31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गोपालगंज हथियार लहराने केस: अनंत सिंह और गुंजन सिंह को मिली अग्रिम जमानत, CID कर रही जांच

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गोपालगंज हथियार लहराने केस: अनंत सिंह और गुंजन सिंह को मिली अग्रिम जमानत, CID कर रही जांच

सारांश

गोपालगंज की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने मोकामा विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को अग्रिम जमानत दे दी है। 2 मई के जनेऊ संस्कार में हथियार लहराने का वायरल वीडियो मामले की जड़ है, जिसकी जांच अब CID कर रही है।

मुख्य बातें

गोपालगंज स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने 15 जून को अनंत कुमार सिंह और गुंजन सिंह को अग्रिम जमानत प्रदान की।
मामला 2 मई को सेमराव गांव में हुए जनेऊ संस्कार में कथित हथियार प्रदर्शन और आपत्तिजनक गानों से जुड़ा है।
बचाव पक्ष ने कहा कि वायरल वीडियो एडिटेड है और कोई FSL रिपोर्ट या बरामद हथियार नहीं हैं।
मामले की आगे की जांच CID को सौंपी गई है।
अनंत कुमार सिंह मोकामा से विधायक हैं और दुलारचंद यादव हत्याकांड में भी जमानत पर हैं।

गोपालगंज की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने सोमवार, 15 जून को मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी। यह मामला बिहार के गोपालगंज जिले के सेमराव गांव में 2 मई को आयोजित एक उपनयन संस्कार (जनेऊ संस्कार) समारोह के दौरान कथित तौर पर हथियार लहराने और आपत्तिजनक गाने बजाने से जुड़ा हाई-प्रोफाइल मामला है।

मामले की पृष्ठभूमि

मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में 2 मई को आयोजित जनेऊ संस्कार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। वायरल क्लिप में कथित तौर पर खुलेआम हथियार दिखाए जा रहे थे और समारोह के दौरान आपत्तिजनक गाने बजाए जा रहे थे। वीडियो फैलने के बाद पुलिस ने अनंत सिंह, गुंजन सिंह समेत कई लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की।

कोर्ट में बचाव पक्ष की दलीलें

ADJ-3 की अध्यक्षता वाली विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की। बचाव पक्ष के वकील कुमार हर्षवर्धन पाठक ने अदालत में तर्क दिया कि वायरल वीडियो एडिटेड और संदिग्ध प्रतीत होता है। उन्होंने यह भी कहा कि जांचकर्ताओं ने न तो कोई फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) रिपोर्ट पेश की और न ही कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए हथियार बरामद किए। बचाव पक्ष के अनुसार, एफआईआर बिना पर्याप्त भौतिक साक्ष्य के दर्ज की गई और आरोप मुख्यतः एक अपुष्ट सोशल मीडिया क्लिप पर आधारित हैं।

कोर्ट का फैसला

अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने सभी नामजद आरोपियों को अग्रिम जमानत दे दी। इस फैसले से अनंत सिंह और गुंजन सिंह दोनों को बड़ी कानूनी राहत मिली है, हालांकि मामले की जांच अभी जारी है।

CID जांच और अनंत सिंह की आपराधिक पृष्ठभूमि

अधिकारियों ने आगे की जांच के लिए मामला पहले ही क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) को सौंप दिया है। उल्लेखनीय है कि अनंत कुमार सिंह पटना के मोकामा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उन पर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड में हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप भी हैं, जिस मामले में वे जेल में रह चुके हैं और फिलहाल जमानत पर हैं।

आगे क्या होगा

अब सबकी नजर CID की जांच और वायरल वीडियो की फोरेंसिक जांच के नतीजों पर टिकी है। यदि FSL रिपोर्ट वीडियो को प्रामाणिक साबित करती है, तो अभियोजन पक्ष के पास मामले को मजबूत करने का आधार होगा। इस केस का परिणाम बिहार की राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह पुलिस की प्रक्रियागत चूक है। CID को मामला सौंपना सकारात्मक कदम है, लेकिन बिहार में ऐसे हाई-प्रोफाइल मामलों में CID जांच के ऐतिहासिक नतीजे बेहद मिले-जुले रहे हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनंत सिंह और गुंजन सिंह को किस मामले में अग्रिम जमानत मिली है?
गोपालगंज के सेमराव गांव में 2 मई को आयोजित जनेऊ संस्कार में कथित तौर पर हथियार लहराने और आपत्तिजनक गाने बजाने के मामले में। इस कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने FIR दर्ज की थी।
गोपालगंज स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने अग्रिम जमानत क्यों दी?
बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि वायरल वीडियो एडिटेड है, कोई FSL रिपोर्ट नहीं है और कोई हथियार बरामद नहीं हुए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ADJ-3 की अध्यक्षता वाली कोर्ट ने सभी नामजद आरोपियों को राहत दी।
इस मामले की जांच अब कौन कर रहा है?
अधिकारियों ने आगे की जांच के लिए मामला क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) को सौंप दिया है। CID वायरल वीडियो की फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल करेगी।
अनंत कुमार सिंह कौन हैं और उन पर क्या अन्य आरोप हैं?
अनंत कुमार सिंह पटना के मोकामा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उन पर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड में हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप हैं, जिस मामले में वे जेल में रह चुके हैं और फिलहाल जमानत पर हैं।
क्या अग्रिम जमानत मिलने से आरोपी बरी हो गए हैं?
नहीं। अग्रिम जमानत केवल गिरफ्तारी से अस्थायी सुरक्षा देती है। मामले की जांच CID द्वारा जारी है और फोरेंसिक व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले