क्या रूस ने जयराम का झूठा दावा खारिज किया? यह गलतफहमी पैदा करने की कोशिश: तुहिन सिन्हा

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क्या रूस ने जयराम का झूठा दावा खारिज किया? यह गलतफहमी पैदा करने की कोशिश: तुहिन सिन्हा

सारांश

भाजपा प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश के रूस के संबंध में बयान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे निराधार बताया और कांग्रेस के पाकिस्तान समर्थक बयानों पर सवाल उठाए। क्या यह भारत-रूस संबंधों में गलतफहमी पैदा करने की कोशिश है?

मुख्य बातें

रूस ने जयराम रमेश के दावे का खंडन किया है।
कांग्रेस के बार-बार बिना सबूत के बयान देने पर सवाल उठे हैं।
इंडिया गठबंधन का एकता केवल दिखावटी है।
भाजपा ने कांग्रेस की राजनीति पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
प्रशांत किशोर को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

मुंबई, 5 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश के उस बयान की कड़ी आलोचना की, जिसमें उन्होंने दावा किया कि रूस भारत की भावनाओं की अनदेखी करते हुए पाकिस्तान को जेएफ-17 लड़ाकू विमानों के लिए आरडी-93 एमए इंजन की आपूर्ति कर रहा है।

तुहिन सिन्हा ने इसे पूरी तरह से निराधार और तथ्यहीन करार देते हुए कहा कि रूस ने इस दावे का खंडन किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस बार-बार बिना सबूत के पाकिस्तान समर्थक बयानबाजी क्यों कर रही है, खासकर तब जब भारत और रूस के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध हैं और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दिसंबर में भारत दौरे की तैयारियां चल रही हैं।

तुहिन सिन्हा ने कहा, "शनिवार को कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पूरी तरह से निराधार आरोप लगाया कि रूस भारत की भावनाओं की अनदेखी कर रहा है और पाकिस्तान को जेएफ-17 लड़ाकू विमानों के लिए आरडी-93 एमए इंजन की आपूर्ति कर रहा है। आज रूस ने इस दावे का पूरी तरह से खंडन किया है। एक बार फिर सवाल उठता है कि कांग्रेस पार्टी तथ्यों की पुष्टि किए बिना या कोई सबूत दिए बिना पाकिस्तान समर्थक कहानी को क्यों बढ़ावा दे रही है? इसके अलावा रूस और भारत के बीच बहुत सौहार्दपूर्ण संबंध हैं और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के दिसंबर में भारत आने का कार्यक्रम है तो कांग्रेस पार्टी रूस और भारत के बीच गलतफहमी पैदा करने की कोशिश क्यों कर रही है?"

उन्होंने कहा, "कांग्रेस का यह रवैया निंदनीय है। बिना तथ्यों की जांच किए वे ऐसी कहानियां गढ़ती हैं जो भारत के हितों के खिलाफ हैं। रूस ने स्पष्ट कर दिया है कि जेएफ-17 इंजन को लेकर कोई सहयोग पाकिस्तान के साथ नहीं है। फिर भी कांग्रेस ऐसी बयानबाजी क्यों कर रही है? क्या उनका मकसद भारत-रूस संबंधों को कमजोर करना है?”

इसके साथ ही, तुहिन सिन्हा ने इंडिया गठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के हालिया बयान का हवाला दिया, जिसमें केजरीवाल ने कहा कि भविष्य में कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा।

उन्होंने कहा, "आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भविष्य में कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा। इससे एक बार फिर साबित होता है कि 'इंडिया गठबंधन' एक भ्रम है, एक मिथक है। ये पार्टियां सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी के विरोध के कारण एक साथ आती हैं और जब चुनावों में हार का सामना करती हैं तो अलग-अलग रास्ते अपना लेती हैं। अगले महीने होने वाले बिहार चुनावों में भी यही पैटर्न देखने को मिलेगा। राजद और कांग्रेस के बीच गठबंधन सिर्फ मोदी-विरोधी भावना के आधार पर है और एक बार ये पार्टियां हार जाएंगी तो एक-दूसरे पर हमला करेंगी और सिर्फ गालियां देगी। इंडिया गठबंधन की एकता केवल दिखावटी है और बिहार विधानसभा चुनाव के बाद यह गठबंधन पूरी तरह बिखर जाएगा। जनता इन पार्टियों की अवसरवादी राजनीति को समझ चुकी है और 2027 के चुनावों में इसका जवाब देगी।

तुहिन सिन्हा ने प्रशांत किशोर पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर कांग्रेस की ‘बी टीम’ की तरह काम कर रहे हैं। क्या बिहार चुनाव में किशोर को कांग्रेस ने आर्थिक समर्थन दिया है, क्योंकि कांग्रेस को पता है कि वह बिहार में कमजोर स्थिति में है।

उन्होंने कहा, “प्रशांत किशोर चुनाव के बीच अपनी कमाई का बखान कर रहे हैं। यह संदेह पैदा करता है कि क्या कांग्रेस ने उन्हें बिहार में सक्रिय करने के लिए फंडिंग की है?”

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राष्ट्रीय हितों के खिलाफ भी हो सकता है। हमें सभी राजनीतिक दलों से अपेक्षा करनी चाहिए कि वे अपनी बयानबाजी में सतर्कता बरतें।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रूस ने जयराम रमेश के दावे का खंडन कैसे किया?
रूस ने स्पष्ट रूप से जयराम रमेश के आरोपों को निराधार और तथ्यहीन बताया है।
कांग्रेस क्यों ऐसे बयान देती है?
कांग्रेस के बार-बार बिना सबूत के बयान देने के पीछे राजनीतिक लाभ प्राप्त करने की कोशिश हो सकती है।
इंडिया गठबंधन की असली स्थिति क्या है?
इंडिया गठबंधन की एकता केवल चुनावी लाभ के लिए है, जो चुनावों में हारने पर टूट सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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