बिहार में 10 जून से लघु खनिज परिवहन के लिए इंटर स्टेट ट्रांजिट पास अनिवार्य, ₹60 प्रति मीट्रिक टन शुल्क
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के खान एवं भूतत्व विभाग, पटना ने अधिसूचना जारी कर अन्य राज्यों से बालू, पत्थर और अन्य लघु खनिज लेकर बिहार में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों के लिए इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (आईएसटीपी) अनिवार्य कर दिया है। यह नियम 10 जून 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएगा। नवादा जिला खनन पदाधिकारी ने शनिवार, 6 जून को इसकी पुष्टि की।
आईएसटीपी क्या है और यह कैसे काम करेगा
इंटर स्टेट ट्रांजिट पास एक डिजिटल परमिट है जिसे वाहन मालिकों को आईएसटीपी पोर्टल पर पंजीकरण कराकर प्राप्त करना होगा। विभागीय आदेश के अनुसार, स्रोत स्थल से परिवहन चालान निर्गत होने के छह घंटे के भीतर वाहन पर लदे खनिज की मात्रा के अनुरूप आईएसटीपी प्राप्त करना अनिवार्य है।
शुल्क की दर ₹60 प्रति मीट्रिक टन तथा ₹85 प्रति घनमीटर निर्धारित की गई है। भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा।
पंजीकरण प्रक्रिया
वाहन मालिकों को सबसे पहले आईएसटीपी पोर्टल पर जाकर अपना पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के बाद प्राप्त लॉगिन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से पोर्टल पर लॉगिन कर आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी। आईएसटीपी चालान की वैधता संबंधित खनिज परिवहन चालान की वैधता के अनुरूप रहेगी।
दस्तावेज़ और अनुपालन
खनिज परिवहन के दौरान चालक को इंटर स्टेट ट्रांजिट पास के साथ-साथ संबंधित राज्य से निर्गत वैध खनिज परिवहन चालान भी साथ रखना अनिवार्य होगा। जाँच के दौरान इनमें से कोई भी एक दस्तावेज़ अनुपलब्ध पाए जाने पर बिहार खनिज (समाहरण, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली, 2019 यथा संशोधित 2026 के प्रावधानों के अंतर्गत दंड अधिरोपित किया जाएगा।
नियम उल्लंघन पर कार्रवाई
अवैध खनिज परिवहन में पकड़े गए वाहनों को जुर्माना भुगतान के पश्चात ही छोड़ा जाएगा। विभाग ने वाहन मालिकों से 10 जून 2026 से पहले पंजीकरण पूर्ण कर लेने की अपील की है ताकि परिवहन बाधित न हो।
यह कदम बिहार में लघु खनिजों के अवैध परिवहन पर लगाम लगाने और राजस्व संग्रह को पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल माना जा रहा है।