क्या बिहार में राजद के ‘जमाई आयोग’ गठन की मांग पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल का पलटवार?

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क्या बिहार में राजद के ‘जमाई आयोग’ गठन की मांग पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल का पलटवार?

सारांश

बिहार में आयोगों के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। तेजस्वी यादव ने ‘जमाई आयोग’ की मांग की है, तो दिलीप जायसवाल ने लालू यादव के अंबेडकर पर अपमान पर जवाब दिया। क्या यह राजनीतिक खेल बिहार के भविष्य को प्रभावित करेगा?

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव ने जमाई आयोग की मांग की है।
दिलीप जायसवाल ने लालू यादव पर अंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया।
बिहार में आयोगों के गठन पर राजनीतिक विवाद बढ़ा है।
बिहार की जनता को राजनीतिक मुद्दों पर विचार करना चाहिए।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप आमतौर पर चुनावी राजनीति का हिस्सा होते हैं।

पटना, 16 जून (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में आयोगों के गठन को लेकर प्रदेश सरकार पर विपक्ष का हमला जारी है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बिहार में ‘जमाई आयोग’ के गठन की मांग की है। तेजस्वी की इस मांग पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस तरह से राजद के मुखिया लालू प्रसाद यादव ने डॉ. भीमराव अंबेडकर का अपमान किया, उन्हें पहले इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

तेजस्वी यादव बिहार में जमाई आयोग की मांग कर रहे हैं। इस पर दिलीप जायसवाल ने सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन उन्होंने लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन से संबंधित एक वायरल वीडियो का उल्लेख किया।

उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि लालू प्रसाद यादव के परिवार ने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर का अपमान किया है। वे दूसरी बातें करके मामले को भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। जैसा कि मैंने कहा, अगर मैं बोलूंगा तो मेरी बातें अधिक चुभेंगी, लेकिन दलितों के मसीहा और हमारे संविधान के निर्माता बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के बारे में गुमराह करने की कोशिश न करें। लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने अंबेडकर का अपमान किया है, जिसे सहन नहीं किया जा सकता। उन्हें पहले माफी मांगनी चाहिए। उसके बाद हम जमाई आयोग के गठन पर बात करेंगे।

दरअसल, बिहार सरकार में आयोगों के गठन पर तेजस्वी यादव ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य सरकार से कड़े सवाल पूछे। उन्होंने कुछ आयोगों में नेताओं के रिश्तेदारों को स्थान देने पर प्रश्न उठाए। तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अनवधानता के कारण संविधान विरोधी, आरक्षण विरोधी, मुस्लिम विरोधी और बहुजन विरोधी तत्वों ने मुख्यमंत्री सचिवालय पर कब्जा कर लिया है। कोई अपने बेटे को, कोई दामाद को, कोई पत्नी को, तो कोई रिश्तेदार को रेवड़ी की तरह पद बांट रहा है। ठेके बांट रहा है। अब तो बिहार की जनता भी कह रही है कि एक समर्पित “जमाई आयोग” के साथ-साथ मुख्यमंत्री के खास टायर्ड-रिटायर्ड अधिकारियों की पत्नियों के लिए भी 'विशेष व्यवस्था आयोग' बनाया जाना चाहिए ताकि हर प्रकार से बिहार को लूटा जा सके।

वहीं, केदारनाथ हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर दिलीप जायसवाल ने कहा, "हां, यह बहुत दुखद है। पिछले दिनों मौसम खराब रहने के कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। हम अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

इस प्रकार के विवाद आमतौर पर चुनावी राजनीति का हिस्सा होते हैं। हमें यह समझने की जरूरत है कि ऐसे मुद्दों का प्रभाव केवल राजनीतिक दलों पर नहीं, बल्कि आम जनता की दैनिक जिंदगी पर भी पड़ता है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में जमाई आयोग की मांग क्यों की गई है?
तेजस्वी यादव ने बिहार में जमाई आयोग की मांग की है ताकि आयोगों में नेताओं के रिश्तेदारों को नियुक्ति की समस्या को दूर किया जा सके।
दिलीप जायसवाल ने लालू यादव पर क्या आरोप लगाया?
दिलीप जायसवाल ने लालू यादव पर डॉ. भीमराव अंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया और उनसे माफी की मांग की।
इस विवाद का बिहार की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
यह विवाद आगामी चुनावों में मतदाताओं की राय को प्रभावित कर सकता है और राजनीतिक दलों के बीच की प्रतिस्पर्धा को बढ़ा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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