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क्या ओडिशा में छठे राष्ट्रीय चिल्का पक्षी महोत्सव 2026 का उद्घाटन हुआ?

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क्या ओडिशा में छठे राष्ट्रीय चिल्का पक्षी महोत्सव 2026 का उद्घाटन हुआ?

सारांश

भुवनेश्वर में छठे राष्ट्रीय चिल्का पक्षी महोत्सव का उद्घाटन हुआ। उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिदा ने चिल्का झील की वैश्विक जैव विविधता के महत्व पर प्रकाश डाला। इस महोत्सव का उद्देश्य संरक्षण विज्ञान और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है। जानें इस महोत्सव के प्रमुख पहलुओं के बारे में।

मुख्य बातें

चिल्का झील जैव विविधता का एक वैश्विक केंद्र है।
उपमुख्यमंत्री ने संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया।
महोत्सव में तकनीकी और जैव विविधता प्रदर्शनियां शामिल हैं।
स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसर।
चिल्का के लिए एक समर्पित संग्रहालय की योजना बनाई जा रही है।

भुवनेश्वर, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में मंगलवार को छठे राष्ट्रीय चिल्का पक्षी महोत्सव-2026 का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर राज्य के उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री प्रभाती परिदा तथा वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंह खुंटिया मौजूद थे। यह महोत्सव 8 जनवरी तक चलेगा।

उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिदा ने कहा कि चिल्का झील न केवल ओडिशा का गौरव है, बल्कि यह एक वैश्विक जैव विविधता केंद्र भी है, जो हर साल साइबेरिया और मध्य एशिया जैसे दूरस्थ स्थानों से लाखों प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करती है।

उन्होंने कहा, "लोग अक्सर सोचते हैं कि पक्षी महाद्वीपों को पार करते हुए हजारों किलोमीटर की यात्रा कैसे करते हैं और हर साल सुरक्षित लौट आते हैं। व्यापक वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक ट्रैकिंग तकनीकों ने हमें उनके प्रवास मार्गों, पड़ावों और आवास संबंधी आवश्यकताओं को समझने में मदद की है। चिल्का इस वैश्विक प्रवासी नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभरा है।"

परिदा ने यह भी बताया कि यह महोत्सव संरक्षण विज्ञान, जैव विविधता अनुसंधान और सतत पर्यटन प्रथाओं को प्रदर्शित करने का एक मंच है। उन्होंने बताया कि जन जागरूकता बढ़ाने के लिए, विशेष रूप से छात्रों और प्रकृति प्रेमियों के बीच, महोत्सव में तकनीकी प्रदर्शनियां, जैव विविधता प्रदर्शनियां और ज्ञान साझा करने की पहल को शामिल किया गया है।

भविष्य की पहलों पर बात करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चिल्का के प्रवासी पैटर्न, संरक्षण अनुसंधान और पारिस्थितिक महत्व को दर्ज करने के लिए मंगलजोड़ी में एक समर्पित पक्षी और जैव विविधता संग्रहालय की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने आगे कहा, "यह संग्रहालय आर्द्रभूमि संरक्षण और पर्यावरण-पर्यटन के केंद्र के रूप में ओडिशा की स्थिति को और मजबूती देगा।"

उपमुख्यमंत्री ने महोत्सव में सामुदायिक भागीदारी पर विशेष जोर दिया। स्थानीय मछुआरा समुदायों द्वारा आयोजित नवस्थापित चिल्का कंट्री बोट रेस का जिक्र करते हुए परिदा ने कहा कि ऐसी पहल स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास, अनुभव और आजीविका के अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा, "यदि पर्यटन संवर्धन और सामुदायिक सशक्तिकरण साथ-साथ आगे बढ़ें, तो चिल्का का भविष्य और भी उज्ज्वल होगा।"

उपमुख्यमंत्री ने वन एवं पर्यावरण विभाग को संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और आजीविका के अवसरों के साथ पारिस्थितिक संरक्षण को संतुलित करने के लिए आभार व्यक्त किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह ओडिशा की सांस्कृतिक धरोहर और जैव विविधता को भी प्रदर्शित करता है। उपमुख्यमंत्री का दृष्टिकोण इस बात पर केंद्रित है कि कैसे स्थानीय समुदायों को सशक्त किया जा सकता है और संरक्षण प्रथाओं को बढ़ावा दिया जा सकता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छठा राष्ट्रीय चिल्का पक्षी महोत्सव कब शुरू हुआ?
छठा राष्ट्रीय चिल्का पक्षी महोत्सव 6 जनवरी 2026 को भुवनेश्वर में शुरू हुआ।
महोत्सव का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य जैव विविधता, संरक्षण विज्ञान और सतत पर्यटन प्रथाओं को बढ़ावा देना है।
राष्ट्र प्रेस
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