सागर में भाजपा नेता पर महिला डॉक्टर से छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी का मामला, एफआईआर दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के सागर जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश युवा मोर्चा कार्यसमिति सदस्य अनिल श्रीवास्तव और उनके एक साथी के खिलाफ बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) की एक महिला डॉक्टर से कथित छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में 4 जुलाई को पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी के अनुसार, दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
घटना का विवरण
पुलिस के बयान के अनुसार, यह घटना बीती रात करीब 1 बजे की है। आरोप है कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज परिसर में मौजूद भाजपा नेता अनिल श्रीवास्तव ने महिला डॉक्टर के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उनके साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की। जब पीड़िता ने विरोध किया, तो आरोपी ने कथित रूप से उन्हें गोली मारने की धमकी दी।
महिला डॉक्टर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सोलंकी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
मेडिकल कॉलेज में हड़ताल, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
इस घटना के विरोध में बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों में भारी आक्रोश है। 4 जुलाई की सुबह से ही डॉक्टर हड़ताल पर बैठ गए, जिसके चलते अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं।
हड़ताल के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज इस क्षेत्र के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में से एक है, जहाँ बड़ी संख्या में मरीज रोज़ाना इलाज के लिए आते हैं।
डॉक्टरों की माँग और सुरक्षा व्यवस्था
हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों ने दोनों आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की माँग की है। उनका कहना है कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते, हड़ताल जारी रहेगी।
इस बीच, प्रशासन ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज परिसर और अस्पताल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में चिकित्सकों की कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर बहस तेज है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
आरोपी अनिल श्रीवास्तव भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश युवा मोर्चा की कार्यसमिति के सदस्य हैं। इस मामले में अभी तक भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आलोचकों का कहना है कि राजनीतिक संरक्षण की आशंका के बीच पुलिस की त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण है।
मामले की आगे की जाँच जारी है और पुलिस दोनों आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।