20 अक्टूबर 2026
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भाई जगताप का भागवत पर पलटवार: 'बेरोजगारी देखें, देश में अघोषित आपातकाल जारी'

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भाई जगताप का भागवत पर पलटवार: 'बेरोजगारी देखें, देश में अघोषित आपातकाल जारी'

सारांश

कांग्रेस एमएलसी भाई जगताप ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर पलटवार करते हुए बेरोजगारी, पेपर लीक और अघोषित आपातकाल का मुद्दा उठाया। परिसीमन, रूस से तेल खरीद, पुलवामा और राहुल गांधी को लेकर भाजपा पर तीखे हमले बोलते हुए उन्होंने सर्वदलीय बैठक की माँग दोहराई।

मुख्य बातें

कांग्रेस एमएलसी भाई जगताप ने 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी पर तीखा पलटवार किया।
जगताप ने आरोप लगाया कि 2014 के बाद से देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति है और नागरिकों के संवैधानिक अधिकार सीमित हो रहे हैं।
पेपर लीक मामलों में BJP से जुड़े लोगों की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए युवाओं की बर्बाद हो रही मेहनत का मुद्दा उठाया।
परिसीमन पर इंडिया गठबंधन सहित सभी दलों की सर्वदलीय बैठक बुलाने की माँग; EVM और SIR के जरिए वोट चोरी के आरोप।
राहुल गांधी की 6,000 किलोमीटर से अधिक यात्राओं का उल्लेख, BJP से जनता के सवालों पर जवाब देने की माँग।

कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) भाई जगताप ने 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत की सत्ता परिवर्तन संबंधी टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। जगताप ने कहा कि भागवत को राजनीतिक बयानों से पहले देश के बेरोजगार युवाओं और पेपर लीक जैसी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 के बाद से भारत में एक अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बनी हुई है।

भागवत की टिप्पणी पर जगताप का पलटवार

जगताप ने कहा कि आरएसएस प्रमुख जब सत्ता परिवर्तन की बात करते हैं, तो उन्हें पहले यह देखना चाहिए कि देश के युवा बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। उन्होंने कहा, 'छात्र वर्षों तक कठोर मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षाओं के पेपर लीक होने से उनकी तपस्या बर्बाद हो जाती है।' जगताप ने आरोप लगाया कि ऐसे पेपर लीक मामलों में पकड़े गए कुछ लोगों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) से संबंध रहे हैं।

उनका यह भी कहना था कि नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को सीमित करने की कोशिशों के चलते विभिन्न राज्यों में आंदोलन हो रहे हैं। जगताप ने चेताया कि यदि सरकार जनता की बात नहीं सुनेगी, तो लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।

रूस से तेल खरीद और विदेश नीति पर सवाल

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा भारत के ऊर्जा पोर्टफोलियो में विविधता लाने के समर्थन के संदर्भ में जगताप ने रूस से तेल खरीद के मुद्दे को उठाया। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय तेल कारोबार में भारत के हितों को लेकर सरकार को अपनी स्थिति देश के सामने स्पष्ट करनी चाहिए। जगताप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार की नीतियाँ राष्ट्रहित के विरुद्ध हैं।

परिसीमन और लोकतंत्र पर विपक्ष की माँग

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सर्वदलीय बैठक की माँग को 'अनुचित' बताए जाने पर जगताप ने कड़ा एतराज जताया। उनका कहना था कि परिसीमन एक संवैधानिक प्रक्रिया है और इसे सरकार अपने विवेक से एकतरफा तय नहीं कर सकती। उन्होंने ईवीएम और विशेष पहचान रजिस्टर (SIR) के जरिए वोट चोरी के आरोप भी लगाए और आशंका जताई कि परिसीमन प्रक्रिया से राजनीतिक दलों के संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित किया जा सकता है।

जगताप ने माँग की कि इंडिया गठबंधन और अन्य विपक्षी दलों सहित सभी पक्षों को परिसीमन विमर्श में शामिल किया जाए। गौरतलब है कि दक्षिण भारतीय राज्यों में भी परिसीमन को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएँ आई हैं।

आतंकवाद और पुलवामा का संदर्भ

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की आतंकवाद पर दोहरे मापदंड न अपनाने की टिप्पणी के जवाब में जगताप ने पुलवामा हमले का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद पर बयान देते समय अपने देश में हुए हमलों और हताहतों को भी ध्यान में रखना अनिवार्य है, और राजनाथ सिंह को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।

खड़गे-मोदी मुलाकात और राहुल गांधी का मुद्दा

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की प्रधानमंत्री मोदी से प्रस्तावित मुलाकात पर जगताप ने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में देश के ज्वलंत मुद्दे सरकार के सामने रखना खड़गे का संवैधानिक अधिकार है। इस बैठक में एसआईआर, परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे विषय उठाए जाएँगे। हालाँकि जगताप ने स्वीकार किया कि उन्हें इस बातचीत से बहुत अधिक उम्मीद नहीं है, लेकिन विपक्ष अपनी बात दृढ़ता से रखेगा।

राहुल गांधी को लेकर भाजपा की सोशल मीडिया पोस्ट (एक्स) के संदर्भ में जगताप ने कहा कि कांग्रेस नेता जनता के मुद्दों की लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने उल्लेख किया कि राहुल गांधी अपनी यात्राओं में 6,000 किलोमीटर से अधिक पैदल चल चुके हैं और युवाओं, छात्रों व किसानों के सवालों पर सरकार को निरंतर जवाबदेह बनाते रहेंगे। जगताप ने BJP से कहा कि राहुल गांधी की चिंता करने के बजाय पार्टी को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों की सरगर्मी बढ़ रही है और विपक्ष केंद्र सरकार पर चौतरफा हमला तेज कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन '2014 से अघोषित आपातकाल' जैसे बड़े दावे बिना ठोस संस्थागत प्रमाण के विमर्श को कमज़ोर भी कर सकते हैं। यह भी गौर करने की बात है कि परिसीमन और महिला आरक्षण पर विपक्ष की माँगें अलग-अलग राज्यों में परस्पर विरोधाभासी रही हैं — जिसका जवाब कांग्रेस को भी देना होगा।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाई जगताप ने मोहन भागवत पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस एमएलसी भाई जगताप ने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को सत्ता परिवर्तन की बात करने से पहले देश में बेरोजगारी और पेपर लीक जैसी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने पेपर लीक मामलों में BJP से जुड़े लोगों की संलिप्तता का भी आरोप लगाया।
जगताप ने अघोषित आपातकाल का दावा क्यों किया?
जगताप के अनुसार 2014 के बाद से नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को सीमित करने की कोशिशें हो रही हैं, जिससे विभिन्न राज्यों में आंदोलन उभरे हैं — इसीलिए उन्होंने इसे 'अघोषित आपातकाल' की संज्ञा दी। उन्होंने सरकार से संविधान के दायरे में रहकर विपक्ष की बात सुनने की अपील की।
भाई जगताप ने परिसीमन पर क्या माँग रखी?
जगताप ने कहा कि परिसीमन एक संवैधानिक प्रक्रिया है जिसे सरकार एकतरफा तय नहीं कर सकती, और इस पर इंडिया गठबंधन सहित सभी विपक्षी दलों के साथ सर्वदलीय बैठक होनी चाहिए। उन्होंने EVM और SIR के जरिए वोट चोरी के आरोप भी लगाए।
रूस से तेल खरीद पर जगताप का क्या कहना था?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयान के संदर्भ में जगताप ने कहा कि सरकार को अंतरराष्ट्रीय तेल कारोबार में भारत के हितों पर अपनी स्थिति देश के सामने स्पष्ट करनी चाहिए। उनके अनुसार BJP नेताओं को इस विषय पर जवाबदेही लेनी होगी।
राहुल गांधी को लेकर जगताप ने BJP से क्या कहा?
जगताप ने कहा कि राहुल गांधी अपनी यात्राओं में 6,000 किलोमीटर से अधिक पैदल चल चुके हैं और जनता के मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाते रहेंगे। उन्होंने BJP से आग्रह किया कि राहुल गांधी की चिंता छोड़कर जनता के सवालों का जवाब दिया जाए।
राष्ट्र प्रेस
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