भाई जगताप का भाजपा पर पलटवार: लोकतंत्र-संविधान की रक्षा के हर आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता एवं महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य भाई जगताप ने 9 अक्टूबर 2026 को मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी पर तीखा पलटवार किया। भंडारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर लोकतंत्र को कमज़ोर करने का आरोप लगाया था, जिसे जगताप ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए उठने वाले हर आंदोलन का समर्थन करेगी।
भाजपा के आरोपों पर कांग्रेस का पक्ष
जगताप ने कहा कि संविधान ने नागरिकों को अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने की गारंटी दी है और यह अधिकार किसी राजनीतिक दल विशेष का नहीं, बल्कि हर आम नागरिक का है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि 2014 के बाद से देश में लोकतंत्र सुचारु रूप से काम कर रहा है, तो संवैधानिक संस्थाओं पर इस तरह के सवाल क्यों उठ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर होने वाली टिप्पणियों से कांग्रेस अपने मुद्दों से पीछे नहीं हटेगी।
गौरतलब है कि जगताप ने 2023 में संसद में 142 सांसदों के निलंबन के बाद पारित उस कानून का भी उल्लेख किया, जिसके तहत कथित तौर पर मुख्य न्यायाधीश और मुख्य चुनाव आयुक्त को विशेष संरक्षण दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उस कानून की संवैधानिकता पर पर्याप्त बहस हुई और क्या कोई भी व्यक्ति या संस्था संविधान से ऊपर हो सकती है।
42 पूर्व न्यायाधीशों की चिंता और चुनाव आयोग
चुनाव आयोग के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों पर 42 पूर्व न्यायाधीशों द्वारा चिंता जताए जाने के मुद्दे पर जगताप ने कहा कि संवैधानिक दायरे में होने वाले प्रदर्शनों पर सवाल उठाना उन्हें आश्चर्यजनक लगता है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि संस्थाओं पर जनता का भरोसा कमज़ोर हो रहा है, तो उसके कारणों पर भी गहराई से विचार होना चाहिए। देश की न्यायपालिका ने कई अवसरों पर नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हस्तक्षेप किया है।
जंतर-मंतर प्रदर्शन और कांग्रेस की भूमिका
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर, नई दिल्ली में सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) की ओर से प्रस्तावित प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं की भागीदारी के सवाल पर जगताप ने कहा कि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व — कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और शीर्ष नेता — लेंगे। उन्होंने युवाओं, विशेषकर जेन-ज़ी पीढ़ी की राजनीतिक भागीदारी का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने का पूरा हक है। जगताप ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे आंदोलनों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।
स्टारलिंक, जेवर एयरपोर्ट और अन्य मुद्दे
स्टारलिंक की भारत में एंट्री पर जगताप ने कहा कि किसी भी नई तकनीक का स्वागत किया जाना चाहिए, बशर्ते उससे देश को वास्तविक लाभ मिले और निर्धारित नियम-प्रक्रियाओं का पालन हो। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी को इसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए और तकनीक के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी के बजाय देश के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
जेवर एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखे जाने के फैसले पर जगताप ने कहा कि उन्हें नामकरण पर आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्होंने नामकरण के तरीके पर विचार व्यक्त किया। उन्होंने गुजरात के नरेंद्र मोदी स्टेडियम का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले से विद्यमान सरदार पटेल के नाम वाले स्टेडियम का नाम बदला गया था। उनका सुझाव था कि बड़े राष्ट्रीय नेताओं के नाम पर नई परियोजनाएँ या नए निर्माण भी किए जा सकते हैं।
एमपीएससी पेपर लीक और छात्र आंदोलन
महाराष्ट्र में पुणे के एमपीएससी (Maharashtra Public Service Commission) छात्रों के आंदोलन पर जगताप ने कहा कि विद्यार्थी पिछले आठ दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं और कांग्रेस उनके समर्थन में खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि एमपीएससी परीक्षा के पेपर लीक मामले में कुछ लोगों ने कथित तौर पर ₹60 से ₹70 लाख देकर पेपर हासिल किए और उसके ज़रिए नौकरियाँ प्राप्त कीं। उन्होंने बताया कि इस मामले से जुड़े साक्ष्य सीआईडी को सौंपे गए हैं और जाँच के दौरान कुछ गिरफ्तारियाँ भी हुई हैं।
जगताप ने मांग की कि जिस संस्था के प्रमुख के कार्यकाल में इस तरह की गड़बड़ी हुई, उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य दाँव पर है और जब तक उनकी माँगों पर उचित निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।