बेंगलुरु को मिलेगा 15 साल का मेगा विकास रोडमैप, CM शिवकुमार ने गिनाईं 9 इंडस्ट्रियल टाउनशिप समेत बड़ी योजनाएँ
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 5 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (बीएमआरडीए) के अंतर्गत आने वाले समस्त क्षेत्रों के लिए 10 से 15 वर्षों की एक व्यापक एकीकृत विकास योजना तैयार कर रही है, जिसमें परिवहन, आवास, जलापूर्ति और औद्योगिक विस्तार को केंद्र में रखा जाएगा। अपने सरकारी आवास पर बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन रीजन (बीएमआर) के आर्थिक विकास पर गठित सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित करते हुए शिवकुमार ने इस रोडमैप को राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक लक्ष्यों की धुरी बताया।
1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि राज्य ने 2047 तक कर्नाटक की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जबकि एक मध्यवर्ती पड़ाव के रूप में 2037 तक अर्थव्यवस्था को 400 420 बिलियन डॉलर तक विस्तारित करने की योजना है। उन्होंने कहा, "इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन रीजन में सुचारू परिवहन, आवास और औद्योगिक विकास के लिए योजनाएँ तैयार की जा रही हैं।" गौरतलब है कि बेंगलुरु पहले से ही भारत की टेक्नोलॉजी राजधानी के रूप में स्थापित है और देश के आईटी निर्यात में सबसे बड़ा योगदानकर्ता है।
9 इंडस्ट्रियल टाउनशिप और भूमि अधिग्रहण
औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए सरकार बीएमआर में 9 नए इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। शिवकुमार ने बताया कि इन टाउनशिप के लिए 7,900 एकड़ भूमि पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी है, जबकि अन्य 5,600 एकड़ के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। इन टाउनशिप के तहत लगभग 40,000 से 50,000 आवास इकाइयाँ औद्योगिक कर्मचारियों के लिए भी उपलब्ध कराई जाएँगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के पुंগগोल की तर्ज पर एक एआई सिटी विकसित करने की पहले से की गई घोषणा को दोहराया और एक एआई यूनिवर्सिटी के लिए उपयुक्त भूमि की शीघ्र पहचान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
परिवहन नेटवर्क: मेट्रो, RRTS और सर्कुलर रोड
बैठक में बेंगलुरु और उसके तेज़ी से विकसित हो रहे बाहरी क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी मज़बूत करने के लिए एक व्यापक परिवहन योजना पर विस्तृत चर्चा हुई। सरकार की योजना 2037 तक मेट्रो नेटवर्क को 312 किलोमीटर और विस्तारित करने की है। इसके अतिरिक्त, 72 किलोमीटर के अतिरिक्त सबअर्बन रेल नेटवर्क का भी प्रस्ताव है। बेंगलुरु के आसपास 10 प्रमुख केंद्रों को जोड़ने वाली 210 किलोमीटर लंबी सर्कुलर रोड तथा बेंगलुरु तुमाकुरु, बेंगलुरु मैसूरु और बेंगलुरु केजीएफ कॉरिडोर को आपस में जोड़ने वाले 270 किलोमीटर लंबे रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के निर्माण पर भी विचार विमर्श किया गया। पेरिफेरल रिंग रोड के दूसरे चरण को एनआईसीई रोड से जोड़ने का प्रस्ताव भी चर्चा में रहा। प्रस्तावित मुंबई बेंगलुरु हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को मैसूरु तक विस्तारित करने के सुझाव भी दिए गए।
जलापूर्ति और सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर
राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौडा ने बताया कि सरकार पूरे बेंगलुरु शहरी जिले को चरणबद्ध तरीके से बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड (बीडब्ल्यूएसएसबी) के दायरे में लाने का इरादा रखती है ताकि पेयजल वितरण और सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर का व्यवस्थित विकास सुनिश्चित हो सके। अनुमान है कि 2037 तक बीएमआर को प्रतिदिन लगभग 3,600 मिलियन लीटर (एमएलडी) पानी की आवश्यकता होगी। शिवकुमार ने दीर्घकालिक जल प्रबंधन रणनीति के तहत ट्रीट किए गए वेस्टवॉटर के पुनः उपयोग और झीलों को भरने पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए।
6 लाख घर और शहरी प्रशासन का विस्तार
बढ़ती आबादी की आवासीय ज़रूरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने बीएमआर में 6 लाख से 6.5 लाख किफायती आवास बनाने की योजना तैयार की है। शिवकुमार ने यह भी बताया कि बेंगलुरु शहरी जिले के सभी क्षेत्रों को शहरी स्थानीय निकायों के अधिकार क्षेत्र में लाया जाएगा ताकि नियोजित विकास और नागरिक सेवाओं की प्रभावी डिलीवरी सुनिश्चित हो। यह रोडमैप परिवहन, औद्योगीकरण, आवास, जलापूर्ति, सीवरेज और नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर को एकीकृत करते हुए बेंगलुरु को उसके अनुमानित जनसंख्या व आर्थिक विस्तार के लिए तैयार करने का प्रयास है। आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की गति ही तय करेगी कि बेंगलुरु वास्तव में एशिया के अग्रणी स्मार्ट मेट्रोपॉलिटन हब के रूप में अपनी पहचान बना पाता है या नहीं।