भारत वैश्विक मानवता के प्रति दृढ़ता के साथ खड़ा: कौसर जहां
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नई दिल्ली, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत की तैयारियों के विषय में प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में भाषण दिया। इससे पहले, उन्होंने सोमवार को लोकसभा में भी इसी विषय पर अपनी बात रखी थी।
दिल्ली हज कमेटी की चेयरपर्सन, कौसर जहां ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि भारत इस संकट से निपटने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। उन्होंने कोविड-१९ महामारी के समय की एकता को याद करते हुए कहा कि आज भी ऐसे ही एकजुटता की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत संवाद और मानवता के प्रति दृढ़ता के साथ खड़ा है।
उन्होंने आगे कहा कि मिडिल ईस्ट युद्ध के संदर्भ में सरकार अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए सक्रिय है और समुचित प्रबंध भी कर रही है।
महिला आरक्षण विधेयक पर कौसर जहां ने कहा कि यह देश की आधी जनसंख्या और महिलाओं को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण निर्णय है, जो प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लिया जा रहा है। इससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में वृद्धि होगी और विकास को नई गति मिलेगी। यह कदम मैंने स्वागत किया है, और देश की महिलाएं भी इसका स्वागत कर रही हैं। वे पीएम मोदी का आभार व्यक्त कर रही हैं।
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में कहा कि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक व्यापार के महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है, खासकर कच्चे तेल, गैस और उर्वरक के परिवहन के लिए। युद्ध के बाद से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों का आवागमन बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है, लेकिन हमारी सरकार ने संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान संकट ने संपूर्ण विश्व की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। पश्चिम एशिया में हुए नुकसान से उबरने में समय लगेगा। भारत पर इसका न्यूनतम प्रभाव हो, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हमारी अर्थव्यवस्था के सिद्धांत मजबूत हैं और सरकार हर पल बदलते हालात पर नज़र रखे हुए है।