बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: 5 नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी, 45 प्रस्ताव पास
सारांश
मुख्य बातें
बिहार कैबिनेट ने 24 जून 2026 को पाँच नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 45 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई, जिनमें शिक्षा, न्यायपालिका, श्रम कानून, पुरातत्व संरक्षण और शहरी विकास से जुड़े अहम निर्णय शामिल हैं।
कहाँ-कहाँ खुलेंगे नए विश्वविद्यालय
कैबिनेट ने मधुबनी में शांजा विश्वविद्यालय, नवादा के अशोक नगर में एसए विश्वविद्यालय, पटना में हिमालय विश्वविद्यालय, औरंगाबाद के जसोइया मोड़ में सीतयोग विश्वविद्यालय और सिवान में वीवी गिरी विश्वविद्यालय की स्थापना एवं संचालन को मंजूरी दी है। ये विश्वविद्यालय राज्य के विभिन्न ज़िलों में उच्च शिक्षा की पहुँच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
न्यायालय भवनों के लिए करोड़ों की स्वीकृति
बैठक में चार ज़िलों में नए न्यायालय भवनों के निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। महाराजगंज (सिवान) में 10 कोर्ट भवन, एमेनिटी भवन एवं हाजत भवन के लिए ₹34.33 करोड़, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में 20 कोर्ट भवन के लिए ₹53.02 करोड़, बेगूसराय में 15 कोर्ट भवन के लिए ₹39.04 करोड़ और रजौली (नवादा) में 10 कोर्ट भवन, एमेनिटी भवन एवं हाजत भवन के लिए ₹38.38 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
श्रम कानून और शिक्षक स्थानांतरण नीति में बदलाव
कैबिनेट ने औद्योगिक संबंध (बिहार) नियमावली, 2026, सामाजिक सुरक्षा (बिहार) नियमावली, उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा (बिहार) नियमावली तथा मजदूरी संहिता (बिहार) नियमावली, 2026 को भी स्वीकृति प्रदान की। इसके साथ ही प्रारंभिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक के शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के स्थानांतरण को व्यवस्थित करने के लिए बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 को भी हरी झंडी मिली।
भोजपुर पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जाँच को मंजूरी
बैठक में 17 जून को भोजपुर ज़िले के शाहपुर थाना अंतर्गत बिलौटी ग्राम में हुई पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जाँच के लिए गठित आयोग को घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। न्यायमूर्ति विनोद कुमार सिन्हा, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, पटना उच्च न्यायालय, की अध्यक्षता में यह जाँच आयोग विभागीय अधिसूचना 7146, 24 जून 2026 द्वारा गठित किया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहले ही इस मामले में न्यायिक जाँच की घोषणा की थी।
पुरातत्व संरक्षण और शहरी विकास के लिए बड़े कदम
कैबिनेट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), नई दिल्ली और बिहार के पुरातत्व निदेशालय के बीच राष्ट्रीय महत्व के पुरातात्विक स्थलों के जीर्णोद्धार, उन्नयन एवं रखरखाव के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) को भी मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त, बिहार में ग्रीन फील्ड सैटलाइट टाउनशिप के विकास के लिए हडको (HUDCO) के साथ ₹1 लाख करोड़ के दीर्घकालिक ऋण हेतु एमओयू करने की स्वीकृति भी मिली। यह निर्णय राज्य के शहरी बुनियादी ढाँचे को नया आकार देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।