9 अक्टूबर 2026
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भाई जगताप का भाजपा पर पलटवार: लोकतंत्र-संविधान की रक्षा के हर आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन

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भाई जगताप का भाजपा पर पलटवार: लोकतंत्र-संविधान की रक्षा के हर आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन

सारांश

कांग्रेस नेता भाई जगताप ने मुंबई में कई अहम मुद्दों पर एक साथ मोर्चा खोला — भाजपा के लोकतंत्र-विरोधी आरोपों को नकारते हुए, एमपीएससी पेपर लीक में ₹60-70 लाख के कथित भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करते हुए, और कहा कि संविधान की रक्षा के हर आंदोलन में कांग्रेस साथ खड़ी रहेगी।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता भाई जगताप ने 9 अक्टूबर 2026 को BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी के राहुल गांधी पर लगाए आरोपों को खारिज किया।
जगताप ने कहा — लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जो भी संगठन आंदोलन करेगा, कांग्रेस उसका समर्थन करेगी।
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन में कांग्रेस की भागीदारी पर अंतिम फैसला मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी नेतृत्व लेगा।
एमपीएससी पेपर लीक मामले में कथित तौर पर ₹60-70 लाख देकर पेपर हासिल किए गए; साक्ष्य सीआईडी को सौंपे गए और कुछ गिरफ्तारियाँ भी हुई हैं।
जगताप ने 42 पूर्व न्यायाधीशों की चुनाव आयोग-विरोधी प्रदर्शनों पर चिंता को संवैधानिक दायरे में उचित बताया।
जेवर एयरपोर्ट के नामकरण पर आपत्ति नहीं, लेकिन पुरानी परियोजनाओं का नाम बदलने के बजाय नई परियोजनाओं पर नामकरण का सुझाव दिया।

कांग्रेस नेता एवं महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य भाई जगताप ने 9 अक्टूबर 2026 को मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी पर तीखा पलटवार किया। भंडारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर लोकतंत्र को कमज़ोर करने का आरोप लगाया था, जिसे जगताप ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए उठने वाले हर आंदोलन का समर्थन करेगी।

भाजपा के आरोपों पर कांग्रेस का पक्ष

जगताप ने कहा कि संविधान ने नागरिकों को अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने की गारंटी दी है और यह अधिकार किसी राजनीतिक दल विशेष का नहीं, बल्कि हर आम नागरिक का है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि 2014 के बाद से देश में लोकतंत्र सुचारु रूप से काम कर रहा है, तो संवैधानिक संस्थाओं पर इस तरह के सवाल क्यों उठ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर होने वाली टिप्पणियों से कांग्रेस अपने मुद्दों से पीछे नहीं हटेगी।

गौरतलब है कि जगताप ने 2023 में संसद में 142 सांसदों के निलंबन के बाद पारित उस कानून का भी उल्लेख किया, जिसके तहत कथित तौर पर मुख्य न्यायाधीश और मुख्य चुनाव आयुक्त को विशेष संरक्षण दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उस कानून की संवैधानिकता पर पर्याप्त बहस हुई और क्या कोई भी व्यक्ति या संस्था संविधान से ऊपर हो सकती है।

42 पूर्व न्यायाधीशों की चिंता और चुनाव आयोग

चुनाव आयोग के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों पर 42 पूर्व न्यायाधीशों द्वारा चिंता जताए जाने के मुद्दे पर जगताप ने कहा कि संवैधानिक दायरे में होने वाले प्रदर्शनों पर सवाल उठाना उन्हें आश्चर्यजनक लगता है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि संस्थाओं पर जनता का भरोसा कमज़ोर हो रहा है, तो उसके कारणों पर भी गहराई से विचार होना चाहिए। देश की न्यायपालिका ने कई अवसरों पर नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हस्तक्षेप किया है।

जंतर-मंतर प्रदर्शन और कांग्रेस की भूमिका

10 अक्टूबर को जंतर-मंतर, नई दिल्ली में सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) की ओर से प्रस्तावित प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं की भागीदारी के सवाल पर जगताप ने कहा कि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व — कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और शीर्ष नेता — लेंगे। उन्होंने युवाओं, विशेषकर जेन-ज़ी पीढ़ी की राजनीतिक भागीदारी का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने का पूरा हक है। जगताप ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे आंदोलनों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।

स्टारलिंक, जेवर एयरपोर्ट और अन्य मुद्दे

स्टारलिंक की भारत में एंट्री पर जगताप ने कहा कि किसी भी नई तकनीक का स्वागत किया जाना चाहिए, बशर्ते उससे देश को वास्तविक लाभ मिले और निर्धारित नियम-प्रक्रियाओं का पालन हो। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी को इसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए और तकनीक के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी के बजाय देश के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

जेवर एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखे जाने के फैसले पर जगताप ने कहा कि उन्हें नामकरण पर आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्होंने नामकरण के तरीके पर विचार व्यक्त किया। उन्होंने गुजरात के नरेंद्र मोदी स्टेडियम का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले से विद्यमान सरदार पटेल के नाम वाले स्टेडियम का नाम बदला गया था। उनका सुझाव था कि बड़े राष्ट्रीय नेताओं के नाम पर नई परियोजनाएँ या नए निर्माण भी किए जा सकते हैं।

एमपीएससी पेपर लीक और छात्र आंदोलन

महाराष्ट्र में पुणे के एमपीएससी (Maharashtra Public Service Commission) छात्रों के आंदोलन पर जगताप ने कहा कि विद्यार्थी पिछले आठ दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं और कांग्रेस उनके समर्थन में खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि एमपीएससी परीक्षा के पेपर लीक मामले में कुछ लोगों ने कथित तौर पर ₹60 से ₹70 लाख देकर पेपर हासिल किए और उसके ज़रिए नौकरियाँ प्राप्त कीं। उन्होंने बताया कि इस मामले से जुड़े साक्ष्य सीआईडी को सौंपे गए हैं और जाँच के दौरान कुछ गिरफ्तारियाँ भी हुई हैं।

जगताप ने मांग की कि जिस संस्था के प्रमुख के कार्यकाल में इस तरह की गड़बड़ी हुई, उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य दाँव पर है और जब तक उनकी माँगों पर उचित निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कांग्रेस की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा लगता है जिसमें संवैधानिक संस्थाओं की 'स्वायत्तता' को राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है। लेकिन विरोधाभास यह है कि एक ओर जगताप आंदोलनों के 'राजनीतिकरण' से बचने की बात करते हैं, दूसरी ओर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उन्हीं आंदोलनों में भागीदारी तय करेगा। एमपीएससी पेपर लीक के आरोप गंभीर हैं और ₹60-70 लाख की कथित राशि यदि जाँच में साबित होती है तो यह महाराष्ट्र सरकार के लिए बड़ा संकट बन सकता है — लेकिन इस मुद्दे को विपक्षी प्रेस वार्ता में उठाना उसकी स्वतंत्र जाँच की माँग को भी कमज़ोर कर सकता है।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाई जगताप ने भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी को क्यों जवाब दिया?
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी पर लोकतंत्र को कमज़ोर करने का आरोप लगाया था, जिसके जवाब में कांग्रेस नेता भाई जगताप ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और कांग्रेस इस अधिकार की रक्षा के लिए हर आंदोलन का समर्थन करेगी।
एमपीएससी पेपर लीक मामले में क्या आरोप लगाए गए हैं?
भाई जगताप ने आरोप लगाया कि एमपीएससी परीक्षा में कथित तौर पर ₹60 से ₹70 लाख देकर पेपर हासिल किए गए और उसके ज़रिए सरकारी नौकरियाँ प्राप्त की गईं। उन्होंने बताया कि इस मामले के साक्ष्य सीआईडी को सौंपे गए हैं और जाँच के दौरान कुछ गिरफ्तारियाँ भी हो चुकी हैं।
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर कांग्रेस नेताओं की भागीदारी होगी क्या?
जगताप ने कहा कि 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं की भागीदारी का अंतिम निर्णय पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और शीर्ष नेतृत्व लेगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ऐसे आंदोलनों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।
जेवर एयरपोर्ट के नामकरण पर कांग्रेस का क्या रुख है?
भाई जगताप ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखे जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। हालाँकि उन्होंने सुझाव दिया कि पहले से किसी बड़े नेता के नाम पर बनी परियोजना का नाम बदलने की बजाय नई परियोजनाओं पर नामकरण करना बेहतर होता है।
42 पूर्व न्यायाधीशों ने किस पर चिंता जताई है?
42 पूर्व न्यायाधीशों ने चुनाव आयोग के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों पर चिंता व्यक्त की है। जगताप ने इस पर कहा कि संवैधानिक दायरे में होने वाले प्रदर्शनों पर सवाल उठाना आश्चर्यजनक है और यदि संस्थाओं पर जनता का विश्वास कमज़ोर हो रहा है तो उसके कारणों पर भी विचार होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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