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बिहार में 30 से अधिक मिनरल ब्लॉक की नीलामी 30 सितंबर तक, 15 अक्टूबर से माइनिंग शुरू: CM सम्राट चौधरी

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बिहार में 30 से अधिक मिनरल ब्लॉक की नीलामी 30 सितंबर तक, 15 अक्टूबर से माइनिंग शुरू: CM सम्राट चौधरी

सारांश

बिहार सरकार ने 30 सितंबर तक 30 से अधिक मिनरल ब्लॉक की नीलामी और 15 अक्टूबर से माइनिंग शुरू करने का लक्ष्य तय किया है। ₹3.47 लाख करोड़ के बजट और नवंबर तक ₹5 लाख करोड़ निवेश के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ, यह बिहार की खनिज अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की बड़ी कोशिश है।

मुख्य बातें

CM सम्राट चौधरी ने 17 अगस्त को पटना में NMEDT कार्यशाला का उद्घाटन किया।
बिहार 30 सितंबर 2026 तक 30 से अधिक मिनरल ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया पूरी करेगा।
माइनिंग गतिविधियाँ 15 अक्टूबर से शुरू होने का लक्ष्य; 44 में से 28 ब्लॉक में सर्वे पूरा।
बिहार का बजट ₹3.47 लाख करोड़ ; नवंबर 2026 तक ₹5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य।
रोहतास, औरंगाबाद, जमुई, गया, बांका, भागलपुर में प्रमुख खनिज भंडार चिह्नित।
शेष ब्लॉक का कार्य नौ महीने में पूरा करने के निर्देश।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार, 17 अगस्त को पटना में घोषणा की कि राज्य 30 सितंबर 2026 तक 30 से अधिक मिनरल ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया पूरी कर लेगा और 15 अक्टूबर से माइनिंग गतिविधियाँ आरंभ करने का लक्ष्य है। यह ऐलान केंद्रीय कोयला और खान मंत्रालय तथा नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट (NMEDT) द्वारा आयोजित एक कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री चौधरी ने बताया कि बिहार के कुल 44 माइनिंग ब्लॉक में से 28 ब्लॉक में सर्वे कार्य पहले ही आगे बढ़ चुका है। कई ब्लॉक टेंडर प्रक्रिया में आ चुके हैं, जबकि शेष के लिए कार्रवाई जारी है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बाकी काम नौ महीने के भीतर पूरा किया जाए।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार अपनी खनिज संपदा को राजस्व और रोज़गार के स्रोत के रूप में व्यवस्थित ढंग से विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है। गौरतलब है कि राज्य का बजट अब ₹3.47 लाख करोड़ तक पहुँच चुका है और सरकार नवंबर 2026 तक ₹5 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने के लक्ष्य पर काम कर रही है।

बिहार की खनिज संपदा

चौधरी ने राज्य के विभिन्न जिलों में मौजूद खनिज भंडारों का विवरण दिया। रोहतास में लाइमस्टोन, औरंगाबाद में खनिज संसाधन, जहानाबाद और जमुई में भंडार, तथा गया, बांका और भागलपुर में अतिरिक्त संभावनाएँ मौजूद हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इन संसाधनों का दोहन राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करते हुए किया जाएगा। रॉयल्टी से प्राप्त राजस्व का उपयोग जनहित और विकास कार्यों में किया जाएगा।

निवेशकों को आमंत्रण

मुख्यमंत्री ने निवेशकों को खुले मन से बिहार में निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, 'हम सभी से आग्रह करते हैं कि वे खुले मन से बिहार में निवेश करें। बिहार को आगे बढ़ाने में मदद करें। आप यहाँ पूरी तरह सुरक्षित हैं और बिना किसी डर के अपना काम करें। बिहार सरकार हर तरह से आपका समर्थन करेगी।'

सरकार औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए छूट और प्रोत्साहन योजनाएँ भी दे रही है। मिनरल से जुड़े केंद्र स्थापित करने की योजना भी इसी व्यापक निवेश रणनीति का हिस्सा है।

केंद्र-राज्य समन्वय

चौधरी ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी के साथ इस विषय पर विस्तृत बातचीत की है। कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला और खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे और मंत्रालय के संयुक्त सचिव कदम संदीप वी. ने भी संबोधन दिया। दुबे ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें एक हरा पौधा, पुष्पगुच्छ और प्रतीक चिह्न भेंट किया।

आगे की राह

यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विज़न और 'समृद्ध बिहार' के लक्ष्य से सीधे जुड़ा है। माइनिंग गतिविधियों के 15 अक्टूबर से शुरू होने के साथ, बिहार की अर्थव्यवस्था में खनिज क्षेत्र की भूमिका आने वाले महीनों में और स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन की गति का है — राज्य में पर्यावरणीय मंज़ूरियों और भूमि अधिग्रहण की जटिलताएँ अक्सर ऐसी समयसीमाओं को पटरी से उतारती रही हैं। ₹5 लाख करोड़ के निवेश लक्ष्य और नवंबर की समयसीमा के बीच महज़ कुछ महीनों का फ़ासला है, जो इस घोषणा को महत्वाकांक्षी के साथ-साथ जोखिम भरा भी बनाता है। रॉयल्टी राजस्व को 'जनहित' में लगाने का वादा तब तक अधूरा है जब तक कि इसका पारदर्शी लेखा-जोखा सार्वजनिक न हो। बिहार की खनिज नीति की असली परीक्षा अक्टूबर के बाद शुरू होगी।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में मिनरल ब्लॉक की नीलामी कब तक होगी?
बिहार सरकार ने 30 सितंबर 2026 तक 30 से अधिक मिनरल ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद 15 अक्टूबर से माइनिंग गतिविधियाँ शुरू करने की योजना है।
बिहार के किन जिलों में खनिज भंडार हैं?
CM सम्राट चौधरी के अनुसार रोहतास में लाइमस्टोन, औरंगाबाद में खनिज संसाधन, जहानाबाद और जमुई में भंडार, तथा गया, बांका और भागलपुर में अतिरिक्त खनिज संभावनाएँ चिह्नित की गई हैं।
बिहार का निवेश लक्ष्य क्या है और इसे कब तक हासिल करना है?
बिहार सरकार नवंबर 2026 तक ₹5 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। राज्य का मौजूदा बजट ₹3.47 लाख करोड़ है और मिनरल डेवलपमेंट को इस व्यापक निवेश रणनीति से जोड़ा गया है।
NMEDT क्या है और इस कार्यशाला का उद्देश्य क्या था?
NMEDT यानी नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट, केंद्रीय कोयला और खान मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाली संस्था है। 17 अगस्त को पटना में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य महत्वपूर्ण और रणनीतिक मिनरल ब्लॉक की नीलामी प्रक्रिया को गति देना था।
बिहार में माइनिंग से मिलने वाले राजस्व का उपयोग कैसे होगा?
CM चौधरी ने स्पष्ट किया कि रॉयल्टी से प्राप्त राजस्व का उपयोग जनहित और विकास कार्यों में किया जाएगा। साथ ही, राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करते हुए खनिज संसाधनों का व्यवस्थित दोहन सुनिश्चित किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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