30 सितंबर 2026
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बिहार बाढ़ राहत: मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की समीक्षा, 9 अक्टूबर को DBT से जीआर राशि होगी ट्रांसफर

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बिहार बाढ़ राहत: मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की समीक्षा, 9 अक्टूबर को DBT से जीआर राशि होगी ट्रांसफर

सारांश

बिहार में बाढ़ राहत कार्यों की मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बुधवार को 9 प्रभावित जिलों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा की। 6 राहत शिविरों में 3,550 लोग, 100 सामुदायिक रसोई से 1.40 लाख को भोजन, और 9 अक्टूबर को DBT से जीआर राशि ट्रांसफर होगी।

मुख्य बातें

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 30 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए बाढ़ राहत की समीक्षा की।
9 अक्टूबर को मुख्यमंत्री द्वारा डीबीटी (DBT) के माध्यम से पात्र बाढ़ प्रभावित परिवारों के खाते में जीआर राशि अंतरित होगी।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में 6 राहत शिविर संचालित, जहाँ 3,550 लोगों को आवास, भोजन और चिकित्सा सुविधाएँ मिल रही हैं।
100 सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से अब तक करीब 1.40 लाख लोगों को भोजन कराया गया।
राहत के रूप में 2,400 से अधिक ड्राई राशन पैकेट और 10,400 पॉलीथिन शीट वितरित; 221 नावें परिचालन में।
पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सुपौल और सहरसा के जिलाधिकारी बैठक में शामिल हुए।

बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 30 सितंबर 2026 (बुधवार) को आपदा प्रबंधन विभाग में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए राज्य में बाढ़ की स्थिति और चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्यमंत्री द्वारा 9 अक्टूबर को डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से पात्र बाढ़ प्रभावित परिवारों के खातों में जीआर (अनुग्रह राहत) राशि का अंतरण किया जाएगा।

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद

इस समीक्षा बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल भी शामिल रहे। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सुपौल और सहरसा जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े। सभी जिलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में बाढ़ की मौजूदा स्थिति और प्रशासनिक कार्यों की अद्यतन जानकारी मुख्य सचिव को दी।

मुख्य घटनाक्रम और अधिकारियों को निर्देश

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ आवश्यक सहायता पहुँचाई जाए। उन्होंने तटबंधों की निरंतर निगरानी और संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी संभावित संकट से समय रहते निपटा जा सके। साथ ही जिलाधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा गया।

बैठक में राहत शिविरों, सामुदायिक रसोई, नावों के परिचालन, तटबंध निगरानी और राहत सामग्री वितरण की विस्तृत समीक्षा की गई। गौरतलब है कि बिहार में बाढ़ प्रतिवर्ष लाखों परिवारों को प्रभावित करती है, और इस बार भी उत्तर बिहार के कई ज़िले जलमग्न हैं।

राहत शिविर और सामुदायिक रसोई की स्थिति

बाढ़ प्रभावित इलाकों में फिलहाल 6 राहत शिविर संचालित हैं, जहाँ 3,550 बाढ़ प्रभावित लोगों को आवासन, भोजन और चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्य सचिव ने शिविरों में भोजन, पेयजल और स्वच्छता की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा, 100 सामुदायिक रसोई केंद्र सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से अब तक करीब 1.40 लाख लोगों को भोजन कराया जा चुका है। मुख्य सचिव ने आवश्यकतानुसार इन केंद्रों की संख्या और लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

नावें, राशन और पशुचारा वितरण

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और निष्क्रमण के लिए 221 नावों का परिचालन किया जा रहा है। राहत सामग्री के अंतर्गत अब तक 2,400 से अधिक ड्राई राशन पैकेट और 10,400 पॉलीथिन शीट वितरित की जा चुकी हैं। बैठक में पशुचारा वितरण की भी समीक्षा हुई और अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पशुपालकों की ज़रूरत के मुताबिक पशुचारा उपलब्ध कराया जाए।

9 अक्टूबर को होगा जीआर राशि का डीबीटी अंतरण

बाढ़ प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली जीआर (अनुग्रह राहत) राशि के वितरण की तैयारियों की भी समीक्षा बैठक में की गई। अधिकारियों को सूचित किया गया कि मुख्यमंत्री द्वारा 9 अक्टूबर को डीबीटी के माध्यम से पात्र परिवारों के बैंक खातों में सीधे राशि अंतरित की जाएगी। मुख्य सचिव ने सभी आवश्यक तैयारियाँ समय पर पूरी करने और पात्र लाभुकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सहायता राशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। यह कदम यह सुनिश्चित करने की दिशा में है कि राहत बिचौलियों के बिना सीधे प्रभावित परिवारों तक पहुँचे।

संपादकीय दृष्टिकोण

राहत शिविर और डीबीटी ट्रांसफर की घोषणाएँ। असली सवाल यह है कि 9 अक्टूबर को होने वाला जीआर अंतरण कितने पात्र परिवारों तक वास्तव में पहुँचेगा, जबकि अतीत में डेटाबेस की कमियों और बैंक खातों की अनुपलब्धता के कारण कई पात्र लाभार्थी छूट जाते रहे हैं। उत्तर बिहार की बाढ़-प्रवणता एक संरचनात्मक समस्या है, जिसे वार्षिक राहत चक्र से नहीं, बल्कि दीर्घकालिक तटबंध प्रबंधन और जल निकासी नीति से ही हल किया जा सकता है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में बाढ़ प्रभावित परिवारों को जीआर राशि कब मिलेगी?
मुख्यमंत्री द्वारा 9 अक्टूबर 2026 को डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से पात्र बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में सीधे जीआर (अनुग्रह राहत) राशि अंतरित की जाएगी। सभी आवश्यक तैयारियाँ समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार में अभी कितने राहत शिविर चल रहे हैं और कितने लोग वहाँ हैं?
बाढ़ प्रभावित इलाकों में अभी 6 राहत शिविर संचालित हैं, जिनमें 3,550 बाढ़ प्रभावित लोगों को आवास, भोजन और चिकित्सा सुविधाएँ दी जा रही हैं। मुख्य सचिव ने शिविरों में सभी ज़रूरी सुविधाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
30 सितंबर की बाढ़ राहत समीक्षा बैठक में कौन-कौन से जिले शामिल थे?
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सुपौल और सहरसा के जिलाधिकारी जुड़े। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की।
बिहार बाढ़ राहत में अब तक कितनी सामग्री वितरित की गई है?
अब तक 2,400 से अधिक ड्राई राशन पैकेट और 10,400 पॉलीथिन शीट वितरित की जा चुकी हैं। इसके अलावा 100 सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से करीब 1.40 लाख लोगों को भोजन कराया गया है और 221 नावें आवागमन के लिए संचालित हैं।
मुख्य सचिव ने बाढ़ राहत को लेकर अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को तटबंधों की निरंतर निगरानी, संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता और प्रभावित परिवारों तक तत्काल सहायता पहुँचाने के निर्देश दिए। उन्होंने सामुदायिक रसोई की संख्या बढ़ाने और पशुपालकों के लिए पशुचारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी ज़ोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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