10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बीएस-VI वाहनों के लिए पीयूसीसी वैलिडिटी तीन साल करने का प्रस्ताव, केंद्र सरकार दे सकती है बड़ी राहत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बीएस-VI वाहनों के लिए पीयूसीसी वैलिडिटी तीन साल करने का प्रस्ताव, केंद्र सरकार दे सकती है बड़ी राहत

सारांश

केंद्र सरकार बीएस-VI निजी वाहनों के लिए पीयूसीसी वैलिडिटी एक साल से बढ़ाकर तीन साल करने पर विचार कर रही है। बीएस-VI गाड़ियाँ बीएस-IV की तुलना में 82% कम पार्टिकुलेट मैटर उत्सर्जित करती हैं — यही इस प्रस्ताव का आधार है। मंजूरी मिली तो छह साल तक की गाड़ियों के मालिकों को केवल दो बार रिन्यूअल कराना होगा।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार बीएस-VI निजी वाहनों के लिए पीयूसीसी वैलिडिटी मौजूदा एक साल से बढ़ाकर तीन साल करने पर विचार कर रही है।
छह साल तक पुरानी बीएस-VI निजी गाड़ियों के लिए तीन साल , छह से दस साल पुरानी के लिए सालाना , और दस साल से अधिक पुरानी गाड़ियों के लिए हर छह महीने में रिन्यूअल का प्रावधान प्रस्तावित है।
कमर्शियल बीएस-VI वाहनों के लिए छह साल तक की उम्र में दो साल की वैलिडिटी प्रस्तावित है।
बीएस-VI गाड़ियाँ बीएस-IV की तुलना में 82% कम पार्टिकुलेट मैटर और 25% कम नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जित करती हैं।
पूर्व डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अनिल छिकारा ने वाहन रखरखाव मानकों पर भी ध्यान देने की सलाह दी है।

केंद्र सरकार भारत स्टेज VI (बीएस-VI) वाहनों के लिए पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (पीयूसीसी) के नवीनीकरण नियमों में बड़ी ढील देने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार, नई बीएस-VI निजी गाड़ियों के लिए पीयूसीसी की वैलिडिटी मौजूदा एक साल से बढ़ाकर तीन साल किए जाने की संभावना है, जिससे लाखों वाहन मालिकों को सीधी राहत मिलेगी।

प्रस्तावित नियम की मुख्य बातें

प्रस्तावित बदलाव के तहत छह साल तक पुरानी बीएस-VI निजी गाड़ियों के लिए पीयूसीसी की वैलिडिटी तीन साल होगी। इसका अर्थ है कि गाड़ी की शुरुआती छह वर्षों में मालिक को केवल दो बार सर्टिफिकेट रिन्यू कराना होगा, जबकि अभी यह प्रक्रिया हर साल करनी पड़ती है।

छह से दस साल पुरानी बीएस-VI निजी गाड़ियों के लिए वार्षिक नवीनीकरण अनिवार्य रहेगा। वहीं, दस साल से अधिक पुरानी गाड़ियों के लिए हर छह महीने में पीयूसीसी रिन्यू कराना होगा।

कमर्शियल वाहनों के लिए अलग प्रावधान

सरकार कमर्शियल बीएस-VI वाहनों के लिए भी अलग नियमों पर विचार कर रही है। छह साल तक पुरानी कमर्शियल गाड़ियों के लिए पीयूसीसी वैलिडिटी दो साल तक बढ़ाई जा सकती है। इसके बाद छह साल से अधिक उम्र के कमर्शियल वाहनों पर निजी गाड़ियों वाला नवीनीकरण कार्यक्रम ही लागू होगा।

बीएस-VI वाहनों का उत्सर्जन आधार

यह प्रस्ताव बीएस-VI गाड़ियों के काफी कम उत्सर्जन स्तर पर आधारित है। बीएस-VI मानकों वाले वाहन, बीएस-IV गाड़ियों की तुलना में 82 प्रतिशत तक कम पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) और लगभग 25 प्रतिशत कम नाइट्रोजन ऑक्साइड (एनओएक्स) उत्सर्जित करते हैं। यही कारण है कि अधिकारियों का मानना है कि नए वाहनों के लिए बार-बार जाँच की आवश्यकता तुलनात्मक रूप से कम है।

गौरतलब है कि यह प्रस्ताव पुरानी और अधिक प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों के उपयोग को हतोत्साहित करने की व्यापक नीति का भी हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार, सरकार साथ ही पीयूसीसी परीक्षण प्रक्रिया को और अधिक सटीक बनाने तथा उत्सर्जन रीडिंग में हेरफेर रोकने पर भी काम कर रही है।

विशेषज्ञों की राय

इस प्रस्ताव को विशेषज्ञों का व्यापक समर्थन मिला है। सड़क परिवहन मंत्रालय के एक पूर्व संयुक्त सचिव ने कहा कि बीएस-VI गाड़ियों के कम उत्सर्जन को देखते हुए लंबी वैलिडिटी अवधि उचित और तार्किक है।

हालाँकि, कुछ विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। पूर्व डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अनिल छिकारा ने कहा कि सरकार को वाहन रखरखाव मानकों पर भी ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ठीक से रखरखाव न किए जाने पर नई गाड़ियाँ भी अधिक उत्सर्जन कर सकती हैं। यह चिंता उन शहरों में विशेष रूप से प्रासंगिक है जहाँ वायु गुणवत्ता पहले से ही खराब है।

आगे क्या होगा

यह प्रस्ताव अभी विचाराधीन है और इसे अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। मंजूरी मिलने के बाद यह बदलाव देशभर में बीएस-VI वाहन मालिकों के लिए अनुपालन बोझ को उल्लेखनीय रूप से कम करेगा। नए नियम लागू होने पर वाहन मालिकों को समय और धन दोनों की बचत होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती क्रियान्वयन में है — भारत में वाहन रखरखाव की स्थिति अक्सर कागज़ों पर अच्छी और सड़क पर खराब होती है। बीएस-VI मानक उत्सर्जन को नियंत्रित करते हैं, परंतु खराब रखरखाव वाली नई गाड़ी भी मानक तोड़ सकती है — और तीन साल की लंबी वैलिडिटी में यह पकड़ में नहीं आएगी। जब तक पीयूसीसी परीक्षण केंद्रों की विश्वसनीयता और हेरफेर-रोधी व्यवस्था सुनिश्चित नहीं होती, तब तक वैलिडिटी बढ़ाना सुविधा तो देगा, लेकिन वायु गुणवत्ता की निगरानी में अंतराल भी छोड़ेगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीएस-VI वाहनों के लिए पीयूसीसी वैलिडिटी तीन साल करने का प्रस्ताव क्या है?
केंद्र सरकार बीएस-VI निजी गाड़ियों के लिए पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट की वैलिडिटी मौजूदा एक साल से बढ़ाकर तीन साल करने पर विचार कर रही है। यह प्रस्ताव अभी अंतिम मंजूरी के चरण में नहीं पहुँचा है।
नए नियम लागू होने पर गाड़ी मालिकों को कितनी बार पीयूसीसी रिन्यू कराना होगा?
छह साल तक पुरानी बीएस-VI निजी गाड़ियों के लिए शुरुआती छह वर्षों में केवल दो बार रिन्यूअल कराना होगा। छह से दस साल पुरानी गाड़ियों के लिए सालाना और दस साल से अधिक पुरानी गाड़ियों के लिए हर छह महीने में रिन्यूअल अनिवार्य रहेगा।
कमर्शियल बीएस-VI वाहनों के लिए क्या नियम प्रस्तावित हैं?
छह साल तक पुरानी कमर्शियल बीएस-VI गाड़ियों के लिए पीयूसीसी वैलिडिटी दो साल तक बढ़ाई जा सकती है। इसके बाद छह साल से अधिक उम्र के कमर्शियल वाहनों पर निजी गाड़ियों वाला नवीनीकरण कार्यक्रम ही लागू होगा।
बीएस-VI गाड़ियाँ बीएस-IV से कितनी कम प्रदूषण फैलाती हैं?
बीएस-VI मानकों वाले वाहन, बीएस-IV गाड़ियों की तुलना में 82 प्रतिशत तक कम पार्टिकुलेट मैटर और लगभग 25 प्रतिशत कम नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जित करते हैं। यही वैज्ञानिक आधार इस प्रस्ताव की नींव है।
विशेषज्ञों ने इस प्रस्ताव पर क्या चिंताएँ जताई हैं?
पूर्व डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अनिल छिकारा ने कहा है कि सरकार को वाहन रखरखाव मानकों पर भी ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ठीक से रखरखाव न किए जाने पर नई गाड़ियाँ भी अधिक उत्सर्जन कर सकती हैं। उन्होंने सुझाया कि वैलिडिटी बढ़ाने के साथ-साथ परीक्षण प्रक्रिया को भी मज़बूत किया जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले