झारखंड: कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव को एक साल की सजा, दुमका कोर्ट ने दी एक माह की प्रोविजनल जमानत
सारांश
मुख्य बातें
दुमका की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने सोमवार, 4 मई 2026 को पोड़ैयाहाट सीट के कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव को 14 साल पुराने एक मामले में दोषी करार देते हुए एक साल की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश सह एसडीजेएम मोहित चौधरी की अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 225 के तहत दोषी पाया। हालांकि, अदालत ने तत्काल राहत देते हुए ₹10,000-₹10,000 के दो मुचलकों पर एक माह की प्रोविजनल जमानत भी मंजूर कर ली।
मुख्य घटनाक्रम
सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद विधायक प्रदीप यादव के अधिवक्ता शंकर बसई वाला ने अदालत में प्रोविजनल जमानत के लिए आवेदन दिया। न्यायालय ने यह आवेदन स्वीकार करते हुए एक माह की जमानत प्रदान की, जिस दौरान विधायक ऊपरी अदालत में अपील दायर कर सकेंगे। अभियोजन पक्ष ने इस पूरे मामले में कुल छह गवाह अदालत के समक्ष पेश किए थे।
किस मामले में हुई सजा
यह मामला 15 सितंबर 2010 का है, जब देवघर को सुखाड़ (सूखा) क्षेत्र घोषित करने की माँग को लेकर तत्कालीन झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के नेताओं के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ था। प्रदीप यादव और सारठ के पूर्व भाजपा विधायक रणधीर सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दिया था, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हुई थी। घटना के बाद तत्कालीन दंडाधिकारी सह श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुधीर कुमार मोदी ने लोक संपत्ति अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें 12 नामजद समेत 200 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था।
अन्य आरोपियों को बरी किया गया
इसी मामले में आरोपी बनाए गए सारठ के पूर्व भाजपा विधायक रणधीर सिंह समेत अन्य सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। सोमवार की सुनवाई के दौरान प्रदीप यादव और रणधीर सिंह समेत सभी आरोपी न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे। गौरतलब है कि अदालत ने केवल प्रदीप यादव के विरुद्ध ही पर्याप्त साक्ष्य पाए, जबकि शेष सभी को दोषमुक्त कर दिया।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
प्रोविजनल जमानत की एक माह की अवधि के भीतर प्रदीप यादव को ऊपरी अदालत में अपील दायर करनी होगी। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड की राजनीति में विधायकों से जुड़े न्यायिक मामले चर्चा में हैं। यदि ऊपरी अदालत में राहत नहीं मिलती, तो IPC धारा 225 के तहत एक साल की सजा उनकी विधायकी को भी प्रभावित कर सकती है।