छठ पूजा 2026: CM सम्राट चौधरी ने पटना के गंगा घाटों का निरीक्षण किया, 103 घाटों पर सुरक्षा के कड़े निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा 2026 की तैयारियों का स्थलीय जायजा लेने के लिए पटना में गंगा नदी के विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने और सुरक्षा के ठोस इंतजाम सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
स्टीमर से किया घाटों का निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने नासरीगंज घाट से महावीर घाट तक स्टीमर के जरिये गंगा किनारे स्थित घाटों की व्यवस्था का जायजा लिया। इस क्रम में कलेक्ट्रियेट घाट, गांधी घाट, पहलवान घाट, गुलाबी घाट, चौधरी टोला घाट, पथरी घाट, गायघाट और भद्र घाट सहित अनेक घाटों पर की जा रही तैयारियों का उन्होंने प्रत्यक्ष मुआयना किया।
निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सुरक्षा और बैरिकेडिंग पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी के जलस्तर और प्रवाह की स्थिति को देखते हुए छठ घाटों के निकट मजबूत बैरिकेडिंग अनिवार्य रूप से कराई जाए। घाटों तक पहुंचने वाले मार्गों और गंगा किनारे की सड़कों पर भी बैरिकेडिंग की व्यवस्था हो, जिससे व्रतियों और श्रद्धालुओं का आवागमन सुगम एवं सुरक्षित बना रहे।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि घाटों पर साफ-सफाई और स्वच्छता के मामले में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, माइकिंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को घाटों पर उपलब्ध सुविधाओं और आवश्यक सूचनाओं की जानकारी निरंतर दी जाए।
आधारभूत सुविधाओं का विस्तृत इंतजाम
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पटना में गंगा नदी पर कुल 103 घाट हैं — इनमें 91 सुरक्षित, 5 खतरनाक और 7 घाटों पर निर्माण कार्य जारी है। छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 552 अस्थायी शौचालय, 450 अस्थायी यूरिनल, 400 अस्थायी चेंजिंग रूम, 13 यात्री शेड और 171 वॉच टावर स्थापित किए गए हैं।
इसके अलावा पटना नगर निगम द्वारा 92 घाटों और 103 तालाबों को छठ महापर्व के लिए तैयार किया जा रहा है, जिनमें 37 कृत्रिम और 66 स्थायी तालाब शामिल हैं।
21 सेक्टरों में बंटी निगरानी व्यवस्था
अधिकारियों ने बताया कि घाटों पर व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन की निगरानी के लिए 21 सेक्टर गठित किए गए हैं। प्रत्येक सेक्टर में पदाधिकारियों और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
यह ऐसे समय में आया है जब छठ महापर्व के दौरान पटना के घाटों पर हर वर्ष लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं और भीड़ प्रबंधन एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती रही है। मुख्यमंत्री के इस स्थलीय निरीक्षण को प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।