बिहार में 'नीतीश मॉडल' का महत्व: एनडीए में राजनीतिक हलचल
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश मॉडल बिहार की राजनीति में प्रमुख है।
- भाजपा प्रवक्ता के बयान ने एनडीए में विवाद पैदा किया।
- सम्राट चौधरी के नेतृत्व पर सवाल उठाए गए।
- भविष्य की सरकारों को नीतीश कुमार के तरीकों का पालन करना होगा।
- बिहार की राजनीतिक स्थिति में आंतरिक तनाव बढ़ रहा है।
पटना, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में 'नीतीश मॉडल' और 'सम्राट मॉडल' के बीच चल रही बहस ने एक नया राजनीतिक विवाद उत्पन्न कर दिया है, जिससे एनडीए के अंदर स्पष्ट बेचैनी दिखाई दे रही है।
यह विवाद भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार के एक एक्स पोस्ट के बाद शुरू हुआ, जिसे सहयोगियों ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इर्द-गिर्द एक वैकल्पिक नेतृत्व के रूप में देखा। इस पर जनता दल (यूनाइटेड) और अन्य एनडीए सहयोगियों के नेताओं ने स्पष्ट किया कि बिहार की राजनीति में सिर्फ 'नीतीश मॉडल' ही प्रासंगिक है।
जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि राज्य में कोई समानांतर मॉडल नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार में केवल एक ही मॉडल कार्यरत है - नीतीश मॉडल। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य के शासन और राजनीतिक ढांचे में एक केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने भी इस पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार के भविष्य के किसी भी मुख्यमंत्री को नीतीश कुमार के शासन के तरीकों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि जो भी नीतीश कुमार के बाद मुख्यमंत्री बनेगा, उसे उनकी दिशा में चलना होगा, अन्यथा वह राजनीतिक रूप से टिक नहीं पाएगा।
इसी तरह की भावनाएं राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने भी व्यक्त कीं और सम्राट मॉडल के विचार को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में पहले से ही एक स्थापित विकास ढाँचा मौजूद है।
ये घटनाक्रम एनडीए के भीतर चल रही आंतरिक टकराव को दर्शाते हैं, भले ही सहयोगी सार्वजनिक रूप से नीतीश कुमार के नेतृत्व का समर्थन करते रहें।
इससे पहले, भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार के एक एक्स पोस्ट ने एनडीए गठबंधन के भीतर विवाद खड़ा किया था। उन्होंने कहा कि जब से गृह विभाग की जिम्मेदारी सम्राट चौधरी को सौंपी गई है, तब से राज्य में अपराध पर नियंत्रण के लिए बड़े पैमाने पर कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अब अपराधी खौफ में हैं और चौधरी के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तुलना करते हुए कहा कि जिस प्रकार योगी मॉडल सख्त पुलिसिंग से जुड़ा है, ठीक उसी प्रकार बिहार में भी एक सम्राट मॉडल उभर रहा है।