तिरहुत शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा की जीत, सीएम सम्राट चौधरी ने नरेंद्र सिंह को दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधान परिषद के तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जीत दर्ज की है। 27 अक्टूबर 2026 को घोषित इस परिणाम पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र प्रसाद सिंह को हार्दिक बधाई देते हुए इसे शिक्षकों के एनडीए पर विश्वास का प्रतीक बताया। 23 अक्टूबर को हुए मतदान में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 82.85 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
मुख्यमंत्री की बधाई और संदेश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'तिरहुत शिक्षक एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र सिंह की जीत पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। यह विजय शिक्षकों के एनडीए पर विश्वास का प्रतीक है। विश्वास है कि आप शिक्षक हितों, सम्मान और शिक्षा के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करेंगे।'
मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्य से शिक्षकों के हित एवं शिक्षा क्षेत्र के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास करने की अपेक्षा जताई।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी नरेंद्र प्रसाद सिंह को इस शानदार विजय पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जीत शिक्षकों के विश्वास और शिक्षा जगत के हितों के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। सरावगी ने सभी मतदाताओं एवं समर्पित कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
चुनावी प्रक्रिया और मतदान
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान संपन्न हुआ। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 82.85 प्रतिशत और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 53.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चुनावी मैदान में कुल 150 प्रत्याशी थे — स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के 90 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के 60 उम्मीदवार।
मतगणना मंगलवार को पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण के प्रमंडलीय मुख्यालयों में स्थापित मतगणना केंद्रों पर की गई। इन केंद्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के साथ-साथ पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के वोटों की गणना हुई।
विपक्ष की स्थिति
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के उम्मीदवार संजय सिंह को तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र बिहार विधान परिषद में विशेष प्रतिनिधित्व देते हैं, और इन सीटों पर जीत को सत्तारूढ़ गठबंधन की जमीनी पकड़ का संकेतक माना जाता है।
आगे की राह
नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्य नरेंद्र प्रसाद सिंह से शिक्षक समुदाय को उनकी समस्याओं के समाधान और शिक्षा नीति में सुधार की उम्मीद रहेगी। यह जीत बिहार में भाजपा नीत एनडीए के लिए एक सकारात्मक राजनीतिक संकेत के रूप में देखी जा रही है।