बिहार: खनन विभाग के डाटा ऑपरेटर और उसके सहयोगी को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया
सारांश
Key Takeaways
- भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
- डाटा ऑपरेटर और सहयोगी को रंगे हाथों पकड़ा गया।
- गिट्टी दुकान के लाइसेंस के लिए रिश्वत मांगी गई थी।
- निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 36वें मामले की प्राथमिकी दर्ज की।
- रिश्वतखोरी के खिलाफ निरंतर अभियान जारी है।
पटना, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बुधवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए वैशाली जिले के हाजीपुर में खनन विभाग के डाटा इंट्री ऑपरेटर और उसके सहयोगी को ५० हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह राशि गिट्टी की दुकान के लाइसेंस जारी करने के लिए मांगी जा रही थी।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र के निवासी जिमदार कुमार ने पटना ब्यूरो के मुख्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि गिट्टी भंडारण दुकान के लिए लाइसेंस जारी करने के बदले खनन विभाग के डाटा ऑपरेटर राहुल कुमार रौशन द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। जब इस शिकायत की जांच की गई, तो आरोपी द्वारा रिश्वत की मांग करने के सबूत मिले।
प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद, इस मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस उपाधीक्षक सदानंद कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया।
उन्होंने कहा कि निगरानी विभाग ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की। जैसे ही डाटा ऑपरेटर और उसके सहयोगी प्रमोद कुमार ने रिश्वत की राशि अपने हाथ में ली, निगरानी विभाग की टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। बताया गया कि यह कार्रवाई जिला खनन विभाग के कार्यालय से की गई है। आरोपियों के पास से पूरी घूस की राशि बरामद कर ली गई है।
अधिकारी ने कहा कि पकड़े गए लोगों से पूछताछ के बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।
ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया कि विभाग द्वारा भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। इस साल निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा यह 36वां मामला है, जिसमें ट्रैप संबंधित यह 28वां मामला है। अब तक 25 आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।