बिहार के गांव अब हाईवे से सीधे जुड़ेंगे, 1.21 लाख ग्रामीण बसावटों के लिए पक्की सड़कें तैयार
सारांश
Key Takeaways
- बिहार में 1.21 लाख ग्रामीण बसावटों को पक्की सड़कों से जोड़ा जाएगा।
- नई योजनाओं के तहत 74 नई योजनाएँ बनाई गई हैं।
- राज्य के दुर्गम क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जा रहा है।
- सड़क निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
पटना, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अब बिहार के गांव सीधे हाईवे से जुड़ने जा रहे हैं। इसके लिए राज्य सरकार ने ग्रामीण बसावटों को राजमार्गों से जोड़ने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। ग्रामीण कार्य विभाग ने इस संबंध में सुलभ संपर्कता योजना की शुरुआत की है।
जाने गया है कि राज्य की 1.21 लाख ग्रामीण बसावटों को अब पक्की सड़कों के माध्यम से बड़े राजमार्गों से जोड़ा जा रहा है। एक अधिकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना और ग्रामीण टोला सम्पर्क निश्चय योजना के अंतर्गत कुल 1,29,990 संपर्क विहीन ग्रामीण बसावटों का पता लगाया गया था।
अब तक 1,21,151 बसावटों को 1,20,178 किलोमीटर से अधिक लंबी पक्की बारहमासी सड़कों से जोड़ा जा चुका है। शेष बसावटों को भी जल्द ही पक्की सड़कों से जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। इस योजना में कुल 74 नई योजनाओं का चयन किया गया है, जिनमें से 65 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, और 16 महत्वपूर्ण योजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
राज्य के कुछ गांव और टोले ऐसे हैं, जहां लोगों को मुख्य सड़कों तक पहुंचने के लिए संकरे और कच्चे रास्तों से गुजरना पड़ता था। बारिश के दिनों में यह यात्रा बेहद कठिन हो जाती थी।
इस नई योजना के जरिए अब इन दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच), राज्य राजमार्ग (एसएच) और बड़े जिला पथों से जोड़ा जा रहा है। इसके अंतर्गत क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुसार नए मार्गों का निर्माण और जर्जर सड़कों का पुनर्निर्माण किया जा रहा है।