29 सितंबर 2026
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भाजपा शासित राज्यों में मुसलमान असुरक्षित: मौलाना मुश्ताक मलिक के गंभीर आरोप

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भाजपा शासित राज्यों में मुसलमान असुरक्षित: मौलाना मुश्ताक मलिक के गंभीर आरोप

सारांश

तहरीक मुस्लिम शब्बान के अध्यक्ष मौलाना मुश्ताक मलिक ने हैदराबाद में BJP शासित राज्यों पर गंभीर आरोप लगाए — बुलडोजर कार्रवाई, मस्जिद विध्वंस और डिटेंशन सेंटर का मुद्दा उठाते हुए संवैधानिक सुरक्षा की माँग की। यह बयान अल्पसंख्यक अधिकारों पर चल रही राष्ट्रीय बहस को और तीखा कर सकता है।

मुख्य बातें

मौलाना मुश्ताक मलिक ने 29 सितंबर 2026 को हैदराबाद में BJP शासित राज्यों में मुसलमानों की असुरक्षा पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने असम और पश्चिम बंगाल में एसआईआर के तहत मुसलमानों को डिटेंशन सेंटर भेजे जाने का आरोप लगाया।
दिल्ली की मदीना मस्जिद और कोलकाता एयरपोर्ट की जामा मस्जिद को गिराए जाने पर भी आपत्ति जताई।
मौलाना ने 200 घरों वाली मुस्लिम बस्तियों पर बुलडोजर चलाने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अल्पसंख्यकों को संवैधानिक सुरक्षा देने की माँग की; BJP की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं।

तहरीक मुस्लिम शब्बान के अध्यक्ष मौलाना मुश्ताक मलिक ने 29 सितंबर 2026 को हैदराबाद में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्यों में मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों को गंभीर कठिनाइयों और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से संवैधानिक सुरक्षा उपायों को लागू करने की माँग की।

मुख्य आरोप और बयान

मौलाना मुश्ताक मलिक ने कहा, 'भाजपा के शासन वाले राज्यों में मुसलमानों का जीवन बहुत मुश्किल हो गया है। जहाँ भी एसआईआर हुआ है, जैसे असम और बंगाल में, मुसलमानों को बाहर निकाला जा रहा है और डिटेंशन सेंटर में भेजा जा रहा है।'

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में मुस्लिम इलाकों में पानी तक बंद कर दिया गया है। उनके अनुसार, 'मस्जिदें गिराई जा रही हैं, मॉब लिंचिंग हो रही है। टोपी पहनकर और दाढ़ी रखकर ट्रेनों और सड़कों पर चलना भी मुश्किल हो गया है।' मौलाना ने यह भी दावा किया कि एक बार में 200 घरों वाली मुस्लिम बस्तियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है।

ऐतिहासिक सन्दर्भ और 1947 का उल्लेख

मौलाना मुश्ताक मलिक ने कहा, '1947 में पाकिस्तान जाने के बजाय मुसलमानों ने भारत को अपना मुल्क समझकर यहाँ रहने का निर्णय लिया था। उनके अनुसार इस देश के लिए हमारे समाज के लोगों ने बड़ी कुर्बानी दी है।' उन्होंने वीर अब्दुल हमीद का उदाहरण देते हुए कहा कि देश की रक्षा करना असली देशभक्ति है, न कि कोई गीत गाना।

मस्जिदों पर कार्रवाई का मुद्दा

इससे पहले भी हैदराबाद में मौलाना ने दिल्ली की मदीना मस्जिद और कोलकाता एयरपोर्ट की जामा मस्जिद को गिराए जाने पर चिंता जताई थी। उनके अनुसार, 'गैरकानूनी होने के नाम पर मस्जिदों को निशाना बनाया जा रहा है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में अल्पसंख्यक अधिकारों और धार्मिक स्थलों पर की जाने वाली कार्रवाइयों को लेकर राष्ट्रीय बहस जारी है।

संवैधानिक सुरक्षा की माँग

मौलाना मुश्ताक मलिक ने केंद्र और राज्य सरकारों से आग्रह किया कि अल्पसंख्यकों को संविधान द्वारा प्रदत्त सुरक्षा वास्तविक रूप में मिलनी चाहिए। गौरतलब है कि यह बयान किसी सत्यापित सरकारी आँकड़े पर आधारित नहीं है — मौलाना के ये आरोप उनके निजी दृष्टिकोण और संगठन की पर्यवेक्षण पर आधारित हैं। BJP या संबंधित राज्य सरकारों की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे की स्थिति

तहरीक मुस्लिम शब्बान ने संकेत दिया है कि यदि सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो संगठन आगे और बड़े प्रदर्शन की योजना बना सकता है। अल्पसंख्यक अधिकारों का यह मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक विमर्श का केंद्र बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनमें से अधिकांश का स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है — यह ज़िम्मेदार रिपोर्टिंग का तकाज़ा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में बुलडोजर कार्रवाई, धार्मिक स्थलों पर अतिक्रमण हटाने और नागरिकता से जुड़े मुद्दे राष्ट्रीय विमर्श में प्रमुख हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस बात को नज़रअंदाज़ करती है कि इन मुद्दों पर सरकार और संगठनों के बीच कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं की व्याख्या अलग-अलग होती है। BJP की ओर से इन आरोपों पर खंडन या स्पष्टीकरण न आना भी उतना ही ध्यान देने योग्य तथ्य है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना मुश्ताक मलिक कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?
मौलाना मुश्ताक मलिक तहरीक मुस्लिम शब्बान संगठन के अध्यक्ष हैं। उन्होंने 29 सितंबर 2026 को हैदराबाद में आरोप लगाया कि BJP शासित राज्यों में मुसलमानों को असुरक्षा, बुलडोजर कार्रवाई, मस्जिद विध्वंस और डिटेंशन सेंटर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
मौलाना ने किन राज्यों में मुसलमानों की स्थिति पर चिंता जताई?
मौलाना मुश्ताक मलिक ने विशेष रूप से असम और पश्चिम बंगाल का उल्लेख किया, जहाँ उनके अनुसार एसआईआर प्रक्रिया के तहत मुसलमानों को डिटेंशन सेंटर भेजा जा रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुस्लिम इलाकों में पानी बंद करने का भी आरोप लगाया।
किन मस्जिदों के विध्वंस का जिक्र किया गया?
मौलाना ने दिल्ली की मदीना मस्जिद और कोलकाता एयरपोर्ट की जामा मस्जिद को गिराए जाने का उल्लेख किया। उनका कहना है कि इन्हें 'गैरकानूनी' बताकर निशाना बनाया जा रहा है।
BJP या सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आई?
अभी तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) या संबंधित राज्य सरकारों की ओर से मौलाना के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक खंडन या प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है।
तहरीक मुस्लिम शब्बान आगे क्या कदम उठाने की योजना में है?
संगठन ने संकेत दिया है कि यदि सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे और बड़े प्रदर्शन की योजना बना सकते हैं। मौलाना ने संवैधानिक सुरक्षा उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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