भारत-नेपाल सीमा पर अवैध गतिविधियाँ रोकें: CM सम्राट चौधरी की 7 जिलों के अधिकारियों को सख्त हिदायत
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 3 जुलाई 2026 को पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के 'संवाद' कक्ष में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा, प्रशासन और विकास से जुड़े मुद्दों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए सीमावर्ती 7 जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक जुड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीमा पर किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में क्या हुआ
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन और द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तृत जानकारी दी। किशनगंज, मधुबनी और पश्चिम चम्पारण के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों ने पूर्व में दिए गए निर्देशों के आलोक में की गई कार्रवाई से अवगत कराया और अपने सुझाव साझा किए। सशस्त्र सीमा बल (SSB), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), प्रवर्तन निदेशालय (ED), नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), सीमा शुल्क और आयकर विभाग के अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों की कार्रवाई और सुझाव प्रस्तुत किए।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा की कुल लंबाई 735 किलोमीटर है, जिस पर बिहार के 7 जिले, 70 पुलिस थाने और SSB के 194 बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) स्थित हैं। उन्होंने कहा कि सभी चेकपोस्टों से 15 किलोमीटर की परिधि तक प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। आर्थिक अपराधों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) के स्तर पर इस विषय पर नियमित बैठकें होती रही हैं और पूर्व में लिए गए निर्णयों से संबंधित कई कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों से समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ बचे हुए कार्यों को तेज़ी से पूरा करने को कहा।
तस्करी रोकने और आर्थिक निगरानी पर ज़ोर
बैठक में उर्वरक और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और SSB के बीच नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सीमावर्ती जिलों में थाना स्तर पर विशेष टीमें गठित की जाएं, जो ऐसे व्यक्तियों की पहचान और सत्यापन करें जिनकी आय में अचानक असामान्य वृद्धि हुई हो। ऐसे मामलों में पूरी जानकारी संकलित कर विधि सम्मत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
किशनगंज में उर्दू विद्यालयों की स्थापना का निर्देश
मुख्यमंत्री ने किशनगंज जिले में 100 उपयुक्त स्थलों की पहचान करने का निर्देश दिया जहाँ उर्दू विद्यालय स्थापित किए जा सकें। यह निर्देश सीमावर्ती क्षेत्र में शैक्षणिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। गौरतलब है कि किशनगंज बांग्लादेश और नेपाल दोनों सीमाओं के निकट स्थित एक संवेदनशील जिला है।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत-नेपाल सीमा पर साइबर अपराध, नागरिकता संबंधी मामलों और अतिक्रमण जैसी चुनौतियाँ बढ़ती जा रही हैं। बैठक में इन सभी विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई और आधारभूत संरचना विकास के लंबित कार्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि भारत-नेपाल संबंधों को बेहतर बनाए रखते हुए सीमा क्षेत्र की सभी गतिविधियों पर पूर्ण निगरानी जारी रखें।