3 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कर्नाटक में 2028 में BJP सरकार बनाने का लक्ष्य: प्रभारी हरीश द्विवेदी का कांग्रेस पर तीखा हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कर्नाटक में 2028 में BJP सरकार बनाने का लक्ष्य: प्रभारी हरीश द्विवेदी का कांग्रेस पर तीखा हमला

सारांश

भाजपा प्रभारी हरीश द्विवेदी ने बेंगलुरु में दो टूक कहा — 2028 में कर्नाटक फिर भाजपा की होगी। येदियुरप्पा से मुलाकात, कोर कमेटी की बैठकें और कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के तीखे आरोपों के साथ भाजपा ने विधानसभा चुनाव की तैयारी का शंखनाद कर दिया है।

मुख्य बातें

हरीश द्विवेदी ने 3 नवंबर 2026 को बेंगलुरु में कहा कि भाजपा 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम करेगी।
कांग्रेस सरकार पर साढ़े तीन वर्षों में भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं की अनदेखी का आरोप।
दूध की कीमत में ₹8 प्रति लीटर की वृद्धि को लेकर कांग्रेस सरकार की आलोचना।
पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा से मुलाकात कर संगठनात्मक रणनीति पर मार्गदर्शन लिया।
कर्नाटक विधानसभा की चार हालिया उपचुनाव सीटों पर भाजपा-एनडीए की जीत को जनसमर्थन का प्रमाण बताया।
भाजपा-जेडी(एस) गठबंधन फिलहाल कायम; भविष्य का निर्णय वरिष्ठ नेतृत्व करेगा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कर्नाटक प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव हरीश द्विवेदी ने 3 नवंबर 2026 को बेंगलुरु में स्पष्ट किया कि पार्टी 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों में सत्ता वापस हासिल करने के दृढ़ संकल्प के साथ काम करेगी। उन्होंने राज्य की कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार और कुशासन के गंभीर आरोप लगाए।

कांग्रेस सरकार पर आरोप

द्विवेदी ने आरोप लगाया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में कांग्रेस सरकार ने आम जनता की समस्याओं की अनदेखी करते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त रही है। उनके अनुसार, कांग्रेस के नेता, विधायक, सांसद और मंत्री राज्य को लूट रहे हैं और जनता इस वास्तविकता से भलीभाँति परिचित है।

उन्होंने दूध और दही की बढ़ती कीमतों का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, दूध की कीमत में लगभग ₹8 प्रति लीटर की वृद्धि हुई है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ा है।

द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस केवल अपने नेताओं के कल्याण और गांधी परिवार के हितों की रक्षा पर केंद्रित है, जबकि आम जनता के हित पूरी तरह उपेक्षित हैं। भाजपा आने वाले दिनों में जन कल्याण से जुड़े सभी मुद्दों को उठाते हुए जनता से सीधा संपर्क स्थापित करेगी।

संगठनात्मक बैठकें और येदियुरप्पा से मुलाकात

द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने सोमवार को राज्य अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र के साथ पार्टी के पदाधिकारियों और कोर कमेटी की बैठकों में भाग लिया। इन्हें उन्होंने 'परिचयात्मक बैठकें' बताते हुए कहा कि इनमें पार्टी के संगठनात्मक ढाँचे को समझने और संगठन को अधिक सक्रिय करने के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ।

मंगलवार को द्विवेदी ने वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के संसदीय बोर्ड के सदस्य बीएस येदियुरप्पा से मुलाकात की और उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि येदियुरप्पा के नेतृत्व में भाजपा ने कर्नाटक में वर्षों तक सत्तारूढ़ और विपक्षी — दोनों भूमिकाओं में प्रभावी कार्य किया है। बैठक में इस पर भी चर्चा हुई कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से राज्य की जनता को कांग्रेस के कथित कुशासन से कैसे मुक्त किया जाए।

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर BJP का रुख

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े सवाल पर द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया कोई नई नहीं है और केवल वर्तमान सरकार के कार्यकाल तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी के दौर तक SIR अपनाया जाता रहा है।

उनके अनुसार, इस प्रक्रिया का उद्देश्य मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाना, निवास परिवर्तन को अद्यतन करना और विभिन्न स्थानों पर दर्ज डुप्लिकेट प्रविष्टियों को दुरुस्त करना है — ताकि मतदाता सूची स्वच्छ और विश्वसनीय बनी रहे।

कांग्रेस पर संस्था-विरोध का आरोप और हालिया चुनाव परिणाम

द्विवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जब भी चुनाव हारती है, आत्मनिरीक्षण के बजाय चुनाव आयोग (ECI), इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और सर्वोच्च न्यायालय को दोषी ठहराती है। उन्होंने कहा कि यह रवैया संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अनादर का परिचायक है और पार्टी गांधी परिवार को संविधान से ऊपर मानती है।

उन्होंने कर्नाटक विधानसभा की चार हालिया उपचुनाव सीटों पर भाजपा-एनडीए उम्मीदवारों की जीत का हवाला देते हुए दावा किया कि मतदाताओं, शिक्षकों और स्नातकों के समर्थन से मिली यह जीत एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश है।

भाजपा-जेडी(एस) गठबंधन और आगे की राह

भाजपा-जनता दल (सेकुलर) [JD(S)] गठबंधन की स्थिरता पर पूछे गए सवाल पर द्विवेदी ने कहा कि फिलहाल गठबंधन कायम है और अच्छी प्रगति पर है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गठबंधन की भविष्य की दिशा पर अंतिम निर्णय पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा और वे स्वयं इस विषय पर कोई घोषणा करने की स्थिति में नहीं हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में 2028 के चुनावों की तैयारियाँ अभी से शुरू होने का संकेत दे रही हैं — और भाजपा अपने संगठनात्मक ढाँचे को मज़बूत करने में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और तब से पार्टी संगठनात्मक बिखराव और येदियुरप्पा-विजयेंद्र गुट के बीच संतुलन बनाने की चुनौती से जूझ रही है। कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप राजनीतिक रूप से परिचित हैं, लेकिन दूध जैसी ज़रूरी वस्तु की कीमत का मुद्दा जन-भावना से सीधे जुड़ता है। असली परीक्षा यह होगी कि भाजपा अगले दो वर्षों में ज़मीनी संगठन खड़ा कर पाती है या नहीं — क्योंकि 2023 में तकनीकी रूप से मज़बूत पार्टी भी जनाधार खो सकती है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरीश द्विवेदी कर्नाटक में भाजपा के लिए क्या लक्ष्य लेकर आए हैं?
भाजपा के कर्नाटक प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव हरीश द्विवेदी ने 3 नवंबर 2026 को बेंगलुरु में स्पष्ट किया कि पार्टी 2028 के विधानसभा चुनावों में कर्नाटक में पुनः सरकार बनाने के दृढ़ संकल्प के साथ काम करेगी। इसके लिए संगठन को सक्रिय करने और जनता तक पहुँचने की रणनीति पर चर्चा हुई है।
द्विवेदी ने कांग्रेस सरकार पर क्या आरोप लगाए?
द्विवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया और आम जनता की समस्याओं की उपेक्षा की। उन्होंने दूध की कीमत में लगभग ₹8 प्रति लीटर की वृद्धि का भी उल्लेख किया और कहा कि कांग्रेस गांधी परिवार के हितों को जनहित से ऊपर रखती है।
भाजपा-जेडी(एस) गठबंधन की वर्तमान स्थिति क्या है?
द्विवेदी के अनुसार, भाजपा-जनता दल (सेकुलर) गठबंधन फिलहाल कायम है और अच्छी प्रगति पर है। हालाँकि, गठबंधन के भविष्य पर अंतिम निर्णय पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।
येदियुरप्पा से मुलाकात का क्या उद्देश्य था?
द्विवेदी ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा से मुलाकात कर संगठनात्मक रणनीति पर उनका मार्गदर्शन लिया। बैठक में इस पर चर्चा हुई कि आने वाले दिनों में सामूहिक प्रयासों से राज्य में कांग्रेस के कथित कुशासन के विरुद्ध जनमत कैसे तैयार किया जाए।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर भाजपा का क्या कहना है?
द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है और यह पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय से चली आ रही है। इसका उद्देश्य मृत मतदाताओं के नाम हटाना, निवास परिवर्तन अद्यतन करना और डुप्लिकेट प्रविष्टियाँ दुरुस्त करना है — ताकि मतदाता सूची स्वच्छ और विश्वसनीय बनी रहे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले