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भाजपा की विचारधारा प्रखर राष्ट्रवाद, टीएमसी नेताओं का झुकाव स्वाभाविक: प्रीति शेखर

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भाजपा की विचारधारा प्रखर राष्ट्रवाद, टीएमसी नेताओं का झुकाव स्वाभाविक: प्रीति शेखर

सारांश

भागलपुर में भाजपा नेता प्रीति शेखर ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्रीकृत नेतृत्व और संवाद की कमी से असंतोष स्वाभाविक है। उनका दावा है कि प्रखर राष्ट्रवाद की विचारधारा विपक्षी नेताओं को भाजपा की ओर खींच रही है।

मुख्य बातें

भाजपा नेता प्रीति शेखर ने 14 जून 2026 को भागलपुर में पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बयान दिया।
उन्होंने कहा कि भाजपा की मूल विचारधारा प्रखर राष्ट्रवाद है और विपक्षी नेताओं का इसकी ओर आकर्षित होना स्वाभाविक है।
टीएमसी पर आरोप — केंद्रीकृत निर्णय-प्रक्रिया और संवाद की कमी से कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा।
परिवारवाद और स्वार्थ की राजनीति करने वाले दलों को जनता जवाब देती है — प्रीति शेखर का दावा।
भाजपा में 'व्यक्ति से बड़ा दल, दल से बड़ा देश' की भावना सर्वोच्च — राष्ट्रवादी सोच वालों के लिए दरवाजे खुले।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता प्रीति शेखर ने 14 जून 2026 को भागलपुर में पश्चिम बंगाल की राजनीति और तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेतृत्व पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की मूल विचारधारा प्रखर राष्ट्रवाद पर टिकी है और विपक्षी दलों के नेताओं का इस विचारधारा की ओर आकर्षित होना पूरी तरह स्वाभाविक है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भीतर असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं।

राष्ट्रवाद की विचारधारा पर जोर

प्रीति शेखर ने कहा कि देश के हर नागरिक का राष्ट्रवादी विचारधारा की ओर खिंचाव स्वाभाविक है। उनके अनुसार, राष्ट्रवाद की भावना आज देश के हर कोने में मजबूत हो रही है और आम जनता इसे स्वीकार कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा में 'व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा देश' की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।

टीएमसी नेतृत्व पर आरोप

तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रीति शेखर ने आरोप लगाया कि टीएमसी में लंबे समय से विचारधारा का अभाव रहा है और निर्णय केंद्रीकृत तरीके से लिए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व में संवाद की कमी के कारण कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों में असंतोष बढ़ता गया। उनके अनुसार, जब किसी संगठन में लोगों की आवाज को महत्व नहीं दिया जाता, तो असंतोष का उभरना तय है।

परिवारवाद और स्वार्थ की राजनीति पर चेतावनी

भाजपा नेता ने टीएमसी की स्थिति को एक व्यापक राजनीतिक सबक बताया। उन्होंने कहा कि जो दल केवल परिवारवाद या स्वार्थ की राजनीति करते हैं, उन्हें जनता समय आने पर जवाब देती है। उनके अनुसार, राजनीति का उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनसेवा होनी चाहिए। यह स्थिति उन दलों के लिए चेतावनी है जो पारदर्शिता और संगठनात्मक लोकतंत्र को नजरअंदाज करते हैं।

भाजपा में सबके लिए दरवाजे खुले

प्रीति शेखर ने कहा कि भाजपा हर विचारधारा के लोगों का स्वागत करती है, बशर्ते वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें। उन्होंने कहा कि जो लोग राष्ट्रवादी सोच के साथ जुड़ना चाहते हैं, उनके लिए भाजपा में हमेशा दरवाजे खुले हैं। देशहित में काम करने वाले सभी लोगों को एक मंच पर आकर मजबूत भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए — यह उनका आह्वान था।

आगे क्या

प्रीति शेखर के इस बयान को पश्चिम बंगाल में भाजपा की रणनीतिक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ पार्टी टीएमसी के असंतुष्ट नेताओं को अपने पाले में लाने की कोशिश करती रही है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या टीएमसी के भीतर का असंतोष किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की दिशा में जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा लगता है — जहाँ पार्टी टीएमसी के असंतुष्ट नेताओं को लुभाने की कोशिश लगातार करती रही है। हालाँकि 'राष्ट्रवाद' को खुले दरवाजे की नीति के रूप में पेश करना एक चतुर राजनीतिक फ्रेमिंग है, लेकिन यह सवाल अनुत्तरित रहता है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा खुद संगठनात्मक लोकतंत्र के मामले में कितनी पारदर्शी है। टीएमसी पर 'परिवारवाद' का आरोप लगाना तब और पेचीदा हो जाता है जब भाजपा के भीतर भी केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रीति शेखर ने भाजपा की विचारधारा के बारे में क्या कहा?
प्रीति शेखर ने कहा कि भाजपा की मूल विचारधारा प्रखर राष्ट्रवाद पर आधारित है और देश के हर नागरिक का इसकी ओर आकर्षित होना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा में 'व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा देश' की भावना सर्वोच्च है।
प्रीति शेखर ने टीएमसी पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी में लंबे समय से विचारधारा की कमी रही और निर्णय केंद्रीकृत तरीके से लिए जाते रहे। पार्टी नेतृत्व में संवाद न होने के कारण कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों में असंतोष बढ़ा।
क्या भाजपा टीएमसी के नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल करना चाहती है?
प्रीति शेखर के अनुसार, जो लोग राष्ट्रवादी सोच के साथ जुड़ना चाहते हैं, उनके लिए भाजपा में हमेशा दरवाजे खुले हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाले हर विचारधारा के लोगों का पार्टी स्वागत करती है।
परिवारवाद की राजनीति पर प्रीति शेखर का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि जो दल केवल परिवारवाद या स्वार्थ की राजनीति करते हैं, उन्हें जनता समय आने पर जवाब देती है। टीएमसी की स्थिति को उन्होंने उन दलों के लिए चेतावनी बताया जो पारदर्शिता और संगठनात्मक लोकतंत्र को नजरअंदाज करते हैं।
यह बयान किस संदर्भ में दिया गया?
यह बयान 14 जून 2026 को भागलपुर में दिया गया, जब पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भीतर असंतोष की खबरें सामने आ रही थीं। भाजपा नेता ने इसे राष्ट्रवादी विचारधारा की स्वाभाविक जीत के रूप में पेश किया।
राष्ट्र प्रेस
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