राहत मिली?
गुड्डु राय के अलावा मामले में शामिल तीन अन्य याचिकाकर्ताओं को कोर्ट ने 'नो कोर्टशिप' की सुविधा दी है, जिससे उन्हें भी तत्काल गिरफ्तारी से संरक्षण मिला है।
राष्ट्र प्रेस
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