11 जुलाई 2026
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भूटान के PM त्शेरिंग तोबगे गुवाहाटी पहुंचे, CM हिमंत सरमा से कनेक्टिविटी और व्यापार पर बड़ी बातचीत

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भूटान के PM त्शेरिंग तोबगे गुवाहाटी पहुंचे, CM हिमंत सरमा से कनेक्टिविटी और व्यापार पर बड़ी बातचीत

सारांश

भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे का गुवाहाटी दौरा महज़ शिष्टाचार भेंट नहीं — यह 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत असम को क्षेत्रीय सहयोग के केंद्र में स्थापित करने की ठोस कोशिश है। कनेक्टिविटी, जलविद्युत और सीमावर्ती विकास पर केंद्रित इस वार्ता से पूर्वोत्तर में निवेश के नए द्वार खुलने की उम्मीद है।

मुख्य बातें

भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे सोमवार, 25 मई 2026 को गुवाहाटी पहुंचे।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ सीमा पार कनेक्टिविटी, व्यापार, पर्यटन, जलविद्युत और शिक्षा पर चर्चा हुई।
सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में असम भारत-भूटान साझेदारी में अहम भूमिका निभा रहा है।
असम सरकार 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत राज्य को क्षेत्रीय सहयोग के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित करने में सक्रिय है।
अधिकारियों के अनुसार, इस दौरे से पूर्वोत्तर क्षेत्र में निवेश और सतत विकास के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे सोमवार, 25 मई 2026 को गुवाहाटी पहुंचे, जहाँ उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में सीमा पार कनेक्टिविटी, व्यापार, पर्यटन और जलविद्युत सहयोग को केंद्र में रखा गया। दोनों नेताओं ने भारत-भूटान के गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करते हुए पूर्वोत्तर क्षेत्र में उप-क्षेत्रीय सहयोग को नई गति देने पर सहमति जताई।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'गुवाहाटी में भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे का स्वागत करके और उनसे मिलकर मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं।' सरमा ने इस दौरे को भूटान और पूर्वोत्तर क्षेत्र के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

अधिकारियों के अनुसार, वार्ता में जलविद्युत, शिक्षा, बुनियादी ढाँचा और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास जैसे विषयों पर प्रमुखता से चर्चा हुई। सीमा पार व्यापार और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के उपायों पर भी दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक संवाद हुआ।

असम की भूमिका और 'एक्ट ईस्ट' नीति

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में असम इस साझेदारी को आगे बढ़ाने में एक अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि असम और भूटान के बीच घनिष्ठ सहयोग 21वीं सदी में दक्षिण एशियाई क्षेत्र के आर्थिक और रणनीतिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

गौरतलब है कि असम सरकार भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत राज्य को क्षेत्रीय सहयोग के लिए एक प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित करने में सक्रिय रूप से जुटी है। भूटान का असम के उन जिलों के साथ गहरा भौगोलिक और सांस्कृतिक जुड़ाव है जो इस हिमालयी राष्ट्र की सीमा से सटे हैं।

भारत-भूटान संबंधों का संदर्भ

भारत और भूटान के बीच पारंपरिक रूप से घनिष्ठ राजनयिक संबंध रहे हैं, और नई दिल्ली भूटान का एक प्रमुख विकास भागीदार रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच संबंध रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में लगातार विस्तृत हो रहे हैं। हाल के वर्षों में दोनों पक्षों ने कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग को बेहतर बनाने के प्रयासों को तेज़ किया है।

आगे की उम्मीदें

अधिकारियों ने बताया कि भूटान के प्रधानमंत्री के इस दौरे से उप-क्षेत्रीय सहयोग को और मज़बूती मिलने और पूर्वोत्तर क्षेत्र में निवेश तथा सतत विकास के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। यह दौरा दोनों देशों के बीच जमीनी स्तर पर संपर्क और साझा विकास की दिशा में एक नई शुरुआत का संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रणनीतिक है। हालाँकि कनेक्टिविटी और जलविद्युत पर चर्चा वर्षों से जारी है, ठोस परियोजनाओं की प्रगति की रफ़्तार अपेक्षाओं से पीछे रही है। असली कसौटी यह होगी कि इस बार की वार्ता घोषणाओं से आगे बढ़कर सीमावर्ती जिलों में ज़मीनी बदलाव ला पाती है या नहीं।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे असम क्यों आए?
त्शेरिंग तोबगे 25 मई 2026 को गुवाहाटी पहुंचे और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरे का उद्देश्य सीमा पार कनेक्टिविटी, व्यापार, पर्यटन, जलविद्युत और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर सहयोग को मज़बूत करना था।
भारत-भूटान वार्ता में किन विषयों पर चर्चा हुई?
अधिकारियों के अनुसार, बातचीत में जलविद्युत, शिक्षा, बुनियादी ढाँचा, सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास, व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान प्रमुख विषय रहे। लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
असम की 'एक्ट ईस्ट' नीति में क्या भूमिका है?
असम सरकार भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत राज्य को दक्षिण-पूर्व एशिया और भूटान जैसे पड़ोसी देशों के साथ क्षेत्रीय सहयोग के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित कर रही है। मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, यह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत-भूटान साझेदारी को आगे बढ़ाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
भूटान और असम के बीच भौगोलिक संबंध कैसा है?
भूटान का असम के साथ भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से गहरा जुड़ाव है, खासकर उन जिलों के ज़रिए जो इस हिमालयी राष्ट्र की सीमा से सटे हैं। हाल के वर्षों में दोनों पक्षों ने कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग को बेहतर बनाने के प्रयास तेज़ किए हैं।
इस दौरे से पूर्वोत्तर क्षेत्र को क्या फायदा होने की उम्मीद है?
अधिकारियों के अनुसार, इस दौरे से उप-क्षेत्रीय सहयोग को मज़बूती मिलने और पूर्वोत्तर क्षेत्र में निवेश तथा सतत विकास के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। जलविद्युत और बुनियादी ढाँचे में सहयोग से सीमावर्ती जिलों में आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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