भारत लाइफ साइंसेज अवार्ड 2026: ₹7 करोड़ की ग्रांट के साथ आवेदन शुरू, 10 अगस्त है अंतिम तिथि
सारांश
मुख्य बातें
भारत लाइफ साइंसेज अवार्ड (BLSA) 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 जुलाई 2026 से औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। ₹7 करोड़ की अनुदान राशि से समर्थित यह पुरस्कार भारत के लाइफ साइंसेज क्षेत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और सार्वजनिक स्वास्थ्य में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करने के लिए स्थापित किया गया है। इच्छुक आवेदकों के पास 10 अगस्त 2026 तक पंजीकरण का अवसर है।
पुरस्कार की संरचना और श्रेणियाँ
BLSA 2026 के अंतर्गत पाँच श्रेणियों में कुल छह सम्मान प्रदान किए जाएँगे। इनमें व्यक्तिगत उत्कृष्टता, सहयोगात्मक नवाचार, संस्थागत उत्कृष्टता, स्वास्थ्य सेवा एवं जीवन विज्ञान स्टार्टअप और वैज्ञानिक इकोसिस्टम विकास शामिल हैं। इनमें से चार श्रेणियों में अनुदान सहायता उपलब्ध है, जबकि शेष दो श्रेणियाँ नवाचार और इकोसिस्टम निर्माण में असाधारण योगदान को मान्यता प्रदान करती हैं।
आयोजन में भागीदार संस्थाएँ
इस पहल का संयुक्त आयोजन फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) और वैश्विक फार्मास्यूटिकल कंपनी लिली (Lilly) द्वारा किया जा रहा है। इस आयोजन को जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (BIRAC) और इन्वेस्ट इंडिया का सहयोग प्राप्त है। गौरतलब है कि BIRAC केंद्र सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत एक प्रमुख संस्था है, जो स्टार्टअप और अनुसंधान संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
कौन कर सकता है आवेदन
BLSA 2026 के लिए शोधकर्ता, वैज्ञानिक, सार्वजनिक अनुसंधान संस्थान, विश्वविद्यालय और निजी क्षेत्र के नवप्रवर्तक (इनोवेटर) आवेदन के पात्र हैं। उल्लेखनीय है कि सभी आवेदकों को आवेदन शुल्क में पूर्ण छूट दी गई है, जिससे यह पुरस्कार व्यापक वैज्ञानिक समुदाय के लिए सुलभ बनाया गया है।
मूल्यांकन प्रक्रिया
प्राप्त सभी आवेदनों का मूल्यांकन एक स्वतंत्र निर्णायक मंडल द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के पक्षपात से बचने के लिए मूल्यांकन को बाहरी विशेषज्ञों पर निर्भर रखा गया है।
आगे क्या होगा
आवेदन की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026 है। इच्छुक उम्मीदवारों को BLSA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया समय-सीमा के भीतर पूरी करनी होगी। यह पुरस्कार ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार जीवन विज्ञान और बायोटेक क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए नीतिगत प्रयास तेज कर रही है।