मौलाना मदनी के जिहाद वाले बयान पर BJP सांसद भोला सिंह बोले — सख्त कार्रवाई होनी चाहिए
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद भोला सिंह ने 24 जून 2026 को नई दिल्ली में मौलाना सैयद अरशद मदनी के जिहाद संबंधी बयान, पंजाब के मुख्यमंत्री के वीडियो विवाद, राम मंदिर चंदा प्रकरण और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। भोला सिंह ने कहा कि समाज को गुमराह करने वाले नेताओं के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
मौलाना मदनी के बयान पर कड़ा रुख
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना सैयद अरशद मदनी के जिहाद संबंधी बयान पर BJP सांसद भोला सिंह ने कहा, 'ये लोग पागलों की तरह बयान देते हैं। समाज के युवाओं को सही रास्ता दिखाने के बजाय, अगर उनके नेता या प्रमुख ऐसी बातें कहते हैं, तो यह बहुत निंदनीय है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए जो समाज को सही दिशा दिखाने के बजाय उसे गुमराह करते हैं और भड़काते हैं।' भोला सिंह ने स्पष्ट किया कि धार्मिक नेतृत्व की जिम्मेदारी है कि वह युवाओं को उकसाने वाले बयानों से बचे।
पंजाब CM भगवंत मान के वीडियो विवाद पर प्रतिक्रिया
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक वीडियो से जुड़ी कथित फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट के मामले पर BJP सांसद ने कहा, 'यह या तो आम आदमी पार्टी (AAP) का कल्चर है या पार्टी ऐसा ही करती है।' उन्होंने पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों कथित शराब घोटाले में जेल जा चुके हैं। भोला सिंह के अनुसार, पंजाब में भी इसी पैटर्न की पुनरावृत्ति हो रही है।
राम मंदिर चंदा प्रकरण और SIT जांच
राम मंदिर चंदा चोरी प्रकरण में एसआईटी (SIT) की जांच पर BJP नेता ने कहा, 'सरकार संवेदनशील और बहुत गंभीर है। अगर सरकार पक्ष के लोगों पर कोई आरोप लगता है तो सरकार उस पर कार्रवाई करती है और जांच करती है।' उन्होंने अखिलेश यादव सरकार से तुलना करते हुए कहा कि विपक्षी सरकार में ऐसी जांच कमेटी ही नहीं बनती। भोला सिंह ने स्पष्ट किया कि इस मामले में दोषी पाए जाने पर निश्चित कार्रवाई होगी।
AIMPLB की टिप्पणियों पर BJP सांसद का जवाब
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की टिप्पणियों पर भोला सिंह ने कहा, 'कोई भी व्यक्ति अगर भारत का निवासी है तो उसे यहां की परंपरा और नियम को मानना पड़ेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि BJP सरकार की सभी योजनाओं का लाभ अल्पसंख्यक समुदाय को भी मिल रहा है, और इस आधार पर धमकी के आरोपों को उन्होंने 'पूरी तरह बेबुनियाद' बताया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब AIMPLB और सरकार के बीच वक्फ संशोधन तथा अन्य मुद्दों पर तनाव चल रहा है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
गौरतलब है कि भोला सिंह के ये बयान एक साथ कई संवेदनशील राजनीतिक मुद्दों को छूते हैं — धार्मिक नेतृत्व, विपक्षी राज्य सरकार, और अल्पसंख्यक कानून। आलोचकों का कहना है कि ऐसे बयान सामाजिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे सकते हैं, जबकि BJP का तर्क है कि यह जवाबदेही की मांग है। राम मंदिर चंदा प्रकरण में SIT की अंतिम रिपोर्ट और उस पर होने वाली कार्रवाई आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकती है।