बिहार CM सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला: '1 अणे मार्ग' अब 'लोक सेवक आवास' कहलाएगा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार, 6 मई 2025 को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए पटना स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास '1, अणे मार्ग' का नाम बदलकर 'लोक सेवक आवास' कर दिया। बिहार भवन निर्माण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह नामकरण तत्काल प्रभाव से सभी आधिकारिक उद्देश्यों के लिए लागू होगा।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आवास संख्या 1, अणे मार्ग, पटना को अब 'लोक सेवक आवास, अणे मार्ग, पटना' के रूप में जाना जाएगा। भू-संपदा पदाधिकारी सह संयुक्त सचिव शिव रंजन ने बताया कि पूर्व के आदेश को विखंडित करते हुए आवास संख्या 5, देशरत्न मार्ग, पटना को अस्थायी रूप से 1, अणे मार्ग का विस्तारित अंश घोषित किया गया है।
गौरतलब है कि दशकों से 1, अणे मार्ग बिहार के मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास रहा है और राज्य के अनेक बड़े राजनीतिक एवं प्रशासनिक निर्णयों का यह पता गवाह बना है।
नीतीश कुमार का आवास परिवर्तन
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में 1, अणे मार्ग खाली किया और वे अब 7, सर्कुलर रोड स्थित आवास में चले गए हैं। इस प्रकार 1, अणे मार्ग फिलहाल रिक्त है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार अपनी प्रशासनिक पहचान स्थापित करने में जुटी है।
सम्राट चौधरी का आवास निर्णय
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अभी तक 1, अणे मार्ग में स्थानांतरित नहीं हुए हैं। वे फिलहाल 5, देशरत्न मार्ग में ही निवास करते रहेंगे और इसे खाली नहीं करेंगे। प्रशासनिक आदेश के अनुसार, 5, देशरत्न मार्ग को अस्थायी रूप से 1, अणे मार्ग का विस्तारित अंश माना जाएगा, जिससे दोनों पते एक ही आधिकारिक परिसर का हिस्सा बन जाएँगे।
नामकरण का प्रतीकात्मक महत्व
'लोक सेवक आवास' नाम को एक प्रतीकात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है — यह दर्शाता है कि यह आवास किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि जनसेवा की भावना से जुड़ा एक संस्थागत पद का प्रतीक है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह कदम सम्राट चौधरी की सरकार की जन-केंद्रित छवि को रेखांकित करने का प्रयास है।
आगे की स्थिति
बिहार भवन निर्माण विभाग का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। अब देखना होगा कि सम्राट चौधरी कब 'लोक सेवक आवास' में स्थायी रूप से स्थानांतरित होते हैं और इस ऐतिहासिक पते पर नई सरकार की प्रशासनिक गतिविधियाँ किस रूप में आगे बढ़ती हैं।