क्या इस बार का बजट 'विकसित बिहार' के सपनों को पूरा करेगा: दिलीप जायसवाल?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या इस बार का बजट 'विकसित बिहार' के सपनों को पूरा करेगा: दिलीप जायसवाल?

सारांश

बिहार में आगामी बजट सत्र और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 'समृद्धि यात्रा' के संदर्भ में राजनीतिक गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह बजट 'विकसित बिहार' के सपनों को साकार करने में सहायक होगा। क्या बिहार का बजट इस बार सच में विकास की दिशा में कदम बढ़ाएगा?

मुख्य बातें

बिहार का बजट पिछले वर्षों में ऐतिहासिक रूप से बढ़ा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 'समृद्धि यात्रा' के माध्यम से जनता से संवाद करते हैं।
दिलीप जायसवाल ने बजट को 'विकसित बिहार' के सपनों को पूरा करने वाला बताया।
भाजपा नेता नितिन नबीन का योगदान भी सराहनीय है।
नई योजनाओं की घोषणा की जाएगी।

पटना, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के आगामी बजट सत्र और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रस्तावित 'समृद्धि यात्रा' को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस बीच, राज्य सरकार के मंत्रियों ने बजट के आकार, विकास की दिशा और जनता से सीधे संवाद के महत्व पर अपने विचार साझा किए।

बजट सत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि बिहार का बजट पिछले वर्षों में ऐतिहासिक रूप से बढ़ा है। कभी बिहार का बजट २५ हजार करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर ३ लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। बिहार उन राज्यों में शामिल है जो अपने बजट को निर्धारित आवंटन के अनुसार सही तरीके से खर्च करता है।

उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रस्तुत किया जाने वाला बजट 'विकसित बिहार' के सपनों को साकार करने में मदद करेगा।

भाजपा नेता नितिन नबीन द्वारा आयोजित दही-चूड़ा भोज पर भी दिलीप जायसवाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे सौभाग्य का विषय बताते हुए कहा कि बिहार से ४५ वर्षीय युवा नेता दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष बने हैं।

दिलीप जायसवाल ने कहा, "नितिन नबीन पहले भी दही-चूड़ा का भोज देते रहे हैं। मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं कि इतने बड़े पद और दिल्ली जाने के बाद भी वे बिहार के लोगों को नहीं भूले।"

जायसवाल ने यह भी कहा कि हिंदू और सनातन संस्कृति के अनुसार दही-चूड़ा भोज का आयोजन परंपरा और विचारधारा से जुड़ा हुआ है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आगामी समृद्धि यात्रा पर दिलीप जायसवाल ने कहा कि जनता से सीधा संवाद करना मुख्यमंत्री की आदत बन गई है। मैं पिछले २०-२५ वर्षों से देख रहा हूं कि हर साल दिसंबर और जनवरी में वे दौरे पर निकलते हैं। लोगों से मिलते हैं और उनकी समस्याएं सुनते हैं। विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने प्रगति यात्रा भी की थी और कई योजनाओं की घोषणा की थी।

वहीं मंत्री लेशी सिंह ने भी समृद्धि यात्रा को लेकर कहा कि जहां-जहां जनता की आवश्यकता और मांग होगी, वहां मुख्यमंत्री परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। इस यात्रा के दौरान नई योजनाओं की सौगात भी दी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे निश्चित रूप से राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। राजनीतिक गतिविधियों में तेजी और सरकार की योजनाएं दर्शाती हैं कि बिहार विकास की ओर बढ़ रहा है। हमें उम्मीद है कि यह बजट राज्य की जनता के लिए सकारात्मक परिवर्तन लाएगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार का बजट पिछले वर्षों में कैसे बदला है?
बिहार का बजट पिछले वर्षों में ऐतिहासिक रूप से बढ़ा है, जो पहले २५ हजार करोड़ रुपए था, अब ३ लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है।
मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा का उद्देश्य क्या है?
मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा का उद्देश्य जनता से संवाद करना और उनकी समस्याओं को सुनना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले