विश्व हाथी दिवस: भारत में दुनिया के 60% जंगली एशियाई हाथी, 14 राज्यों में 33 हाथी रिजर्व सक्रिय
सारांश
मुख्य बातें
विश्व हाथी दिवस पर 12 अगस्त 2026 को देशभर के नेताओं ने भारत की पारिस्थितिक विरासत में हाथियों की अपरिहार्य भूमिका को रेखांकित किया और उनके संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में कहा कि भारत में दुनिया के लगभग 60 प्रतिशत जंगली एशियाई हाथी निवास करते हैं — जो देश की जैविक समृद्धि का जीवंत प्रमाण है।
कीर्तिवर्धन सिंह का संदेश: गर्व और संकल्प
केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने एक्स पर लिखा, 'भारत दुनिया के सबसे समृद्ध और विविध परिदृश्यों में से एक का घर है। विश्व हाथी दिवस पर हम गर्व से कह सकते हैं कि दुनिया के लगभग 60 प्रतिशत जंगली एशियाई हाथी यहीं रहते हैं, जो हमारी पारिस्थितिक विरासत का जीवंत प्रतीक हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि हाथी राजसी सुंदरता के प्रतीक हैं और गहरा धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व रखते हैं।
मंत्री ने 14 राज्यों में स्थापित 33 हाथी रिजर्व का उल्लेख करते हुए कहा कि ये रिजर्व महत्वपूर्ण आवासों की रक्षा कर रहे हैं और हाथियों के प्रवास मार्गों का संरक्षण सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने हाथियों को 'पारिस्थितिकी तंत्र के इंजीनियर' बताते हुए कहा कि ये जीव बीजों को लंबी दूरी तक फैलाकर नई वनस्पति के उगने में सहायक होते हैं और प्रकृति में संतुलन बनाए रखते हैं।
आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण का संकल्प
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने विश्व हाथी दिवस पर कहा कि हाथी 'सिर्फ जंगल का एक राजसी प्राणी नहीं, बल्कि हमारे जंगलों का संरक्षक, पारिस्थितिक संतुलन का प्रतीक और भारत की प्राकृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है।' उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में यह जानकारी दी गई।
पवन कल्याण ने प्रोजेक्ट एलीफेंट के माध्यम से भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का उल्लेख किया और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रतिबद्धता हाथियों की रक्षा, उनके आवासों और गलियारों को सुरक्षित रखने तथा मनुष्यों और वन्यजीवों के बीच सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के राष्ट्रीय संकल्प को दर्शाती है।
आंध्र प्रदेश की ज़मीनी पहल: कुमकी और HANUMAN
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने आंध्र प्रदेश में चल रही विशिष्ट पहलों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि राज्य कुमकी हाथियों और HANUMAN (वन्यजीवों की निगरानी, सहायता और देखभाल के लिए उपचार और पालन-पोषण इकाइयाँ) पहल के ज़रिए संरक्षण कार्य को आगे बढ़ा रहा है। इसमें प्रशिक्षित फील्ड टीमें, बचाव अवसंरचना, आधुनिक तकनीक और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र शामिल हैं।
पवन कल्याण ने अपना दृष्टिकोण स्पष्ट करते हुए कहा, 'सुरक्षित समुदाय, संरक्षित जंगल और सुरक्षित आवासों में स्वतंत्र रूप से घूमते हाथी।' उन्होंने आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति के साथ सद्भाव में जीने के लिए प्रेरित करने की अपील की।
हाथी संरक्षण का राष्ट्रीय परिदृश्य
गौरतलब है कि भारत में हाथी संरक्षण की दिशा में प्रोजेक्ट एलीफेंट वर्ष 1992 से सक्रिय है और यह देश के सबसे पुराने वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रमों में से एक है। वर्तमान में 14 राज्यों में फैले 33 हाथी रिजर्व न केवल हाथियों के प्राकृतिक आवास की रक्षा करते हैं, बल्कि मानव-हाथी संघर्ष को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह ऐसे समय में और अधिक प्रासंगिक हो जाता है जब वन क्षेत्रों पर मानवीय दबाव लगातार बढ़ रहा है।
विश्व हाथी दिवस पर नेताओं के ये संकल्प भारत की उस व्यापक नीतिगत प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं जो वन्यजीव संरक्षण को विकास के साथ संतुलित करने का प्रयास करती है। आने वाले समय में इन पहलों के धरातल पर उतरने की गति और प्रभाव ही इनकी वास्तविक कसौटी होगी।