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क्या झारखंड के पाकुड़ जिला कोर्ट में सजा सुनाए जाने के बाद फरार हुए दो अपराधियों को पुलिस ने 24 घंटे में दबोचा?

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क्या झारखंड के पाकुड़ जिला कोर्ट में सजा सुनाए जाने के बाद फरार हुए दो अपराधियों को पुलिस ने 24 घंटे में दबोचा?

सारांश

पाकुड़ में न्यायालय से फरार हुए दो सजायाफ्ता अपराधियों की पुलिस द्वारा 24 घंटे में गिरफ्तारी ने सभी को चौंका दिया। यह घटना अदालत की सुरक्षा पर प्रश्न उठाती है। जानिए इस मामले की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

पुलिस ने 24 घंटे में फरार अपराधियों को गिरफ्तार किया।
कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
घटना ने समाज में कानून व्यवस्था के प्रति जागरूकता बढ़ाई है।

पाकुड़, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के पाकुड़ जिला न्यायालय परिसर से हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए दो सजायाफ्ता अपराधियों, शिवधन मोहली और नरेन मोहली, को पुलिस ने केवल 24 घंटे के भीतर पकड़ने में सफलता प्राप्त की है।

पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने बताया कि फरार दोनों सजायाफ्ता अपराधियों को विशेष छापेमारी दल ने महेशपुर थाना क्षेत्र से गुरुवार को गिरफ्तार किया। उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट परिसर से फरारी की घटना को पुलिस ने गंभीरता से लिया था और आरोपियों की तेजी से गिरफ्तारी के लिए जिले भर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।

जानकारी के अनुसार, नरेन मोहली और शिवधन मोहली पर जमीन विवाद को लेकर भोलानाथ मोहली नामक व्यक्ति की हत्या का आरोप था। इस मामले में अमड़ापाड़ा थाना में 12 जनवरी 2019 को मृतक की पत्नी श्रीफूल मोहली के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

इस मामले में नरेन मोहली, शिवधन मोहली समेत कुल पांच लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने सुनवाई पूरी करते हुए जैसे ही आरोपियों को दोषी करार दिया, सभी सजायाफ्ता अभियुक्तों को न्यायालय के कठघरे से बाहर लाया गया। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा जवानों की मौजूदगी में नरेन मोहली और शिवधन मोहली मौका पाकर कोर्ट परिसर से फरार हो गए।

दोनों आरोपी अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम अम्बाडीह के निवासी हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। नगर थाना के साथ-साथ महेशपुर, हिरणपुर, लिट्टीपाड़ा, अमड़ापाड़ा और पाकुड़िया थाना की पुलिस को तुरंत अलर्ट कर दिया गया।

फरार सजायाफ्ताओं की गिरफ्तारी के लिए जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में नाकाबंदी कर सघन छापेमारी अभियान शुरू किया गया। गिरफ्तारी अभियान के लिए गठित विशेष टीम में पाकुड़ नगर थाना प्रभारी अनिल कुमार गुप्ता, निवर्तमान थाना प्रभारी बब्‍लू कुमार, इंस्पेक्टर अनुप रौशन भंगरा, एसआई सन्नी सुप्रभात, एएसआई सुकदेव साहा, भीम रजक और धनंजय मंडल सहित कई पुलिसकर्मी शामिल थे।

लगातार दबिश के बाद दोनों अपराधियों को महेशपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस घटना के बाद अदालत परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो सकें। यह समाज के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या ये अपराधी पहले से सजायाफ्ता थे?
हाँ, इन दोनों पर हत्या का आरोप था और इन्हें अदालत ने दोषी करार दिया था।
पुलिस ने इन्हें कैसे पकड़ा?
पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया और विशेष टीम के माध्यम से इन्हें महेशपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
क्या ये पहली बार है जब अपराधी कोर्ट से फरार हुए हैं?
नहीं, यह पहली बार नहीं है, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता को जन्म दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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