बिहार बाढ़ राहत: मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की समीक्षा, 9 अक्टूबर को DBT से जीआर राशि होगी ट्रांसफर
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 30 सितंबर 2026 (बुधवार) को आपदा प्रबंधन विभाग में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए राज्य में बाढ़ की स्थिति और चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री द्वारा 9 अक्टूबर को डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से पात्र बाढ़ प्रभावित परिवारों के खातों में जीआर (अनुग्रह राहत) राशि का अंतरण किया जाएगा।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल भी शामिल रहे। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सुपौल और सहरसा जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े। सभी जिलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में बाढ़ की मौजूदा स्थिति और प्रशासनिक कार्यों की अद्यतन जानकारी मुख्य सचिव को दी।
मुख्य घटनाक्रम और अधिकारियों को निर्देश
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ आवश्यक सहायता पहुँचाई जाए। उन्होंने तटबंधों की निरंतर निगरानी और संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी संभावित संकट से समय रहते निपटा जा सके। साथ ही जिलाधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा गया।
बैठक में राहत शिविरों, सामुदायिक रसोई, नावों के परिचालन, तटबंध निगरानी और राहत सामग्री वितरण की विस्तृत समीक्षा की गई। गौरतलब है कि बिहार में बाढ़ प्रतिवर्ष लाखों परिवारों को प्रभावित करती है, और इस बार भी उत्तर बिहार के कई ज़िले जलमग्न हैं।
राहत शिविर और सामुदायिक रसोई की स्थिति
बाढ़ प्रभावित इलाकों में फिलहाल 6 राहत शिविर संचालित हैं, जहाँ 3,550 बाढ़ प्रभावित लोगों को आवासन, भोजन और चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्य सचिव ने शिविरों में भोजन, पेयजल और स्वच्छता की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, 100 सामुदायिक रसोई केंद्र सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से अब तक करीब 1.40 लाख लोगों को भोजन कराया जा चुका है। मुख्य सचिव ने आवश्यकतानुसार इन केंद्रों की संख्या और लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
नावें, राशन और पशुचारा वितरण
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और निष्क्रमण के लिए 221 नावों का परिचालन किया जा रहा है। राहत सामग्री के अंतर्गत अब तक 2,400 से अधिक ड्राई राशन पैकेट और 10,400 पॉलीथिन शीट वितरित की जा चुकी हैं। बैठक में पशुचारा वितरण की भी समीक्षा हुई और अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पशुपालकों की ज़रूरत के मुताबिक पशुचारा उपलब्ध कराया जाए।
9 अक्टूबर को होगा जीआर राशि का डीबीटी अंतरण
बाढ़ प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली जीआर (अनुग्रह राहत) राशि के वितरण की तैयारियों की भी समीक्षा बैठक में की गई। अधिकारियों को सूचित किया गया कि मुख्यमंत्री द्वारा 9 अक्टूबर को डीबीटी के माध्यम से पात्र परिवारों के बैंक खातों में सीधे राशि अंतरित की जाएगी। मुख्य सचिव ने सभी आवश्यक तैयारियाँ समय पर पूरी करने और पात्र लाभुकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सहायता राशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। यह कदम यह सुनिश्चित करने की दिशा में है कि राहत बिचौलियों के बिना सीधे प्रभावित परिवारों तक पहुँचे।