पाकिस्तानी कॉस्मेटिक उत्पादों पर भाजपा नेता नीलोत्पल मृणाल का बड़ा सवाल, PM-गृह मंत्री-CM को लिखा पत्र
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता नीलोत्पल मृणाल पांडे ने 18 जुलाई 2026 को ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पाकिस्तानी कॉस्मेटिक उत्पादों की कथित बिक्री को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे को अलग-अलग पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की माँग की है।
मुख्य आरोप और चिंताएँ
नीलोत्पल मृणाल ने कहा कि यह मामला केवल 'मेड इन पाकिस्तान' उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय हित से जुड़ा हुआ मुद्दा है। उनका दावा है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के कुछ कॉस्मेटिक उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया था, जिनमें कुछ फेयरनेस क्रीम भी शामिल थीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रतिबंधित उत्पादों में पारा (Mercury) और लेड (Lead) जैसे हानिकारक रासायनिक तत्व पाए गए थे, जिन्हें स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का संभावित कारण बताया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव की पृष्ठभूमि में आयात नियंत्रण पहले से ही कड़े किए जा चुके हैं।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बिक्री का आरोप
BJP नेता का आरोप है कि प्रतिबंध के बावजूद कुछ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऐसे पाकिस्तानी उत्पाद उपलब्ध होने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि यदि प्रतिबंधित या संदिग्ध उत्पाद अब भी बाज़ार या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक रहे हैं, तो इसकी गंभीर जाँच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारत में पाकिस्तानी वस्तुओं के आयात और बिक्री को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संवेदनशीलता काफी बढ़ी है।
स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता की अपील
नीलोत्पल मृणाल ने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे विदेशी — विशेषकर पाकिस्तान से आने वाले — कॉस्मेटिक उत्पादों का उपयोग न करें। उन्होंने कहा कि भारत में भी उच्च गुणवत्ता वाले कॉस्मेटिक उत्पाद निर्मित होते हैं, इसलिए नागरिकों को स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
सुरक्षा और आतंकवाद का कोण
BJP नेता ने यह भी दावा किया कि ऐसे उत्पादों से होने वाली कमाई का उपयोग गलत गतिविधियों और आतंकवाद में होने की आशंका जताई जाती रही है। हालाँकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने नागरिकों से सतर्क रहने और ऐसे उत्पादों की खरीद से बचने की अपील की।
आगे क्या होगा
नीलोत्पल मृणाल ने बताया कि उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को पत्र भेज दिए हैं। अब सरकार और महाराष्ट्र FDA की ओर से इस पर क्या कदम उठाए जाते हैं, यह देखना होगा। यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन सकता है।