इथेनॉल ब्लेंडिंग से किसानों की आय दोगुनी: प्रदीप भंडारी ने मेरठ दौरे में केजरीवाल के दावों को नकारा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 3 अगस्त 2026 को मेरठ जिले के फाफुंडा और चंदासारा गाँवों का दौरा कर केंद्र सरकार के इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम के जमीनी असर का जायज़ा लिया। गन्ने और चावल की खेती करने वाले किसानों से सीधी बातचीत के बाद भंडारी ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के उन दावों को सिरे से खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि इथेनॉल मिश्रण से किसानों और वाहनों को नुकसान होता है।
मुख्य घटनाक्रम
भंडारी का यह दौरा शनिवार, 2 अगस्त को केजरीवाल द्वारा E-20 मुद्दे पर दिए गए भाषण के एक दिन बाद हुआ। भंडारी ने अपने आधिकारिक फेसबुक हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट में कहा, 'अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार के इंजन को नुकसान पहुँचाता है, हालाँकि सच्चाई यह है कि इससे कार के त्वरण में सुधार होता है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले तीन वर्षों से 3 से 4 करोड़ से अधिक चार पहिया वाहन और 20 करोड़ से अधिक दो पहिया वाहन लगभग 15 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर चल रहे हैं, और अब तक वाहन क्षति का कोई बड़ा मामला सामने नहीं आया है।
किसानों को हो रहे फायदे
भंडारी के अनुसार, मेरठ के किसानों ने बताया कि EBP कार्यक्रम शुरू होने के बाद से गन्ने की फसल का समय पर भुगतान मिल रहा है, जिससे साहूकारों पर उनकी निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम ने किसानों के लिए फसल बेचने का एक अतिरिक्त बाज़ार खोल दिया है, जो पारंपरिक चैनलों के पूरक के रूप में काम कर रहा है।
मक्का किसानों के संदर्भ में भंडारी ने दावा किया कि इथेनॉल मिश्रण में मक्के का योगदान 40 प्रतिशत है और किसानों को अब मक्के की कीमत ₹2,400 प्रति क्विंटल मिल रही है, जिसका अर्थ है कि उनकी आय 'लगभग दोगुनी' हो गई है। चावल की खेती के बारे में उन्होंने कहा कि भारत में माँग से अधिक चावल उत्पादन होता है और अतिरिक्त चावल का उपयोग इथेनॉल उत्पादन में किया जा रहा है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय मिल रही है।
गन्ना किसानों को ₹25,000 करोड़ का भुगतान
भंडारी ने यह भी दावा किया कि गन्ने के किसानों को अब ₹25,000 करोड़ का पूरा भुगतान 15 दिनों के भीतर मिल रहा है। उनके अनुसार, इससे ग्रामीण स्तर पर आर्थिक आत्मविश्वास मजबूत हुआ है और ऋण-निर्भरता में कमी आई है।
केजरीवाल के दावों पर BJP का पलटवार
केजरीवाल की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए भंडारी ने कहा, 'केजरीवाल ने कहा था कि मिश्रण से किसानों को नुकसान होगा। असल में सबसे ज़्यादा फायदा तो किसानों को ही हो रहा है।' उन्होंने मक्का, चावल और गन्ना उगाने वाले किसानों को इस कार्यक्रम के सबसे बड़े लाभार्थी बताया। इसके साथ ही भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जो कोई इथेनॉल मिश्रित पेट्रोलियम का विरोध कर रहा है, वह 'उन विदेशी शक्तियों का समर्थन कर रहा है जो देश के मध्यम वर्ग और किसानों का समर्थन नहीं करतीं।'
आगे क्या
यह राजनीतिक बहस ऐसे समय में तेज हुई है जब केंद्र सरकार E-20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण) के लक्ष्य की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है। भंडारी के इस दौरे को BJP की उस व्यापक रणनीति के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें ज़मीनी स्तर पर जाकर सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की आवाज़ को राजनीतिक विमर्श में केंद्र में लाया जाए। आने वाले हफ्तों में दोनों दलों के बीच इथेनॉल नीति पर बहस और तेज होने की संभावना है।